ANALYSIS@ नशे के कारोबारी ने युवक को मारी चाकू, हालत गंभीर
● पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न
सिटी डेस्क
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शहडोल बुलेटिन। एक और पूरा देश कोरोना वायरस से लड़ रहा है तो वही दूसरी ओर शहडोल कोतवाली से महज 500 मीटर दूर अभी से कुछ देर पहले अज्ञात लोगों द्वारा अंडर ब्रिज के पास एक युवक को चाकू से खोदकर मौत के घाट उतारने की कोशिश की गई। जिसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में लाया गया है जहा युवक का इलाज चल रहा है चिकित्सकों के मुताबिक़ घायल युवक की हालत गंभीर बताई है वही पुलिस मामले की गंभीरता को समझते हुए मौके पर पहुंच गई है और पडताल जारी है। आरोपी ने घायल युुवक पर कई वार किया है। पीठ कमर पैर आदि पर वार किया गया है।
दोपहर मे उपजा विवाद....
जानकारी के मुताबिक मुकेश तिवारी पिता रमेश तिवारी नामक युवक को अज्ञात हमलावरों ने चाकुओं से गोद दिया। इस मामले सूत्रों के मुताबिक खबर यह है कि चाकूबाजी नशे के कारोबार में ऊपजे विवाद को लेकर हुआ है बताया जा रहा है कि पुरानी बस्ती अंडरब्रीज के पास ही नफीस नामक व्यक्ति काफी लंबे समय से नशे का कारोबार (नशीली दवा, स्मैक, गांजा) का कारोबार कर रहा है जिससे घायल युवक का ऐसी सामग्री को लेकर लेनदेन हुआ था जिसके बाद गुरूवार दोपहर को ही मुकेश तिवारी कथित आरोपी के घर गया जहाँ विवाद के उपरांत झूमझटकी भी हुई जिसके आस पडोस के लोगों द्वारा बीच बचाव कराते हुए मामला शांत कराया था। लेकिन शाम को एक बार फिर मुकेश नफीस के घर पहुंच गया और उसके बाद विवाद इतना बढ गया कि बात चाकूबाजी तक पहुँच गई। घटना लगभग शाम 7 बजे की बताई जा रही है।
07 वर्ष की कहानी है बयां....
सूत्रों के हवाले से खबर यह भी है कि चाकूबाजी मे घायल मुकेश तिवारी भी नशे के सौदागरों को प्रतिबंधित नशीली सामाग्री पहुंचाने का काम करता है इसके अलावा हम यह भी बतला दे कि लगभग 07 वर्ष पूर्व मे इसी तरह इसी जगह इसी प्रकार से चाकू मारकर शंभूनाथ कॉलेज के युवा छात्र नेता सूरज यादव उर्फ दद्दा को मौत के घाट उतार दिया गया था जिन आरोपियोंने दद्दा को मारा असल मे वो इसी मुकेश तिवारी को मारने आए थे।
मुकेश पर शहडोल, उमरिया जिलेके थानो मे कई गंभीर मामले दर्ज हैं इससे मुकेश की पृष्ठभूमि को स्पष्ट रूप से समझा जा सकता है।
जरा गौर फरमाए इधर भी ...
इस घटना के पीछे अगर एक अहम कडी खोजें तो कही ना कही संबधित थाना कोतवाली बडी वजह के रूप में दिखलाई पड़ती हैं इस इस लिए कहा जाना अतिश्योक्ति की श्रेणी में नहीं होगा क्योंकि इस घटना के पीछे का कारण नशे का काला कारोबार ही है। सवाल यह उठता है कि थाने से चंद कदम की दूरी पर ही सारा साम्राज्य फैल रहा है ना केवल अंडरब्रीज के पास का इलाका बल्कि पुरानी बस्ती के कई ऐसे मोहल्ले है जहा ऐसे कारोबारी मानो पुलिस की ही शह पर चाँदी काट रहे हैं वहीं दूसरी ओर युवा पीढ़ी को मौत बाँटने का काम कर रहे हैं। विदित हो कि अंडरब्रीज आसपास के इलाके में इस प्रकार की गतिविधियां संचालित हो रही है अब ऐसे में पुलिस अनजान बने तो सवाल उठना लाजिमी है।
हालांकि पुलिस ने पुरानी बस्ती इलाके में नशे के कारोबार को लेकर प्रतिबंध लगाने का काम तो किया है लेकिन यह खुद की पीट स्वयं थपथपाने जैसा ही प्रदर्शित हुआ है।
इस मामले मे लोगों का कहना है कि यदि पुलिस ने इस क्षेत्र से नशे के व्यापार की जडे पहले ही समाप्त कर दी होती तो आज इस प्रकार की वारदात नही होती।


बहुत बहुत सुक्रिया।पर नशे का कारोबार अभी भी अंडरब्रिज
जवाब देंहटाएंके आगे तेज़ी से चालू है आवाज उठाइये।