बडी खबर: 02 ट्रक 01 जेसीबी समेत कोयले की अवैध खेप जब्त
ड्राइवर, क्लीनर पर पुलिस की बडी कार्यवाही
हर रात लाखो रूपये का कारोबार, पुलिस की कार्रवाई है या चमत्कार...?
अनुराग त्रिपाठी
87701 02571
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शहडोल बुलेटिन। जिले मे लगातार कोयले की अवैध खदानो से उत्खनन कर परिवहन बदस्तूर बुढार, धनपुरी, अमलाई थानांतर्गत जारी है खबरें मीडिया के अलग अलग प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित की गई जिसमें चंगेरा, बटुरा, बकही, साबो, रूंगटा के आसपास सोन नदी किनारे तट से हर दिन हज्जारो टन कोयला ट्रक के माध्यम से कोयला अवैध रूप से तस्कर ठिकाने लगाते हैं। यदि जन चर्चाओं की मानें तो प्रमुख चौक चौराहे और लगभग दर्जन से अधिक थाना क्षेत्र को रौंद कर कथित कोयला चोर स्थानीय ईटभट्ठा, फैक्ट्री से लेकर कटनी इलाहाबाद के अलावा इंदौर की मंडी में बिक्री के लिए आसानी से पहुंचा देता है।
...Exposed हुआ कांड
बीते रविवार की सुबह बुढ़ार पुलिस द्वारा अवैध खनन कारोबारियो के आधा दर्जन गिरोह मे से चिन्हित अवैध कोयला खनन एवं परिवहन करने वालों पर गाज गिरा दी। हालांकि इस कार्यवाहियों में पुलिस को जाने अनजाने ही सही बड़ी सफलता मिली है, पुलिस अधीक्षक अनिल सिंह कुशवाहा के निर्देशन में हो रही कार्रवाईयों में एक और बड़ी कड़ी जुड़ गई है, बुढ़ार पुलिस ने आज सुबह लगभग 7:30 बजे के आसपास बुढ़ार के सर्किट हाउस चौराहे के समीप पवन धर्मकाटा में छापा मार कार्यवाही की गई जिसके बाद अवैध कोयला खदान संचालन करने वाले लोगों को मानो बेनकाब किया गया है। इसी क्रम में एलआईसी बुढार तिराहा पर स्थित कबाड़ ठीहे मे कोयला लोड करते जेसीबी ट्रक समेत जब्त कर लिया गया है। ट्रक ड्राइवर जेसीबी ऑपरेटर को गिरफ्तार कर थाने लाया गया लेकिन इन मोहरों के असली खिलाड़ी कोयले के कारोबार के बाजीगर अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर क्यों है..? क्या उन्हें बचाने का प्रयास किया जा रहा है..? क्या पुलिस अपने निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त कर चुकी है..? क्या कोयले के अवैध उत्खनन को रोकने का कोई प्लान है ..? कौन है असली बाजीगर जिसके गेम प्लान के यह मोहरे पुलिस गिरफ्त में है क्या इस बाजीगर का कारनामा पहली बार शुरू हुआ या पिछले कई सालों से चल रहा है कोयले का उत्खनन । कहां कहां किया जाता है कोयले का अवैध उत्खनन वहां से कैसे आता है कोयला और बाड़ी मैं पकड़ा गया कोयला कहां भेजा जा रहा था ऐसे कई प्रश्न का उत्तर अभी आना बाकी है तभी इस पूरे कारोबार की तह तक कार्रवाई की जा सकती है अन्यथा मोहरों को पकड़कर केवल खानापूर्ति ही हो सकती है।
...इतना ही हुआ बरामद
