Samfull: मप्र. के इस जिले का प्रशासन बिकाऊ हैं...बिक गया..? सुनिए सरकार... माफिया हड़प रहे हर दिन करोड़ रुपये का गौढ़खनिज एनजीटी आदेश की उड रही धज्जियां - ShahdolBulletin

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शनिवार, 22 जून 2019

Samfull: मप्र. के इस जिले का प्रशासन बिकाऊ हैं...बिक गया..? सुनिए सरकार... माफिया हड़प रहे हर दिन करोड़ रुपये का गौढ़खनिज एनजीटी आदेश की उड रही धज्जियां

Samfull: मप्र. के इस जिले का प्रशासन बिकाऊ हैं...बिक गया..?
सुनिए सरकार... माफिया हड़प रहे हर दिन करोड़ रुपये का गौढ़खनिज
एनजीटी आदेश की उड रही धज्जियां 


डेस्क रिपोर्टर
भोपाल बुलेटिन,  शहडोल मे थाना, तहसीलदार,  एसडीएम से लेकर एसपी,  कलेक्टर, कमिश्नर और आईजी तक सबको सोननदी के अंधाधुंध रेत खनन (चीरहरण)  की प्रमाणिकता का स्मरण होकर भी जांच के नाम पर खोखला आश्वासन क्यों समझ से परे है मानो इसके पीछे की हकीकत मैनेजमेंट सिस्टम का तो नहीं कह पाना मुश्किल होगा परंतु अब तो नेताओ,  विधायक और पूर्व मंत्री रहे लोगों ने भी माफियाओ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है मतलब साफ है जिला प्रशासन की ऑखो में इस दिन-रात ताबड़तोड़ अवैध उत्खनन करने वालों पर शिकंजा कसना नही चाहता वरना अदना सा रेत भंडारण क्षमता का ठेकेदार रीवा, गोविंदगढ़, रामपुर, सतना में प्रतिदिन सैकड़ा भर 10-16चका ट्रको में परिवहन बेख़ौफ कर पाता। 

जिले के सोहागपुर थाना में जब्तशुदा वाहन बताते है कि ट्रेक्टर,  डग्गी के जरिए अवैध रेत खनन पर सख्ती बरती है वही सख्ती देवलोद, ब्यौहारी एवं जयसिंहनगर मे टॉयटॉय फिस्स क्यों हो जाती है यह अब जगजाहिर हो गया है अब तो आर्थिक निजी फायदे वाली बात उजागर होकर जनता के दरबार खुलकर सामने आ रही है कि यहा सब मैनेज है ना कोई माइनिंग, ना कही कोई चैकिंग, सीधा नदी की बीच धार मे गरज रही चैनमाउंटिग जिसके पंजे शहडोल संभाग की लाइफलाइन की छाती हर मिनट छलनी कर रही है जबकि रेत की आवंटित खदानो को भी एनजीटी की शर्तो के अनुसार रेत खनन पर 15 जून से 30 सितंबर तक रेत खनन पर रोक लगी रोक भी पोडी, समधिन, सुखाड़, बकहो,  बटुरा, जरवाही,  बिछिया के माफियाओ-प्रशासन के तगड़े गठजोड़ के कारण नियमोल्लंघन पर गौढ़खनिज की चोरी लगातार जारी है। प्रतिबंधित के दौरान आवंटित रेत खदानों से उत्खनन, परिवहन को अवैध माना है। 

वही रेत माफियाओ पर इसके उलट प्रतिबंध से लगी खनन पर रोक लगने के चलते रेत की कीमतों में वृद्धि हुई। जिससे मुनाफा मे इजाफा लाजिमी है इन भ्रष्ट तंत्र के बीच मध्यप्रदेश सरकार के राजस्व का नुकसान हो रहा है वहीं दूसरी ओर नदियों से लगातार रेत सतह कम होने से जलस्तर पूरे शहडोल का नीचले स्तर पर पहुच गया है और आगे यही जारी रहा तो शहर से घटता जलस्तर जल, जमीन और जंगल को तबाही के मार्ग पर लाकर खड़ा कर देगा. मामला गंभीर है इस पर जनता के पास प्रशासन का कोई जवाब नहीं है। 

सूत्रों के हवाले से खबर यह भी है कि जिला प्रशासन की ऑखो में पडे पर्दे पर जनता,  राजनीति दलो के नेता सब नाराज है यहा लॉ एंड ऑर्डर पर जनता अविश्वास जताने सड़क पर उतरने की तैयारी शुरू कर दी है जिसकी गूंज प्रदेश से केंद्र सरकार तक सुनाई देगी । निश्चित तौर पर एहतियात नही बरतने पर भयावह स्थिति सामने दिखाई पड़ रही दर्जन भर चैनमाउंटिग पोकलेन मशीन दबगई और मैनेजमेंट सिस्टम के दम पर ताबड़तोड़ अवैध उत्खनन कर सैकड़ों ट्रक पडोसी जिले में परिवहन बेख़ौफ कर रहे हैं एक बड़ा सवाल आखिर सोननदी से सड़क पर निकलती ट्रको की निगहबानी पर्दे के पीछे कौन कर रहा है । 

अब जनता को जरूरत है कि समझे कि शहडोल टोलबेरियल में 30-60₹ की वसूली फिरौती डकैती डालने जैसी लगती हैं कि यहां जीवनदायनी नदी सोननदी पर जारी भारी भरकम चैनमाउंटिग पोकलेन मशीन से प्रतिदिन की अवैध रेत उत्खनन और परिवहन समाजसेवा, विनम्रता वाला मैनेजमेंट सिस्टम जो सरकारी सड़क इन्ही ट्रको के ओभरलोड और बगैर किसी राजस्व चुकाए फर्राटा भर रही हैं वो टूट गई है  जिसे आपके टैक्स (इनकम, जीएसटी) से दोबारा इन्ही लोगो के लिए तैयार किया जाएगा हैना बेहतरीन कार्यशैली । तो बजाओ भक्तजनो ताली.... क्यूकि इससे ज्यादा हम कर कहा पाएगे... सड़क पर उतरने की हिम्मत कहा है हमारी जो उतरे उसका साथ देने से पाप लगेगा. ...। 



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