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शुक्रवार, 21 जून 2019

हर दिन गरज रही चैनमाउंटिग पोकलेन मैनेजमेंट : प्रतिबंध के बावजूद अवैध रेत उत्खनन गोगपा का ऐलान होगा जंगी आंदोलन


हर दिन गरज रही चैनमाउंटिग पोकलेन
मैनेजमेंट  : प्रतिबंध के बावजूद ताबड़तोड़ अवैध रेत उत्खनन  

गोगपा का ऐलान होगा जंगी आंदोलन


जैतपुर, जयसिंहनगर,  ब्यौहारी विधायक भी लामबंद 

शिकायतकर्ता को हथियारबंद माफियाओ ने की मारपीट 


जय कुमार सोनी 
शहडोल बुलेटिन, रेत माफिया पर नहीं कोई प्रतिबंध, उपर तक मैनेजमेंट सिस्टम संबंध, रेत उत्खनन व्यापक रूप से चोरी की हर दिन की पुख्ता जानकारी के बाद भी अब तक खनिज विभाग और जिम्मेदारो की चुप्पी आश्चर्यजनक है मानो इसके मायने मैनेजमेंट की राह पर चलता दिखाई देता विभाग रेत तस्करी पर राजस्व का करोड़ो के नुकसान से  बेहतर ऩिजी लाभ सुनिश्चित कर आँखों पर पट्टी और कान में रूई डालकर महज तमाशाई के अंदाज़ में दर्शकों (जनता, राजनेता एवं मीडिया) को कार्यवाही का दिलाशा दिला रहे हैं जबकि धरातल की सच्चाई सामने सबके हैं असलहे के दम पर अवैध रेत,  कोयला खनन किया जा रहा है सूत्रों के हवाले से खबर यह भी है कि इस रेत,  कोयले के खनन और परिवहन करने वाले लोगों ने सरकारी नुमांइदो को प्रतिशत के हिसाब से पूरी इमानदारी से रेत तस्करी से कमाया धन विभाजित करते है जिसमें भागीदारी पुलिस सिपाही तक नहीं आला अधिकारियों की साफ दिखाई देती हैं 

देवलोद,  सुखाड़,  समधिन,  पोड़ी,  नरवार, पटासी, नवलपुर, जरवाही,  रूगंटा, झगरहा, बकहो,  बकही, बटुरा,  बिछिया, रामपुर एवं केशवाही अंतर्गत रेत,  कोयला माफियाओ का जाल बुना हुआ है मौसम कोई भी हो प्रशासनिक व्यवस्था के लिए अधिकारी कोई भी तैनात हो इनका नंबर दो की गाड़ी पर ना कोई हाथ लगा सकता कार्यवाही तो दूर की बात है बावजूद मीडिया का काम है हर हाल में सच्चाई, अच्छाई और भ्रष्ट तंत्र को बेनकाब करने का वो हम कर रहे है जिले में अपराधियों के हौलसे आर्थिक स्थिति में पलक झपकते सुधार से लगातार अपराधिक ग्राफ अंचल पर बढ़ते दिखाई देने भी लगे हैं और इधर हम भ्रष्टाचार के खिलाफ आपकी खोखली घोषणा जनता को सुना और दिखा रहे हैं विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक जिले भर से प्रति दिन 400-600 ट्रक रीवा,  सकना और पन्ना बिक्री के लिए जा रहे हैं पन्ना में एक ट्रक सोननदी की सुनहरी रेत 45000-60000₹ तक कीमत में बिक्री हो रही हैं मतलब औसतन प्रतिदिन करोड़ो रुपए का कारोबार से कौन कौन उपकृत है सोच और समझने वाली बात है हालाँकि संबधित माफियाओ से मिली एक खाकी डायरी के मुताबिक सारे रेत माफियाओ की निगहबानी करने वालों नामो की सूची में कई नाम प्रशासनिक अधिकारियो से लेकर सफेदपोश की सियासतदारो के चौकने वाले नाम है 