इस कार्यवाही में थाना प्रभारी महेंद्र सिंह चौहान सहित थाने के लगभग स्टाफ मौजूद थे, थाना प्रभारी महेंद्र सिंह चौहान ने इस संदर्भ में बताया कि सुबह 7:00 बजे के आसपास मुखबिर से सूचना लगी की एलआईसी, सर्किट हाउस के पास अवैध रूप से रखा गया है, लगभग 25 टन कोयला रखा गया था, जो एक ट्रक में जेसीबी से लोड किया जा रहा था, जिसे कोल माफिया बाहर बेचने की फिराक में थे, इसी दौरान पुलिस मौके पर पहुंच गई।
...छापामार कार्यवाही की
साथ ही इसे थाने लाया गया है पुलिस सूत्रों के अनुसार जो ट्रक जप्त गई है वह बुढ़ार के किसी रिंकू गुप्ता की बताई गई है, ट्रक चालक सोनू सिंह पिता अर्जुन सिंह उम्र 28 वर्ष निवासी चांदपुर थाना पाली जिला उमरिया हाल निवास पांडव नगर शहडोल बताया गया है, ट्रक क्रमांक एमपी 33 H 0841 रिंकू गुप्ता की है, वही जो जेसीबी अवैध कोयले को लोड कर रही थी, उसका क्रमांक MP18 DA 0545 बताया गया है, जिसे विजय सिंह पिता प्रेम सिंह उम्र 29 वर्ष निवासी थाना जिला सतना बताया गया है , फिलहाल पुलिस ने जेसीबी और ट्रक को थाने लाया गया है और उस पर कार्यवाही की जा रही है, पुलिस द्वारा लगातार दूसरी बड़ी कार्यवाही अवैध माफिया के खिलाफ की गई है, पुलिस अधीक्षक अनिल कुशवाहा के नेतृत्व में कोयला माफिया और भू माफिया के खिलाफ लगातार की जा रही है, जिससे क्षेत्र के माफिया में हड़कंप की स्थिति निर्मित हुई है।
...Exposed हुआ कांड
बीते रविवार की सुबह बुढ़ार पुलिस द्वारा अवैध खनन कारोबारियो के आधा दर्जन गिरोह मे से चिन्हित अवैध कोयला खनन एवं परिवहन करने वालों पर गाज गिरा दी। हालांकि इस कार्यवाहियों में पुलिस को जाने अनजाने ही सही बड़ी सफलता मिली है, पुलिस अधीक्षक अनिल सिंह कुशवाहा के निर्देशन में हो रही कार्रवाईयों में एक और बड़ी कड़ी जुड़ गई है, बुढ़ार पुलिस ने आज सुबह लगभग 7:30 बजे के आसपास बुढ़ार के सर्किट हाउस चौराहे के समीप पवन धर्मकाटा में छापा मार कार्यवाही की गई जिसके बाद अवैध कोयला खदान संचालन करने वाले लोगों को मानो बेनकाब किया गया है। इसी क्रम में एलआईसी बुढार तिराहा पर स्थित कबाड़ ठीहे मे कोयला लोड करते जेसीबी ट्रक समेत जब्त कर लिया गया है। ट्रक ड्राइवर जेसीबी ऑपरेटर को गिरफ्तार कर थाने लाया गया लेकिन इन मोहरों के असली खिलाड़ी कोयले के कारोबार के बाजीगर अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर क्यों है..? क्या उन्हें बचाने का प्रयास किया जा रहा है..? क्या पुलिस अपने निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त कर चुकी है..? क्या कोयले के अवैध उत्खनन को रोकने का कोई प्लान है ..? कौन है असली बाजीगर जिसके गेम प्लान के यह मोहरे पुलिस गिरफ्त में है क्या इस बाजीगर का कारनामा पहली बार शुरू हुआ या पिछले कई सालों से चल रहा है कोयले का उत्खनन । कहां कहां किया जाता है कोयले का अवैध उत्खनन वहां से कैसे आता है कोयला और बाड़ी मैं पकड़ा गया कोयला कहां भेजा जा रहा था ऐसे कई प्रश्न का उत्तर अभी आना बाकी है तभी इस पूरे कारोबार की तह तक कार्रवाई की जा सकती है अन्यथा मोहरों को पकड़कर केवल खानापूर्ति ही हो सकती है।
