अनूपपुर:- में विकास परियोजनाओं की सुस्ती पर सरकार सख्त राज्यमंत्री दिलीप जायसवाल ने बुलाई समीक्षा बैठक गुणवत्ता और समयसीमा पर दी सख्त हिदायत!
अनूपपुर: अनूपपुर जिले में विभिन्न विभागों के अंतर्गत चल रही कई महत्वपूर्ण विकास योजनाएं और निर्माण कार्य लगातार पिछड़ रहे हैं। परियोजनाओं में हो रही इस देरी और लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए शनिवार को कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दिलीप जायसवाल ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिले के सभी निर्माण एवं कार्यपालन विभागों की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई।
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बैठक के मुख्य बिंदु और सख्त निर्देश:
समयसीमा में काम पूरा करने की हिदायत: राज्यमंत्री ने निर्माण एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा कि जिले के विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की हीला हवाली या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए।
गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं: मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता उच्च स्तर की होनी चाहिए। कार्य में पाई जाने वाली किसी भी प्रकार की अनियमितता या घटिया सामग्री के उपयोग पर संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्राथमिकता के आधार पर कार्य: लंबित पड़ी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा कर आम जनता को समर्पित करने के निर्देश दिए गए ताकि बुनियादी सुविधाओं का लाभ समय पर लोगों तक पहुंच सके।
अंतर-विभागीय समन्वय: विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण रुकने वाले कार्यों को तत्काल सुलझाने और नियमित रूप से मॉनिटरिंग करने के निर्देश कलेक्ट्रेट अधिकारियों को दिए गए।
क्यों महत्वपूर्ण है यह समीक्षा:
अनूपपुर क्षेत्र में सड़क पानी भवन निर्माण और ग्रामीण विकास से जुड़ी कई ऐसी योजनाएं हैं जो लंबे समय से अधूरी पड़ी हैं। समय पर काम पूरा न होने से न केवल लागत बढ़ती है बल्कि आम नागरिकों को भी दैनिक सुविधाओं के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है। राज्यमंत्री दिलीप जायसवाल के इस कड़े रुख के बाद अब सभी निर्माण विभागों के अधिकारियों में हड़कंप है और कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
निष्कर्ष: बैठक के समापन पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में वे स्वयं निर्माण स्थलों का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) कर सकते हैं। यदि निरीक्षण के दौरान कार्य में लापरवाही या धीमी गति पाई गई, तो जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

