मैहर:- कलेक्ट्रेट साहब 11 महीने से भूखे मरने की नौबत है PWD स्थाईकर्मी महिला का छलका दर्द अपर कलेक्टर से लगाई गुहार!
मैहर:- कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान उस वक्त भावुक और गंभीर स्थिति बन गई जब लोक निर्माण विभाग PWD में कार्यरत एक स्थाईकर्मी महिला कर्मचारी अपनी व्यथा सुनाते हुए फूट फूट कर रो पड़ीं। महिला का आरोप है कि पिछले 11 महीनों से उन्हें वेतन नहीं दिया गया है जिससे उनके परिवार के सामने रोजी रोटी का गहरा संकट खड़ा हो गया है।
@shahdolbulletin 9425111809
जनसुनवाई में अपर कलेक्टर से लगाई गुहार
मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान पीड़िता प्रशासनिक अधिकारियों के सामने पहुंची और अपनी आपबीती सुनाई:
आर्थिक तंगी से लाचार: महिला ने रोते हुए अपर कलेक्टर को आवेदन सौंपा और कहा कि करीब एक साल से तनख्वाह न मिलने के कारण घर का खर्च चलाना बच्चों की पढ़ाई और राशन का इंतजाम करना नामुमकिन हो गया है।
कर्ज में डूबा परिवार: लंबे समय से सैलरी रुकने के कारण दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्हें दूसरों से उधार लेना पड़ रहा है।
PWD विभाग की लापरवाही पर उठे सवाल
स्थाईकर्मी के पद पर काम कर रही इस महिला कर्मचारी का कहना है कि वे लगातार अपनी ड्यूटी निष्ठापूर्वक निभा रही हैं लेकिन विभाग की ओर से वेतन जारी करने में लगातार ढिलाई बरती जा रही है। बार बार निवेदन करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं दिया गया जिसके बाद उन्हें मजबूरन कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में गुहार लगाने आना पड़ा।
प्रशासन का रुख और आश्वासन
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अपर कलेक्टर ने महिला की शिकायत को गंभीरता से सुना
त्वरित कार्रवाई के निर्देश: संबंधित विभाग PWD के अधिकारियों को मामले की तत्काल जांच करने और पेंडिंग वेतन से जुड़ी कागजी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
जल्द भुगतान का भरोसा: प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि महिला का बकाया वेतन जल्द से जल्द उनके खाते में ट्रांसफर कराने का प्रयास किया जाएगा।

