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रीवा :- के संजय गांधी अस्पताल में मरीज की हालत बिगड़ी !

रीवा:- के संजय गांधी अस्पताल में मरीज की हालत बिगड़ी ! परिजनों ने डॉक्टरों पर लगाया गंभीर लापरवाही का आरोप प्रबंधन ने बताया निराधारमध्यप्रदेश के रीवा स्थित संजय गांधी स्मारक अस्पताल SGMH एक बार फिर मरीजों के इलाज और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर सुर्खियों में है। ताज़ा मामला सतना की रहने वाली मरीज अर्चना गुप्ता के इलाज से जुड़ा है, जहाँ उनके परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ पर बेहद गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।सड़क हादसे के बाद कराई गई थीं भर्तीपरिजन के अनुसार, 30 अगस्त को एक स्कूटी हादसे का शिकार होने के बाद अर्चना गुप्ता को गंभीर हालत में इलाज के लिए रीवा के संजय गांधी अस्पताल लाया गया था। वे अस्पताल के आईसीयू और मेडिसिन वार्ड में भर्ती थीं। परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद मरीज की सही ढंग से देखरेख और ड्रेसिंग नहीं की गई, जिसके कारण घाव में संक्रमण फैल गया और मरीज की स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई।परिजन के गंभीर आरोपइलाज व सफाई में लापरवाही परिजनों का दावा है कि डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने मरीज की ड्रेसिंग और घावों की नियमित सफाई पर ध्यान नहीं दिया, जिससे उनके घावों की स्थिति बदतर हो गई।कीड़े पड़ने का दावा परिजनों का आरोप है कि उचित देखभाल न मिलने के कारण मरीज के शरीर पर बने घावों में कीड़े पड़ गए, जो अस्पताल प्रशासन और स्टाफ की बड़ी लापरवाही को दर्शाता है।जब परिजनों ने इस विषय में ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ और डॉक्टरों से शिकायत की, तो उनकी बात को अनसुना कर दिया गया।अस्पताल प्रबंधन की सफाईदूसरी ओर, संजय गांधी अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह से निराधार और असत्य बताया है। अस्पताल अधिकारियों का कहना है कि मरीज की स्थिति हादसे के समय से ही काफी गंभीर थी और उन्हें प्रोटोकॉल के अनुसार पूरी चिकित्सकीय देखरेख दी जा रही है।संक्रमण और घावों का इलाज विशेषज्ञों की निगरानी में किया जा रहा है और अस्पताल स्टाफ की ओर से इलाज में कोई कोताही नहीं बरती गई है।अस्पताल की व्यवस्थाओं पर उठते सवालसंजय गांधी अस्पताल में लगातार सामने आ रही लापरवाही की घटनाओं और विवादों के कारण स्थानीय लोगों तथा मरीजों के परिजनों में खासा आक्रोश है। इस घटना के सामने आने के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली, स्वच्छता और मरीजों की देखभाल के स्तर पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।