मां की पीठ पर स्कूल जाने वाले दिव्यांग छात्र को मिली बड़ी राहत प्रशासन ने दी मोटराइज्ड साइकिल, हॉस्टल और बस पास !
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मां के अटूट समर्पण और मीडिया की पहल से बदली छात्र की जिंदगी -
शहडोल जिले के 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले दिव्यांग छात्र राजकुमार जायसवाल की पढ़ाई के प्रति लगन और उनकी मां का समर्पण हाल ही में चर्चा में आया था। राजकुमार चलने-फिरने में असमर्थ होने के कारण प्रतिदिन अपनी मां की पीठ पर बैठकर स्कूल जाते थे।
प्रशासन द्वारा प्रदान की गई सुविधाएं -
जिला कलेक्टर और स्थानीय प्रशासन ने छात्र की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए निम्नलिखित कदम उठाए:
मोटराइज्ड साइकिल - राजकुमार को आत्मनिर्भर बनाने और आवागमन को सुगम करने के लिए प्रशासन द्वारा एक मोटराइज्ड ट्राई-साइकिल प्रदान की गई।
हॉस्टल में प्रवेश - पढ़ाई में कोई बाधा न आए, इसके लिए राजकुमार को शासकीय हॉस्टल में रहने की व्यवस्था कराई गई है।
मुफ्त बस पास - भविष्य में यात्रा और आवाजाही के लिए छात्र को मुफ्त बस पास भी जारी किया गया है।
परिवार और छात्र को मिली नई उम्मीद -
प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से राजकुमार और उनके परिवार को बड़ी राहत मिली है। मां की पीठ पर निर्भर रहने के बजाय अब राजकुमार स्वयं आसानी से अपने स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई जारी रख सकेंगे।

