शहडोल बुलेटिन। मंगलवार दोपहर 12:33 बजे सूबे के मुखिया शिवराज सिंह चौहान शहडोल कलेक्ट्रेट तीनों विधानसभा के प्रत्याशियों के साथ पहुंचे। उन्होंने 12:54 पर भाजपा की टिकट पर इस विधानसभा चुनाव के प्रत्याशियों का नामांकन दाखिल कराया। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान दीपावली की शुभकामनाएं दी और शहडोल जिले से अपना लगाव की बातों को साझा किया।
उन्होंने बताया शहडोल संभाग के विकास में कोई कसर बाकी नहीं रहेगी विकास के आधार पर चुनाव जीता जाता है इसी बीच पत्रकारों ने रिंकू गुट के बगावती तेवरों पर प्रतिक्रिया जानने की कोशिश की तो नाम सुनने के बाद नाराजगी भरे अंदाज में पत्रकारों से बातचीत पर विराम देते हुए टेक्निकल ग्राउंड की ओर निकल गए।
विधानसभा चुनाव 2018 का आगाज़ होने के बाद उम्मीदवारी को लेकर हुई भारी उठापटक के बाद आखिरकार अंतिम पड़ाव पर नामांकन दाखिल करने पहुंचे उम्मीदवारों की अग्निपरीक्षा की बारी आई है जिसमें विधानसभा चुनाव में राजनीति के दिग्गज नेताओं ने बिसात बिछाई है कि किस समय कौन सा दांव लगाया जाना है। हम बात कर रहे हैं बीते रविवार को भाजपा के ब्यौहारी विधानसभा क्षेत्र से एक गुट अपने चहेते उम्मीदवार को टिकट दिलाएं जाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाया हुआ था परन्तु पार्टी की प्रत्याशी चयन समिति ने उन तमाम उम्मीदवारों को दरकिनार किया जो रिंकू गुटों के माध्यम से लाबिंग की है।
आज नामांकन दाखिल करने पहुंची जनता जनार्दन के साथ भाजपा नेताओं ने विरोधी खेमे की लगभग एक सैकड़ा भीड़ के जवाब में 02 सैकड़ा से ज्यादा चार पहिया एवं आधा दर्जन बसों में आए लगभग दो हज़ार की जनता प्रत्याशी शरद कोल के साथ विधानसभा ब्यौहारी में विजय पताका फहराने जा रही है का दमदार संकेत दिया है।
भाजपा बहुत फूंक फूंककर कदम रख रही हैं इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पार्टी ने अपने सर्वे में यहां कोई जिताऊ उम्मीदवार नहीं दिखाई दे रहा था क्यूंकि पूर्व में रिंकू गुट का स्थानीय विरोध के चलते बीते दिनो विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी रामपाल को लगभग 18000 मतों से जीत हासिल हुई इसके साथ साथ नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा के अंतर्कलह की कलई खुल कर सामने आ गई। इन सभी बातों को ध्यान रखकर पार्टी जोखिम उठाने के लिए इस चुनाव में गंभीरता पूर्वक विचार कर नया विकल्प के तौर पर शरद कोल पर दांव लगाया है कि भाजपा की विशेष सतर्कता बरती गई है।
सूत्रों की अगर मानें तो जिले की इस विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी को इतिहासिक बढ़त हासिल हो सकती है। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा नामांकन दाखिल कराने खुद आना अपने आप में भाजपा आलाकमान का बेहतर नेतृत्व बताते हुए सारे अपवाद पर पर विराम लगा दिया गया है। अब चुनाव तो दिलचस्प होगा ही साथ ही नाराज़ खेमें में बटे कार्यकर्ता भ्रम की स्थिति पर है।







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