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मेहंदवानी में फूटा किसानों का गुस्सा: राजस्व मामलों में लापरवाही पर भड़का भारतीय किसान संघ नायब तहसीलदार को हटाने की उठी मांग!

मेहंदवानी में फूटा किसानों का गुस्सा: राजस्व मामलों में लापरवाही पर भड़का भारतीय किसान संघ नायब तहसीलदार को हटाने की उठी मांग!


टीम डेस्क:

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डिंडौरी बुलेटिन! डिंडौरी जिले की तहसील मेहंदवानी में राजस्व प्रकरणों के निराकरण में लगातार हो रही देरी और प्रशासनिक लापरवाही से क्षेत्रीय किसान बेहद परेशान और आक्रोशित हैं। लंबे समय से लंबित नामांकन सीमांकन नामांतरण और बटांकन जैसे जरूरी राजस्व कार्यों के पूरा न होने से परेशान किसानों के सब्र का बांध अब टूट चुका है।

इसी मुद्दे को लेकर भारतीय किसान संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने मोर्चा खोल दिया है। संघ ने मेहंदवानी के नायब तहसीलदार तेज लाल धुर्वे पर प्रशासनिक कार्यशैली में लापरवाही और किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल पद से हटाने की मांग की है।

शहपुरा एसडीएम के जरिए कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

किसानों और भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर डिंडौरी कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के नाम एक ज्ञापन तैयार कर शहपुरा एसडीएम कार्यालय के माध्यम से सौंपा।

ज्ञापन सौंपते समय किसान संघ के प्रतिनिधियों ने कार्यालय के समक्ष अपनी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया और प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द ही किसानों की समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो यह आंदोलन और अधिक तीव्र रूप ले सकता है।

किसानों की प्रमुख मांगें और समस्याएं:

  1. लंबित राजस्व प्रकरणों का त्वरित निपटारा:

    तहसील कार्यालय में महीनों से अटके नामांतरण, फौती नामांतरण, सीमांकन और बंटवारे के मामलों की तुरंत सुनवाई कर समय-सीमा के भीतर निराकरण किया जाए।

  2. नायब तहसीलदार को हटाने की मांग:

    नायब तहसीलदार तेज लाल धुर्वे के रवैये और कार्यशैली से किसान असंतुष्ट हैं। संघ की स्पष्ट मांग है कि उन्हें तत्काल मेहंदवानी तहसील से हटाया जाए और किसी जवाबदेह अधिकारी की नियुक्ति की जाए।

  3. किसानों को दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति:

    किसानों का कहना है कि छोटी-छोटी राजस्व प्रक्रियाओं और दस्तावेजों के लिए उन्हें बार बार तहसील कार्यालय मेहंदवानी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं जिससे उनके समय और धन दोनों का नुकसान हो रहा है।

किसान नेताओं का स्पष्ट रुख

भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों का कहना है कि किसान पहले से ही मौसम की मार और खेती किसानी की अन्य चुनौतियों से जूझ रहा है। ऐसे में प्रशासनिक उदासीनता और राजस्व मामलों का न सुलझना उनके लिए अतिरिक्त मानसिक और आर्थिक तनाव का कारण बन रहा है। संघ ने साफ किया है कि जब तक तहसील व्यवस्था में सुधार नहीं होता और लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती तब तक किसानों की यह लड़ाई जारी रहेगी।

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