आरोप : प्रदेश के इस जिले में पुलिस एआईआर दर्ज करने मांग रही 5000 रूपए ऱिश्वत
एसिड अटैक का दंश झेल रही नाबालिग का दोहरा शोषण
ब्यौहारी थाना प्रधान आरक्षक समेत टीआई निलंबित
शहडोल बुलेटिन । शहडोल के ब्यौहारी में नाबालिग पर एसिड फेकने के मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं करने पर आईजी ने टीआई गोपाल सिंह और प्रधान आरक्षक वीरेंद्र तिवारी को निलंबित किया है। 26 मई की घटना के बाद से रिपोर्ट दर्ज के लिए 5000 रूपए रिश्वत मांगी जा रही थी पीड़ित परिवार मजदूर वर्ग का है जिनका दिन का गुजारा देहाडी की रोजी रोटी से होता है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि रिश्वत नहीं देने के कारण उनकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई। 13 साल की बच्ची की हालत बेहद खराब है। जिसके बाद थक हार कर परिवार ने आईजी दफ्तर में गुहार लगाई, जिसके बाद आईजी एसपी सिंह ने मामले की गंभीरत को देखते हुए तत्काल टीआई और प्रधान आरक्षक को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही बच्ची के इलाज के लिए 5000 हजार रूपए की आर्थिक मदद भी की। इस खबर को सोशल मीडिया में खबर वायरल होने के बाद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है और रिश्वत मांगने वाले आरोपियो को निलंबित कर दिया है ।
26 मई को शहडोल जिले के ब्यौहारी थानांतर्गत ग्राम बराछ में रहने वाले एक गरीब परिवार की 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची के ऊपर एसिड अटैक हुआ था। लेकिन थाने में रिपोर्ट नहीं लिखे जाने के बाद पीड़ित परिवार ने शहडोल रेंज के आईजी एसपी सिंह के यहां इंसाफ की गुहार लगाई थी। एसिड से बच्ची का चेहरा, हाथ और चेस्ट पर गंभीर रूप से जल गया है। बच्ची पर हेमराज नाम के आरोपी ने एसिड से हमला किया था। पीड़ित की मां के मुताबिक 26 मई को बेटी घर पर अकेली थी जिसका फायदा उठाते हुए आरोपी सरोज कहार का भांजा हेमराज कहार ने बेटी के ऊपर एसिड डाल दिया और मौके से फरार हो गया जिसके बाद बेटी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती है। बेटी की हालत समाचार लिखे जाने तक नाजुक बनी हुई हैं।
हालांकि मामले में जिले के समाजसेवी व भाजपा नेता कैलाश तिवारी ने एस. पी. सिंह आई जी शहडोल रेंज से मिलकर तमाम स्थिति का जायजा लेते हुए मामले पर रिश्वतखोरी पर अफसोस जाहिर किया गौरतलब एसिड हमले की प्राथमिकी जीरो में दर्ज कर डायरी ब्यौहारी भेज दी गई है यह इस वर्ष का पहला मामला है जिसमें महिला पर अत्याचार के लिए एसिड हमले की बात सामने आई है।

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