राजस्व ग्राम बनने की ओर बढ़े वनग्राम: 15 दिन में जमीनों का रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश!
टीम डेस्क:
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राजस्व ग्राम बनने की ओर बढ़े वनग्राम: 15 दिन में जमीनों का रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश!
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प्रशिक्षण में कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया, वनमंडलाधिकारी DFO राजस्व विभाग के अधिकारी पटवारी और 26 बीट गार्ड वनरक्षक शामिल हुए। बैठक में वनग्रामों को राजस्व ग्राम बनाए जाने से जुड़ी प्रक्रिया और मैदानी स्तर पर किए जाने वाले कार्यों को लेकर कर्मचारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को निर्देश दिए गए कि संबंधित वनग्रामों में जमीनों और वहां रहने वाले लोगों से जुड़े आवश्यक कागजात तैयार करने की प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जाए। कर्मचारियों को इसके लिए 15 दिन की समय-सीमा दी गई है।
मैदानी अमले को जमीनों के रिकॉर्ड, उपलब्ध दस्तावेज और संबंधित जानकारी को व्यवस्थित तरीके से तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि आगे की राजस्व प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न आए।
वनग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित करने की प्रक्रिया में राजस्व और वन विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसी वजह से दोनों विभागों के मैदानी कर्मचारियों को एक साथ प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य दोनों विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर लंबित प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है।इस दौरान कर्मचारियों को बताया गया कि मौके पर उपलब्ध जानकारी और रिकॉर्ड का परीक्षण करते हुए आवश्यक दस्तावेज तैयार किए जाएं। वनग्रामों से संबंधित मामलों में विभागीय स्तर पर समन्वय के साथ काम करने पर भी जोर दिया गया।प्रक्रिया पूरी होने से क्या होगा
वनग्राम को राजस्व ग्राम के रूप में दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी होने पर संबंधित बसाहटों के राजस्व रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। इसके लिए भूमि और निवास से जुड़े रिकॉर्ड का सही तरीके से तैयार होना महत्वपूर्ण है।
प्रशासन का फोकस फिलहाल निर्धारित समय-सीमा में दस्तावेज तैयार कराने और विभागों के बीच समन्वय के साथ प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर है। कर्मचारियों द्वारा तैयार किए जाने वाले रिकॉर्ड और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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