जिले भर से लोगों ने माफियाओं के दिन-रात ताबड़तोड़ उत्खनन की शिकायत जिला प्रशासन से की है उन लोगों में आम नागरिक से लेकर पूर्व मंत्री और विधायक तक शामिल है बावजूद प्रशासन की कान में जू नहीं रेंग रही है कारण जो भी हो पर जिले की प्रशासनिक व्यवस्था और आम आदमी की सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान लगता नजर आ रहा है यहां देवलोद,  जयसिंहनगर,  सोहागपुर,  बुढ़ार और अमलाई थाना अंतर्गत हो रहे रेत,  कोयले की ताबड़तोड़ उत्खनन में नाम यादवबंधुओ का खुलकर सामने आ रहा है वहीं रेत,  कोयला माफियाओ की पूरी टोली काम कर रही है जिसके पुख्ता सबूत मीडिया प्रशासन से साझा भी कर रहा है प्रशासनिक कसावट, सख्ती के नाम पर महज टास्कफोर्स गठित की गई है इनके गठन से जाने कब सख्ती की जाएगी धरातल पर दिखता नहीं नजर आ रहा है  वहीं  बयानबाजी कर रहे जिले के खनिज अधिकारी मात्र  जनता, मीडिया को तो गुमराह कर रहे हैं साथ ही जिला कलेक्टर की आंखों में भी धूल झोंकने की कोशिश कर रहे हैं कि प्रशासन कार्रवाई कर रहा है किसी को बख्शा नहीं जाएगा पर कब यह तय नहीं देवलोद सुखाड़, जयसिंहनगर पोडी,  बुढ़ार अंतर्गत जरवाही, अमलाई अंतर्गत बकहो,  बकही,  एवं बटुरा  में कोई दिन ऐसा ही नहीं जब यह अवैध उत्खनन किसी अधिकारी या प्रशासनिक सख्ती के कारण थमा हो विडंबना है कि जिला प्रशासन के पास पर्याप्त अमला अमला मौजूद है पुलिस बल मांगने पर पर्याप्त बल उपलब्ध कराने और माफियाओं को दबोचने का साहस रखती है परंतु वह कार्रवाई धरातल पर अब तक सफर ही कर रही है जिले की जनता गली चौराहे प्रशासनिक ऐसी व्यवस्था,  कसावट का भारी उपहास अब उड़ाने लगी है कि जिम्मेदार अधिकारियों ने रेत,  बेची, पत्थर बेचा जब सब कुछ खत्म तो ईमानदारी भी.... यही हाल रहा तो जिले मे जल,  ज़मीन और जंगल तहसनहस हो जाएगे और जिम्मेदारी वर्तमान प्रशासनिक अधिकारियो की होगी.  

जनप्रतिनिधि प्रतिक्रिया ....
                       जल, ज़मीन और जंगल को रेत माफियाओ ने आर्थिक लाभ के लिए लगातार क्षति पहुंचा रहे हैं जिला प्रशासन को गोडवाना गणतंत्र पार्टी ने पहले ही चेताया है परंतु यहां अवैध खनन चरम सीमा पार कर गया जाने क्यू इन खननकारियो को रोकने की कोशिश नहीं की गई,  जबकि प्रशासन के पास तमाम संसाधन मौजूद है जल्दी ही मामले में प्रशासनिक दखल होना चाहिए वरना हम गोडवाना गणतंत्र पार्टी के लोगों को जंगी आंदोलन के लिए उतरना पड़ेगा, हम आपके माध्यम से सोननदी पर ताबड़तोड़ चैनमाउंटिग पोकलेन मशीन से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक अवैध रेत खनन, परिवहन करने वाले लोगों पर अविलंब कार्यवाही की मांग करते हैं. वरना मजबूरन आंदोलन करना होगा जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी.. 
तेजप्रताप उइके 
गोडवाना गणतंत्र पार्टी शहडोल 

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