समाजवादी और गोगंपा संयुक्त टीम ने फूंक दिया चुनावी बिगुल...
अखिलेश को चांदी का ताज स्मृति चिन्ह बतौर समर्पित....
शहडोल बुलेटिन। शनिवार सपा और गोगंपा की संयुक्त रूप से पहली दफा रखी गई जिले में जन सभा में बगैर सरकारी मशीनरी और तमाम के उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को सुनने हजारों की तादाद में पहुंचे लोगों की संख्या देखकर विपक्षियों को यकीनन पसीना आ गया होगा। मुख्यालय के टेक्निकल ग्राउंड में खचाखच भरा पंडाल में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने घंटे भर देरी से शिरकत की।
इस जनसभा के दौरान गोगंपा एवं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं में प्रमुख रूप से गौरी शंकर यादव, राकेश सिंह बघेल, हीरा सिंह मरकाम, तेजप्रताप उइके, राशिद खान, एजाज़ खान, सीएम. वंशकार समेत दो दर्जन से अधिक संख्या में पडोसी राज्य से प्रदेश की राजनीति में बदलाव लाने के लिए पहुंचे।
इस जनसभा के दौरान गोगंपा एवं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं में प्रमुख रूप से गौरी शंकर यादव, राकेश सिंह बघेल, हीरा सिंह मरकाम, तेजप्रताप उइके, राशिद खान, एजाज़ खान, सीएम. वंशकार समेत दो दर्जन से अधिक संख्या में पडोसी राज्य से प्रदेश की राजनीति में बदलाव लाने के लिए पहुंचे।
लखनऊ उत्तर प्रदेश हवाई मार्ग से उमरिया हवाई पट्टी पर हुएं आगमन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का जगह जगह स्वागत सत्कार किया गया। शहडोल कार्यक्रम में जेड सिक्योरिटी के साथ पहुंचे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों को बतलाया और मौजूदा सरकार की नाकामियों के साथ बहुचर्चित मध्यप्रदेश की सड़कों पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के टिप्पणी पर तंज कसा और कहा उमरिया हवाई पट्टी से शहडोल 80 किलोमीटर दूरी तय करने में यहां 2 घंटे से अधिक समय लगा सड़कों की दुर्दशा को देखते हुए कोई कैसे कह सकता है कि यह सड़क अमेरिका से बेहतर है।
जनसभा की भीड़ निश्चित तौर पर वर्तमान समय में सरकार की नाकामियों और चहु ओर अनियंत्रित महंगाई पर सरकार फेल हो चुकी है यह महागठबंधन की पहली जनसभा आदिवासी बहुल क्षेत्र में हुई जरूर है लेकिन अंतर जीत हार का भोपाल से दिल्ली तक की राजनीति में लगाया जाने लगा है।






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