पहले मुआवजा और पुनर्वास फिर जमीन खाली करेंगे; कुंदन गोल्ड माइन्स के विरोध में उतरे आदिवासी ग्रामीण!
टीम डेस्क:
📞 9425111809
सिंगरौली बुलेटिन। जिले के चितरंगी विधानसभा क्षेत्र के सीधार और सिल्फोरी गांव में प्रस्तावित कुंदन गोल्ड माइन्स के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। सोमवार को बड़ी संख्या में प्रभावित आदिवासी ग्रामीण धरने पर बैठ गए और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक उचित मुआवजा, पुनर्वास और विस्थापन से जुड़ी सुविधाओं की व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक वे अपने घर और जमीन खाली नहीं करेंगे।
जमीन अधिग्रहण को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी!
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि उनकी जमीन केवल संपत्ति नहीं बल्कि परिवार के जीवन-यापन का मुख्य आधार है। खेती और जमीन से ही उनके परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है। ऐसे में बिना पर्याप्त मुआवजा और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित किए उन्हें जमीन और घर छोड़ने के लिए मजबूर करना उचित नहीं है। ग्रामीणों ने मांग की कि जमीन अधिग्रहण से पहले प्रत्येक प्रभावित परिवार के अधिकारों का स्पष्ट निर्धारण किया जाए। साथ ही मुआवजे की राशि, पुनर्वास की व्यवस्था और विस्थापित होने वाले परिवारों के लिए जरूरी मूलभूत सुविधाओं को लेकर ठोस निर्णय लिया जाए। धरने पर बैठे आदिवासी ग्रामीणों ने कहा कि विस्थापन केवल जमीन छोड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पूरे परिवार का जीवन प्रभावित होता है। घर, खेती, रोजगार और सामाजिक व्यवस्था छूटने के बाद परिवारों के सामने भविष्य की कई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।
इसी वजह से ग्रामीणों का कहना है कि पहले उचित मुआवजा और पुनर्वास की गारंटी दी जाए, उसके बाद ही जमीन खाली करने की बात की जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और प्रभावित परिवारों के साथ बातचीत कर समाधान निकाला जाए।
प्रदर्शन के दौरान लगाए नारे!
विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने राज्य मंत्री और सांसद के खिलाफ भी नारे लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को प्रभावित परिवारों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनके हित में ठोस कदम उठाने चाहिए। ग्रामीणों ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर समाधान नहीं निकलता तब तक जमीन अधिग्रहण और विस्थापन के मुद्दे पर उनका विरोध जारी रहेगा।
जमीन अधिग्रहण और विस्थापन बना बड़ा मुद्दा!
प्रस्तावित कुंदन गोल्ड माइन्स को लेकर क्षेत्र में जमीन अधिग्रहण का मुद्दा अब ग्रामीणों और प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण विषय बन गया है। एक तरफ परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी है, वहीं दूसरी तरफ प्रभावित ग्रामीण अपने अधिकारों और पुनर्वास को लेकर आवाज उठा रहे हैं।
ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि उचित मुआवजा, सम्मानजनक पुनर्वास, परिवारों के भविष्य की सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की स्पष्ट व्यवस्था होने के बाद ही विस्थापन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।
फिलहाल सीधार और सिल्फोरी गांव में ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि जमीन अधिग्रहण और पुनर्वास का मुद्दा आने वाले दिनों में और गरमा सकता है। ग्रामीणों ने मांगों का समाधान होने तक अपना विरोध जारी रखने की बात कही है।