...इतना ही हुआ बरामद
इस कार्यवाही में थाना प्रभारी महेंद्र सिंह चौहान सहित थाने के लगभग स्टाफ मौजूद थे, थाना प्रभारी महेंद्र सिंह चौहान ने इस संदर्भ में बताया कि सुबह 7:00 बजे के आसपास मुखबिर से सूचना लगी की एलआईसी, सर्किट हाउस के पास अवैध रूप से रखा गया है, लगभग 25 टन कोयला रखा गया था, जो एक ट्रक में जेसीबी से लोड किया जा रहा था, जिसे कोल माफिया बाहर बेचने की फिराक में थे, इसी दौरान पुलिस मौके पर पहुंच गई।
...छापामार कार्यवाही की
साथ ही इसे थाने लाया गया है पुलिस सूत्रों के अनुसार जो ट्रक जप्त गई है वह बुढ़ार के किसी रिंकू गुप्ता की बताई गई है, ट्रक चालक सोनू सिंह पिता अर्जुन सिंह उम्र 28 वर्ष निवासी चांदपुर थाना पाली जिला उमरिया हाल निवास पांडव नगर शहडोल बताया गया है, ट्रक क्रमांक एमपी 33 H 0841 रिंकू गुप्ता की है, वही जो जेसीबी अवैध कोयले को लोड कर रही थी, उसका क्रमांक MP18 DA 0545 बताया गया है, जिसे विजय सिंह पिता प्रेम सिंह उम्र 29 वर्ष निवासी थाना जिला सतना बताया गया है , फिलहाल पुलिस ने जेसीबी और ट्रक को थाने लाया गया है और उस पर कार्यवाही की जा रही है, पुलिस द्वारा लगातार दूसरी बड़ी कार्यवाही अवैध माफिया के खिलाफ की गई है, पुलिस अधीक्षक अनिल कुशवाहा के नेतृत्व में कोयला माफिया और भू माफिया के खिलाफ लगातार की जा रही है, जिससे क्षेत्र के माफिया में हड़कंप की स्थिति निर्मित हुई है।
....सोहागपुर में भी धर पकड़
थानांतर्गत पुलिस को बड़ी सफलता मिली वही कुछ गाड़िया जो पहले से कोयला लोड कर वहा से निकल चुकी थी उन पर सोहागपुर थाना प्रभारी ने शिकंजा कसते हुए वाहन को जब्त किया जिस पर लिखा - पढ़ी सुबह से लेकर शाम तक जारी रही एफआईआर लिखने मे मानो पसीने छूट रहे हैं।
थानांतर्गत पुलिस को बड़ी सफलता मिली वही कुछ गाड़िया जो पहले से कोयला लोड कर वहा से निकल चुकी थी उन पर सोहागपुर थाना प्रभारी ने शिकंजा कसते हुए वाहन को जब्त किया जिस पर लिखा - पढ़ी सुबह से लेकर शाम तक जारी रही एफआईआर लिखने मे मानो पसीने छूट रहे हैं।
...जनचर्चा आम किसका है काम
यदि जन चर्चाओं की मानें तो उक्त कोयला और वाहन जहां से जप्त किया गया है वह बद्री पांडे का क्षेत्र है। जिसकी पुष्टि स्वयं थाना प्रभारी ने की है। जानकारो की माने तो बद्री पांडे लंबे समय से कोयले के कारोबार में संलिप्त है जो धनपुरी, अमलाई में कई जगह प्लाट लगाकर चोरी का कोयला खरीदता है जिसे बाद में कई गुना अधिक दाम पर बेच दिया जाता है यही नही सेटिंग का जाल बिछा कर ट्रक का ट्रक कोयला भी तस्करों द्वारा बाकायदा पेट्रोलिंग की जाती है जिसे भी बद्री का संरक्षण प्राप्त है।
