@जिले के इस थाना क्षेत्र की बिगड़ी फिजा, अवैध कारोबारी के ठीहे गुलजार
@लॉकडाउन का हर रोज उल्लंघन, साहब सोशल मीडिया पर मस्त
@साहब...जनता कर्फ्यू से अब तक नही संभल रही पॉब्लिक - अनकंट्रोल
सिटी डेस्क
शहड़ोल बुलेटिन। कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते मामलों से जहां पूरे देश में हड़कंप है वहीं पीएम मोदी से प्रदेश के मुखिया कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर चिंता जता चुके हैं। देश के मुखिया नें इस संक्रमण को रोकनें के लिये "जनता कर्फ्यू" के बाद 21 दिन के लॉकडाउन का ऐलान कर दिया है।
इसके साथ ही देश के प्रधानमंत्री नें आमजन से अपील कर इस भवायह आपदा से निपटनें का यह एकमात्र सबसे मजबूत उपाय बताया और लॉकडाउन के दौरान घर पर सुरक्षित रहनें की अपील की, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नें इसके साथ प्रशासनिक अमले को दौरान सभी आवश्यकताओं की पूर्ति करनें के साथ पुलिस महकमें को भी लॉकडाउन का सख्ती से पालन करानें के निर्देश दिये। राज्य सरकार भी पीएम मोदी के इस आदेश के पालन के लिये अपनें-अपनें राज्यों में लगातार हर संभव प्रयास कर रहे हैं लेकिन कई स्थानों पर अब भी इनकी खुलेतौर पर अनदेखी हो रही है।
मामला शहड़ोल जिले के बुढ़ार थाना ईलाके का है जहां लॉकडाउन के दौरान भी कई ऐसे मामले सामनें आये जो यहां मौजूद प्रभारी की कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान लगा रहे हैं।
गुलजार है अवैध कारोबार गढ़....
जिले की कोयलांचल नगरी बुढ़ार समूचे प्रदेश में ट्रांसपोर्ट और कोयले लिये जानी जाती है, बुढ़ार कोयलांचल ईलाके में दर्जन भर से ज्यादा कोयला खदानें है जिनसे निकलनें वाला कोयला देश के विभिन्न इलाकों में परिवहन किया जाता है, इसके साथ ही जिलें में ट्रांसपोर्ट का सबसे बड़ा व्यवसाय भी बुढ़ार मेॉ है। इस पूरे ईलाके में जहां कोल इंडिया की खदानों से वैध कोयले का परिवहन होता है वहीं बुढ़ार थाना ईलाके में दर्जन भर से ज्यादा ऐसी अवैध भूमिगत कोयला खदानें है जिनसे सैकड़ों टन कोयला रोजाना निकलता है, इन अवैध खदानों पर जिले के कलेक्टर से लेकर खनिज अमले द्वारा बीते वर्षों में कई कार्यवाही भी की जा चुकी है लेकिन स्थानीय स्तर के मैनेजमेंट से ना ही इन खदानों पर अंकुश लग सका और ना ही स्थानीय अमला को ठोस कार्यवाही कर सका, नतीजतन आज भी मौत के सुरंग वाली दर्जनों खदानें गुलजार है जिनसे लगातार कोयले का उत्खनन और परिवहन हो रहा है।
हाल ही में पकड़ाया कोयला...
इस बात का अंदाजा लॉकडाउन के दौरान हाल ही में थाना ईलाके के पकरिया में माईनिंग विभाग की एक कार्यवाही से लगाया जा सकता है, बीते एक पखवाड़े पहले ग्राम पकरिया के एक ईंट भठ्ठा संचालक के यहां अवैध कोयले की खपत व परिवहन की शिकायत की गई, जिसकी जानकारी पर थाना प्रभारी नें कोई ठोस कार्यवाही करनें की बजाय उक्त कोयले को वैध बता दिया, लेकिन जब खनिज अमला उक्त स्थान पर कार्यवाही करनें पहुंचा तो यह यह कोयला अवैध पाया गया जिस पर संबंधित विभाग द्वारा कार्यवाही कर उक्त कोयले की जप्ती भी की गई। सवाल यह भी है कि थाना ईलाके में बिना किसी अनुमति के इस तरह दर्जनों ईंट भट्ठों का संचालन किया जा रहा है जिनमें सैकड़ों टन अवैध कोयला खप रहा है लेकिन स्थानीय महकमा ना ही इन अवैध ईंट भट्ठों का संचालन रोक सका और ना ही इनमें खपत होनें वाले अवैध कोयले की खेप में कमी आई।
चौहान का भोपाल कनेक्शन...
