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नेत्रदान_महादान:- मरणोपरांत रोशनी देकर अमर हुईं शहडोल की यशोदा_देवी_रोहरा !

 

नेत्रदान_महादान:- मरणोपरांत रोशनी देकर अमर हुईं शहडोल की यशोदा_देवी_रोहरा !

Mohammad Munir 9425111809
शहडोल। "जाते-जाते भी किसी की बेरंग जिंदगी में उजाला कर जाना ही सच्ची मानवता है।" इसी सेवा भाव को चरितार्थ करते हुए शहडोल के रोहरा परिवार ने एक अनुकरणीय और प्रेरणादायी कदम उठाया है।

राजेंद्र टॉकीज के पीछे, रोहरा कॉलोनी निवासी श्रीमती यशोदा देवी रोहरा जी के दुखद निधन के पश्चात, उनके शोकाकुल परिवार ने अत्यंत साहसिक और पुण्य का निर्णय लेते हुए उनका मरणोपरांत नेत्रदान कराया। उनके इस महादान से अब दो दृष्टिहीन व्यक्तियों के जीवन में नया उजाला आएगा और वे इस खूबसूरत दुनिया को देख सकेंगे।
अमर ज्योति' संस्था ने जताया आभार, इस पुनीत और मानवीय कार्य के लिए "अमर ज्योति" संस्था के राष्ट्रीय संयोजक मनोहर डिगवानी एवं संयोजक लखन बुचवानी ने रोहरा परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए आभार पत्र सौंपकर कृतज्ञता प्रकट की है।

#संस्था ने कहा कि रोहरा परिवार का यह कदम समाज के लिए एक महान मार्गदर्शक का काम करेगा।मेडिकल कॉलेज शहडोल की टीम का सराहनीय प्रयासइस पूरी प्रक्रिया को सुगम बनाने और नेत्रदान को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में मेडिकल कॉलेज शहडोल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

इस पुनीत कार्य में समर्पित रहीं डॉक्टर्स की टीम:डॉ. धीरेंद्र पांडे डॉ. मिलोनी मेहताडॉ. अतुल झारियाडॉ. निकेश कुमारडॉ. अंकित पांडे प्रवीण सिकरवार शहडोल का हर नागरिक रोहरा परिवार के इस जज्बे और सेवा भाव को सलाम करता है। यशोदा देवी जी भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी आँखें इस दुनिया को हमेशा देखती रहेंगी।
आइए हम सब भी प्रेरणा लें! जीते जी रक्तदान, मरणोपरांत नेत्रदान। आइए, रूढ़ियों को तोड़ें और अंगदान/नेत्रदान का संकल्प लेकर किसी के जीवन का अंधकार दूर करें।