शहडोल बुलेटिन, जिले में रेत माफियाओ के तगड़े गठजोड़ और क्यूक फास्ट रिस्पॉस देने वाले सरकारी दामादो ने बीते रविवार की कार्यवाही की मट्टी पलीद कर दी, यहा हास्यप्रद बात सामने आई की टॉस्कफोर्स टीम का आपसी तालमेल ही नहीं दिखाई पड़ा माफियाओ के दबाव में जब्ती पंचनामा कुछ इस तरह बनाया गया कि जैसे प्राथमिक पाठशाला में कोई ककहरा लिखकर पढ़रहा हैं कहावत् हैं चोर के जी थोर के परंतु यहां हुआ बिल्कुल उलट ही, देर समय लगभग 8 बजे की तैयारी को भी भ्रष्टाचार मानो लील गया जोकि खोखली तैयारी मे ना ही कुशल पोकलेन ड्राइवर था जो जब्त किए वाहन को थाना या सुरक्षित स्थान पर पहुंचा सके, ना ही इलेक्ट्रिशियन था जो कि हमेशा कि तरह ड्राइवर लॉक कर वाहन भाग जाते है खनिज, वन, राजस्व विभाग मे पदस्थ अधिकारियो की सूची में ऐसा कोई आला रांउडर भी नहीं जो इन सब मामलो मे दक्ष हो, बाबजूद 30-35 अधिकारी कर्मचारी 15 घंटे तक महज तमाशाई की भूमिका मे स्तंभाकार की मुद्रा मे भूखे बेबस चमत्कार के इंतज़ार मे खडे रहे जबकि वही पुलिस बल प्रयोग ना किए जाने का लचीला बेमन सा आदेश दिया, इन सब बातों से तमाम कर्मचारी की सुरक्षा पर सवाल तो उठते हैं साथ ही माफियाओ के हौसले इन छोटी छोटी सी लापरवाही पर चटकारा लगाती हैं,
शासकीय कार्य में बाधा....
बीते रविवार को टॉस्कफोर्स टीम के रेत के अवैध उत्खनन के ठीहो में कार्यवाही कलेक्टर, आईजी, सीसीएफ समेत राजस्व का संयुक्त टीम ने चैनमाउंटिग पोकलेन मशीन जब्त की जिसके विरोध में लोगो ने टॉस्कफोर्स टीम के साथ झूमझटकी करते हुए ड्रायवर की पिटाई करते हुए भागा दिया गया इस हरकत के बाद लगभग
निश्चित करने के उपरांत कार्यवाही