जुबानी चर्चा यह भी है कि हैं कि बुढ़ार थाना प्रभारी के स्थानीय पुलिस महकमें से लेकर भोपाल कनेक्शन भी हैं जिसका दम पर वह आरोपों से भी बच चुके हैं, सूत्र बताते हैं कि वह कई बार आम चर्चाओं में कह चुके हैं कि वह अपनी मर्जी की तर्ज पर ना सिर्फ काम करते हैं बल्कि उनकी नियुक्ति से लेकर उसके बदलाव में भी उनका ही हस्ताक्षेप होता है। बुढ़ार थानें में पदस्थापना से लेकर अब तक ऐसे दर्जन भर से ज्यादा मामले सामनें आ चुके हैं जिन मामलों में थाना प्रभारी के कार्यवाही पर सवालिया निशान खड़े हुये लेकिन कहीं ना कहीं यह इनकें कनेक्शन का दम था कि इन पर कोई प्रशासनिक कार्यवाही नहीं हो सकी।
पुरस्कारों की नुमाईश, एनकाउंटर की ब्रांडिंग....
पुलिस महकमें के शायद पहले नुमाइंदे होंगे जिनकी चर्चा उनके स्थानीय स्तर पर कार्यप्रणाली को लेकर कम लेकिन पुरस्कारों और एनकाउंटर को लेकर ज्यादा रहती है, बीते कुछ महीनों में इनके आमजन तक कई बार सोशल मीडिया के माध्यम से यह बात पहुंचानें की कोशिश की गई वह संभाग में पदस्थ ऐसे खाकीधारी हैं जिन्हें राष्ट्रपति पुरष्कार से सम्मानित हैं इतना ही नहीं उनके द्वारा कई एनकांउटर भी किये गये हैं। खास तो यह है कि थाना प्रभारी को प्राप्त यह सम्मान कई बार उनकी ब्राडिंग करता नजर आता है।
सारे दो नंबरी काम थानांतर्गत...
जिले की आर्थिक नगरी बुढ़ार अवैध कार्यों के लिये तो हमेशा सुर्खियों में रही है लेकिन बीते समय में कई ऐसे अधिकारियों की यहां पदस्थापना हो चुकी है जिनकी पदस्थापना के बाद कोयलांचल के इन सभी कार्यों में अंकुश लग गया था। जानकारी के मुताबिक थाना ईलाके में इस तरह के अवैध कार्यों में जमकर ईजाफा हुआ है। नगर के अंदर ही दो स्थानों पर जहां बावनपरी का खेल बेखौफ चला वहीं लॉकडाउन की स्थिति में भी सट्टे का कारोबार सुर्खियों में है। अवैध ईंट भट्ठों का संचालन जहां अवैध कोयले के परिवहन और खपत की पुष्टि कर रहा है वहीं अवैध रेत के परिवहन और इन कार्यों में लिप्त माफियाओं पर संरक्षण की बात भी आमचर्चाओं में है।
Lowdown मे सब अनकंट्रोल ...
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण की रोकथाम के लिये एक तरफ लॉकडाउन का सख्ती से पालन करानें का जिम्मा देश, प्रदेश के मुखिया नें हर जिले के प्रशासनिक महकमें को सौंपा है, लेकिन इन इसका पालन कितनी सख्ती से हो रहा है इस बात का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि थाना प्रभारी को बीते दिनों दुकानदारों और राहगीरों पर दर्जनभर से ज्यादा कार्यवाही करनी पड़ी, जिले में आमजन हेतु दिन में 12 बजे से लेकर 5 बजे तक का समय आमजरुरतों की पूर्ति हेतु निर्धारित किया है लेकिन थाना ईलाके के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में थाना प्रभारी की लचर व्यवस्था के चलते देर शाम तक भी ना सिर्फ दुकानें खुली रहती है बल्कि वहां भीड़ भी बनी रहती है इतना ही नहीं लोगों की आवाजाही जिले के अन्य क्षेत्रों से ज्यादा ही देखी गई है, नतीजन थाना प्रभारी छोटे कारोबारियो पर कार्यवाही कर अपनी नाकामी छिपाते नजर आ रहें हैं। जिससे इलाके मे पुलिस का दोयम दर्जे का व्यवहार से खूब फ़जीहत भी हो रही है।
जिले के कप्तान स्वयं मुख्यालय से लेकर जिले की सील सीमाओ के साथ चप्पे-चप्पे पर नजर बनाएं हुए हैं वहीं बुढार थानांतर्गत के जिम्मेदार सोशल मीडिया की वाहवाही लूटने में व्यस्त है। अच्छा होता धरातल पर सोशल मीडिया का सिंघम बिना दोयम दर्जे का व्यवहार कर कोरोना वायरस की संक्रमित चैन को नष्ट करने का प्रयास कर थाना क्षेत्र में लॉकडाउन का पालन करने की कोशिश करते।
जिला प्रशासन को अपने खुफिया तंत्र से थाना बुढार की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने की आवश्यकता है सोशल मीडिया दिखाई देती स्थिति और वास्तविकता मे फर्क स्पष्ट दिखाई देगा।
आगे ..... थानें में ही कर देते हैं फैसला, दर्जनों शिकायतों की फेहरिस्त...

