अमरकंटक:- के जंगलों पर साल बोरर का हमला 9,535 पेड़ काटने की मिली मंजूरी!
अनूपपुर:- जिले में स्थित अमरकंटक के प्रसिद्ध साल Sal के जंगलों पर साल बोरर नामक घातक कीट का गंभीर संक्रमण फैल गया है। वन क्षेत्र को इस विनाशकारी कीट के प्रकोप से बचाने और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रशासन ने 9,535 साल के पेड़ों को काटने की मंजूरी दे दी है।
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मुख्य आंकड़े और संक्रमण की स्थिति
कुल वन क्षेत्र: अमरकंटक में लगभग 8,584 हेक्टेयर में साल के घने जंगल फैले हुए हैं।
वृक्षों की कुल संख्या: इस क्षेत्र में लगभग 40 लाख साल के पेड़ मौजूद हैं।
संक्रमण की चपेट में आए पेड़: वन विभाग के आकलन के अनुसार वर्तमान में लगभग 60,000 पेड़ इस कीट संक्रमण से प्रभावित हो चुके हैं।
काटने की अनुमति: कीट के फैलाव को नियंत्रित करने के लिए प्राथमिक रूप से 9,535 पेड़ों की कटाई को हरी झंडी दी गई है।
30 साल बाद फिर लौटा कीटों का प्रकोप
अमरकंटक के वनों में साल बोरर कीट का ऐसा भयावह प्रकोप लगभग 30 वर्षों बाद देखा गया है।
कैसे नुकसान पहुंचाता है यह कीट: साल बोरर कीट साल के वृक्षों के तने और छाल के भीतर गहराई तक सुरंग बना लेता है। यह पेड़ के अंदरूनी हिस्सों को धीरे-धीरे खाकर खोखला कर देता है जिससे विशाल हरा भरा पेड़ भी सूखकर बेजान हो जाता है।
कटाई का उद्देश्य और वन विभाग की रणनीति
स्वस्थ पेड़ों की सुरक्षा: यदि संक्रमित पेड़ों को समय रहते जंगल से न हटाया गया तो कीट आसपास के लाखों स्वस्थ पेड़ों को भी अपनी चपेट में ले लेंगे।
संक्रमण चक्र को तोड़ना: अत्यधिक प्रभावित 9,535 पेड़ों की चरणबद्ध कटाई से कीट के प्रसार की दर को धीमा किया जा सकेगा।
सघन निगरानी अभियान: वन विभाग अमरकंटक के पूरे 8,584 हेक्टेयर वन क्षेत्र में सर्वेक्षण चला रहा है ताकि संक्रमण के शुरुआती लक्षणों वाले अन्य पेड़ों को भी चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

