एक्सपोज : अशोक महोबिया कागजों पर बीमार, हाजिरी रजिस्टर में चंगा
जानिए....पिता, पुत्र कालरी मे कैसे ले रहे दोहरा आर्थिक लाभ
जय कुमार सोनी
शहडोल बुलेटिन। केंद्र सरकार ने सरकारी नौकरियों में अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति देने के कानून में एक बड़ा बदलाव किया है। किसी कालरी कर्मचारी के असमय निधन या किसी चिकित्सकीय वजह से 55 साल से कम उम्र में रिटायर हो जाने की स्थिति में उसके एक आश्रित को उसकी जगह नौकरी मिल सकती है समयावधि समेत नियमों का अक्षरश: पालन किए बिना संभव नहीं होगा परंतु शहडोल जिले अंतर्गत साथ ईस्टर्न कोल्डफिल्ड लिमिटेड के सोहागपुर एरिया मे दबंगई कितनी हावी है जिसकी बानगी देखी जा सकती हैं।
शहडोल बुलेटिन। केंद्र सरकार ने सरकारी नौकरियों में अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति देने के कानून में एक बड़ा बदलाव किया है। किसी कालरी कर्मचारी के असमय निधन या किसी चिकित्सकीय वजह से 55 साल से कम उम्र में रिटायर हो जाने की स्थिति में उसके एक आश्रित को उसकी जगह नौकरी मिल सकती है समयावधि समेत नियमों का अक्षरश: पालन किए बिना संभव नहीं होगा परंतु शहडोल जिले अंतर्गत साथ ईस्टर्न कोल्डफिल्ड लिमिटेड के सोहागपुर एरिया मे दबंगई कितनी हावी है जिसकी बानगी देखी जा सकती हैं।
कालरी के सोहागपुर एरिया मे बुढ़ार सबएरिया (बुढ़ार ग्रुप) मे सहा. इलेक्ट्रिशियन पद पर पदस्थ अशोक महोबिया लगभग दो वर्षो से कालरी प्रबंधन की ऑखो में धूल झोककर अपने पुत्र से नौकरी करा रहा है जिसकी भनक संभवतः कालरी के जिम्मेदार अधिकारियों को नहीं है हालांकि कालरी क्षेत्र बाबूगिरी से प्रभावित रहा है जिसका प्रभाव यहा निजी लाभ के लिए ही सही पर कालरी प्रबंधन को यहा धोखे में रखकर अशोक महोबिया द्वारा एक तरफ मेडिकल बेनिफिट आहरित किया गया वही मेडिकल जांच की की सत्यता को मान ले तो नौकरी करना अशोक महोबिया के लिए मुश्किल है चूकि कालरी वर्तमान समय में वेतन न्यूनतम 50000₹ दे रही है जिससे ललाईत शातिर अशोक महोबिया अपने आप को दोयम लाभ उठाने वाले अपराध से गुुरेज नही किया। और अवैध तरीके सेे अपने पुत्र विजय महोबिया को अपने स्थान पर कालरी कर्मचारी बनाकर बुढ़ार सब एरिया अंतर्गत उतार दिया। इस मलाईदार नौकरी के वर्तमान वेतन ने ही संभवतः वर्षो से रोजीरोटी चला रही कालरी प्रबंधन को दगा देने के लिए प्रेरित किया होगा परंतु यह प्रथा अन्य कर्मचारियों ने अब तक नहीं अपनाई क्योंकि कालरी प्रबंधन मे कर्मचारियों को नियम कानून व्यवस्था का पालन करना अपना पहला कर्तव्य समझते हुए अपने दायित्वपूर्ण करता है। विडंबना है कि सारे कायदे कानून की सीमा चंद रूपयो की ख़ातिर बाप बेटे ने लांघना ही सही समझा।
अशोक महोबिया दोयम लाभ लेने का अपराध कर जहा लगातार कागजों में कालरी उपस्थिति विजय महोबिया (पुत्र) के द्वारा दर्ज करा रहे हैं वही कालरी प्रबंधन के खर्च पर रेफरर, मेडिकल दवाओं का लाखों रूपए के बिल भुगतान लेने से भी पीछे नहीं है जोकि बीमार है और हाजिरी रजिस्टर में चंगा गज़ब की गणित है जिसका जवाब मैनेजमेंट के पास होना चाहिए कि यह सब वर्षो से चलता रहा और सब्जी चुप क्यों है हालाँकि अब मामले की तमाम जानकारी एसईसीएल सोहागपुर एरिया के बुढ़ार ग्रुप प्रबंधन इस नए जुगाड पर नौकरी हस्तांतरित करने वाले लोगों की जांच क कार्यवाही करनी चाहिए वरना जुगाड की हस्तांतरित नौकरी के उम्मीदवारो सोहागपुर एरिया मे लंबी सूची हैं।
यदि कालरी कर्मचारी अपने पुत्र से अपनी नौकरी करा रहा है मामले की जांच उपरांत कार्यवाही की जायेगी।
पी.श्री कृष्णनसबएरिया बुढ़ार ग्रुप
एसईसीएल सोहागपुर एरिया, शहडोल (मध्यप्रदेश)
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मामले जानकारी आपने दी है अनलीगल नौकरी हस्तांतरित होने का सवाल ही नहीं, जांच के बाद कार्यवाही की जाएगी।
पी. नारेंद्र कुमारसीनियर पीआरओ
सीएमडी एसईसीएल बिलासपुर (छत्तीसगढ़)

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