विधानसभा निर्वाचन 2018
"मुनीन्द्र तिवारी"
शहडोल बुलेटिन। यह विकास की तस्वीर सूबे के मुखिया शिवराज सिंह जी के निर्वाचन आयोग क्षेत्र की क्या वया कर रही है । फिर भी विकास का ही आधार लेकर चौथी बार सरकार बनाने को लेकर मैदान मे है ।
हालाकि सरकार बनाने को लेकर दोनो ही भाजपा कांग्रेस फूंक फूंक कर आगे बढ रहे है । बढना भी चाहिए क्योंकि सभी के राजनीतिक जीवन और मरण का सवाल है । और अन्य दलो के अलावा अबकी चुनाव मे सपाक्स संगठन भाजपा कांग्रेस कांग्रेस दोनो का समीकरण और खेल विगाड रहा है। जिसमे कांग्रेस का अधिक ? देखने की बात यह होगी कांग्रेस । सपाक्स और बसपा के बोंटो को अपनी तरफ करने मे कितना कामयाब और बसपा अपने बोंट रोक कायम रखने मे सफल ।
आगे बात ब्यौहारी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 83 की ।
शहडोल जिला और बिंध्यक्षेत्र के सीधी संसदीय सींट के दो कद्दावर नेताओ से उलझती है । आदिवासी जाति वर्ग के लिए आरक्षित विधान सभा सींट मे सर्वाधिक मतदाता ब्राह्मण वैश्य एवं पटेल ही माने जाते है ।
गत विधान सभा निर्वाचन 2013 मे लगभग भाजपा के लिए परम्परागत सी बन गयी सींट सामंतवाद के एकाधिकार को समाप्त करने संगठित हुई कांग्रेस बसपा और भाजपा के भीतर घात का लाभ कांग्रेस से विधायक बने वर्तमान विधायक रामपाल सिंह को मिला था ।
अब की निर्वाचन मे लगभग भाजपा पिछली भूल का सुधार करने की रणनीत मे अभी से कांग्रेस के म्याद मे सेंध लगा आगे बढ रही । तो कांग्रेस अपने निर्वाचित विधायक की टिकट कांटने को लेकर दुविधा मे । लेकिन वर्तमान समय मे विधायक जी के प्रतिनिधित्व और समीकरणो को लेकर कराये सर्वे के विना पर असमंजस मे भी ।
सूत्रो से मिल रही खबरो के अनुसार गत विधानसभा निर्वाचन मे जीत के आकडे के लिहाज से दावेदारी मजबूत मानी जा रही है । लेकिन आगामी विधानसभा निर्वाचन फतह के लिहाज से कराये सर्वे और कांग्रेस के अंदर ही मुखर हो रहे विरोध से संशय मे।
बहरहाल भाग्य की नंगी तलवार क्षेत्रीय विधायक रामपाल सिंह दिलीप सिंह मरावी और शरद कोल के गर्दन अभी भी लटकी हुई है । तो भाजपा तमाम दावेदारो के साथ जी न्यायिक सेवा को त्यांग भाजपा मे आये जी 0 एस 0 नेताम के अलावा जैयसिहंनगर से विधायक प्रमिला सिंह पर भी ध्यान लगाये हुए है ।
लेकिन सर्वाधिक केंद्र विन्दु जी. यस 0 नेताम बन गए है । भाजपा भीतर भीतर से भयांक्रान्त है है । कि अन्य उम्मीदवारो को किसी तरह तरह शांत किया जा सकता है। लेकिन श्री नेताम को नही । क्योंकि उनको चुनाव मैदान मे आना ही है । जो सभी के समीकरण विगाड सकते है । वैसे भी ऐसा माना जाता है कि भाजपा कांग्रेस के अलावा सपाक्स संगठन विशेष परिस्थिति मे गोंडवाना के इंतजार किये हुए है ।

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