टीम डेस्क 9425111809
एसबी, भोपाल l वन अमले पर जंगल माफिया और अपराधियों पर कार्यवाही करने के लिए दिए संसाधन तो मिले लेकिन सरकार ने उसके इस्तेमाल को लेकर विसंगति भारी पड़ी थी जिसके चलते कई वन कर्मियों पर जानलेवा हमला हुआ कई वनकर्मियो की जान भी गई अंततः हुई घटना के बाद से वन विभाग लंबे समय से सुरक्षा की मांग पर कोर्ट में सुनवाई हुई अगस्त 2026 में इस मामले में एक ऐतिहासिक मोड़ आ गया अब अपराध का दायरा सिकुड़ेगा और वनकर्मियो अपनी ड्यूटी करने में सहूलियत होगी l क्रमबद्ध समझे अब कैसे होंगी कार्यवाहियां l
सीधे FIR पर रोक: सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 के तहत मध्य प्रदेश सरकार ने अगस्त 2026 में एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।
अब अनिवार्य होगी मजिस्ट्रियल जांच: नए नियमों के अनुसार, अब ड्यूटी के दौरान वन्यजीवों या वन संपदा की रक्षा के लिए यदि कोई वनकर्मी गोली चलाता है, तो पुलिस उस पर सीधे एफआईआर दर्ज या गिरफ्तार नहीं कर सकती।
पहले उस क्षेत्र के कार्यकारी मजिस्ट्रेट द्वारा जांच की जाएगी। यदि जांच में यह साबित होता है कि हथियार का उपयोग जानबूझकर, अनावश्यक या दुर्भावना से किया गया था, और सरकार उस रिपोर्ट को स्वीकार करती है, केवल तभी आपराधिक मामला दर्ज होगा।

