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उमरिया:- विकास के दावों के बीच अंतिम विदाई में भी परीक्षा नौरोजाबाद के कंचनपुर में उफनती नदी पार कर कब्रिस्तान पहुँचे ग्रामीण!

 उमरिया:- विकास के दावों के बीच अंतिम विदाई में भी परीक्षा नौरोजाबाद के कंचनपुर में उफनती नदी पार कर कब्रिस्तान पहुँचे ग्रामीण!

उमरिया:- जिले के नौरोजाबाद क्षेत्र से सटे कंचनपुर पीपल चौक गाँव के रहने वाले मुजीबुर्रहमान का दिल का दौरा हार्ट अटैक पड़ने से आकस्मिक निधन हो गया। जब परिजनों और ग्रामीणों को शव को अंतिम विदाई देने के लिए गाँव के कब्रिस्तान ले जाना पड़ा तो उनके सामने बीच में बहती उफनती नदी सबसे बड़ी बाधा बनकर खड़ी हो गई। गाँव में नदी पर पुल न होने के कारण ग्रामीणों के पास कोई और रास्ता नहीं था।

@shahdolbulletin 9425111809

जान जोखिम में डालकर दिया अंतिम संस्कार:

  • उफनता पानी और तेज बहाव: ग्रामीणों को अपनी जान जोखिम में डालकर बहते पानी के तेज बहाव के बीच कंधों पर जनाज़ा अर्थी उठाकर नदी पार करनी पड़ी।

  • हादसे का डर: नदी पार करते समय ज़रा सा संतुलन बिगड़ने पर बड़ा हादसा हो सकता था, लेकिन मजबूरी में ग्रामीणों ने यह जोखिम उठाया।

  • अंतिम यात्रा से वंचित रहे लोग: नदी का रूप इतना भयानक था कि गाँव और आसपास के कई रिश्तेदार तथा ग्रामीण अंतिम संस्कार में शामिल ही नहीं हो सके।

सालों पुरानी माँग पर केवल खोखले आश्वासन!

कंचनपुर गाँव के निवासियों का कहना है कि वे सालों से यहाँ नदी पर पुल का निर्माण कराने के लिए स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा रहे हैं। लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिलता है धरातल पर कोई काम नहीं होता।

जीते जी बुनियादी सुविधाएं न मिलना तो एक तरफ लेकिन मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार के लिए भी इस तरह की मशक्कत करना व्यवस्था की नाकामी को दर्शाता है।

जनता की माँग और अपील:

  1. कंचनपुर गाँव की इस गंभीर और संवेदनशील समस्या पर तुरंत ध्यान दिया जाए।

  2. नदी पर जल्द से जल्द पक्के पुल का निर्माण शुरू कराया जाए ताकि भविष्य में किसी भी परिवार को ऐसी दुखद और विकट परिस्थिति का सामना न करना पड़े।