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अवैध निर्माण: 'ब्लैक SPOT' पर तनी बहुमंजिला इमारत, इंसानी जान और बेजुबानों पर खतरा....

कलेक्टर को ठेंगा दिखा रहा  अधीनस्थ विभाग: NHAI की रिपोर्ट के बाद भी 'खूनी चौराहे' पर मेहरबान तहसील व पुलिस अमला 
'ब्लैक SPOT' पर तनी बहुमंजिला इमारत, 
इंसानी जान और बेजुबानों पर खतरा


@shahdolbulletin 9425111809 
शहडोल/बुढ़ार। राष्ट्रीय राजमार्ग-43 (NH-43) पर स्थित पकड़िया-जैतपुर चौराहा अब सिर्फ एक 'ब्लाइंड स्पॉट' नहीं, बल्कि 'मौत का चौराहा' बनता जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, हाल ही के दिनों में इसी सड़क और चौराहे पर हुए भीषण हादसों में कई इंसानी जानें जा चुकी हैं और दर्जनों बेजुबान गोवंश (गायों) ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया है। इसके बावजूद, संबंधित विभागीय अमला और स्थानीय प्रशासन गहरी नींद में सोया हुआ है।हैरानी और आक्रोश की बात यह है कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा इस दो मंजिला निर्माण को स्पष्ट रूप से अवैध घोषित किए जाने और डेढ़ महीना बीत जाने के बाद भी, जिम्मेदार अधिकारी इस अवैध बिल्डिंग की एक ईंट तक हिलाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुए हैं। 
प्रशासनिक मिलीभगत या बड़ी लापरवाही.? - जब NHAI के परियोजना निदेशक स्वयं लिखित में दे चुके हैं कि सुंदर साहू और शुभम साहू द्वारा किया गया यह दो मंजिला निर्माण हाईवे की सीमा (ROW 45 मीटर) के भीतर है, तो आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी है जो प्रशासन के हाथ बांधे हुए है..? आए दिन सड़कों पर बहता इंसानों और गोवंश का खून भी अफसरों की प्रशासनिक सुस्ती को नहीं तोड़ पा रहा है। विभागीय अमले की यह ढुलमुल कार्यप्रणाली सीधे तौर पर अधिकारियों की संलिप्तता या घोर लापरवाही की ओर इशारा करती है। 
कलेक्टर के कड़े रुख का इंतजार - सड़क पर लगातार होते खून-खराबे और बेजुबान जानवरों की मौतों से अब क्षेत्र के ग्रामीणों का सब्र का बांध टूट चुका है। जनता अब केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि मौके पर बुलडोजर चलते देखना चाहती है। ग्रामीणों ने एक बार फिर जिला कलेक्टर से गुहार लगाई है कि वे खुद इस मामले में दखल दें और इस खूनी चौराहे पर बने अवैध निर्माण को तत्काल मलबे में तब्दील करने का आदेश जारी करें, ताकि भविष्य में और मासूम जानें न जाएं।