....ऊंची पहुंच का तुर्रा
कभी खुद को पुलिस का खास बताने वाला बीते कुछ समय से खुद को पुलिस के बडे अधिकारी का राइट हैंड बता रहा था किंतु उक्त कार्यवाही से एक बात तो स्पष्ट हो गई कि कानून और अधिकारियों के लिए सारे अपराधी एक समान होते हैं। हालांकि चर्चा तो यह भी है कि कलम और चाटुकारो के नाम की धौस दिखा कर अपने क्षेत्र में लूट मचा रखी थी। किंतु अब कलई खुलने लगी है कि कोयला चोर सिर्फ अपने मुंह मिया मिट्ठू बन रहा था। हालांकि जुगाड़ जमाने के लिए इनोवा दफ्तर दफ्तर अमन सकून तलाश रहे है और किसके साथ तलाश रहे यह अभी भी राज है। अंदाजा ऐसा भी है कि यह गैंगवार की दस्तक है और कुछ नहीं।
यदि जन चर्चाओं की मानें तो उक्त कोयला और वाहन जहां से जप्त किया गया है वह बद्री पांडे का क्षेत्र है। जिसकी पुष्टि स्वयं थाना प्रभारी ने की है। जानकारो की माने तो बद्री पांडे लंबे समय से कोयले के कारोबार में संलिप्त है जो धनपुरी, अमलाई में कई जगह प्लाट लगाकर चोरी का कोयला खरीदता है जिसे बाद में कई गुना अधिक दाम पर बेच दिया जाता है यही नही सेटिंग का जाल बिछा कर ट्रक का ट्रक कोयला भी तस्करों द्वारा बाकायदा पेट्रोलिंग की जाती है जिसे भी बद्री का संरक्षण प्राप्त है।
....ऊंची पहुंच का तुर्रा
कभी खुद को पुलिस का खास बताने वाला बीते कुछ समय से खुद को पुलिस के बडे अधिकारी का राइट हैंड बता रहा था किंतु उक्त कार्यवाही से एक बात तो स्पष्ट हो गई कि कानून और अधिकारियों के लिए सारे अपराधी एक समान होते हैं। हालांकि चर्चा तो यह भी है कि कलम और चाटुकारो के नाम की धौस दिखा कर अपने क्षेत्र में लूट मचा रखी थी। किंतु अब कलई खुलने लगी है कि कोयला चोर सिर्फ अपने मुंह मिया मिट्ठू बन रहा था। हालांकि जुगाड़ जमाने के लिए इनोवा दफ्तर दफ्तर अमन सकून तलाश रहे है और किसके साथ तलाश रहे यह अभी भी राज है। अंदाजा ऐसा भी है कि यह गैंगवार की दस्तक है और कुछ नहीं।
अवैध कोयला खनन पर सवाल
- (1) पुलिस द्वारा जप्त कोयला का उत्खनन कहां से हुआ था।
- (2) क्या पहली बार अवैध कोयले की खेप अवैध प्लाट पर भंडारित किया गया था या पहले से हो रहा था।
- (3) अभी तक इस अवैध कोयले के असल खिलाड़ी पर कार्यवाही क्यों नहीं की गई।
- (4) क्या प्रशासन को कोयले के अवैध खदानों की जानकारी नहीं है।
- (5) क्या अब तक प्रशासन द्वारा कोयला उत्खनन के छोटे-बड़े ठिकानों को चिन्हित किया गया।
- (6) बटुरा की अवैध खदान में हुई मजदूर की मौत पर आज भी एक बड़ा सवाल प्रशासन के सामने खड़ा है।
- (7) पुलिस कार्रवाई और खनिज राजस्व की चोरी से अरबों रुपये का खनिज राजस्व दशकों से बादस्तूर जारी है इससे अर्जित धन बल का उपयोग वर्षों से जमे विभाग में पदस्थ जिम्मेदार कितना जिम्मेदार है।




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