सहस्त्रडोल के अस्तित्व पर गहराता संकट
शहडोल बुलेटिन। जिले में चल रही गतिविधियों पर मीडिया की पैनी नज़र शासकीय भूमि के लुटेरों की निगहबानी करने वाले लोगों को बेनकाब कर शहडोल बुलेटिन लगातार अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है विराटनगर वर्तमान समय में शहडोल जिसको जिला से संभाग का दर्जा प्राप्त हुआ है इतिहास के पन्नों में दर्ज सैकडों तालाबों का शहर सहस्त्रडोल के नाम से जाना जाता था और यहाँ किसानों की फसल के लिए बारहो महीनों तक वाटर लेवल पर्याप्त रहा करता था जो कि वर्तमान समय में 350 फिट से 500 फिट की गहराई में पानी ढूंढने की जरूरत पड रही है कारण लगातार तालाबों में हो रहा बेजा कब्ज़ा। ऐसा ही चलता रहा तो सहस्त्रडोल के रहवासियों को बूंद बूंद पानी के लिए मोहताज हो जाएंगा। अचरज की बात है कि जनसमस्या के जल निवारण को लेकर जिले के अधिकारियों के कानों में जू तक नहीं रेंग रही।
मामला सोहागपुर तहसील का जहाँ तन रही बहुमंजिली इमारतों में तालाब दफन किए जा रहे हैं वहीं दूसरी ओर ऐसे भूमाफिया खसरा, खतौनी, हल्का को अपनी जागीर समझ कर रखें हैं। इस मामले मे शहडोल बुलेटिन ने तहसीलदार को पूरे घालमेल से अवगत कराया। जिसके बाद बालमुकुन्द मिश्रा तहसीलदार सोहागपुर ने मामले रिकार्ड माँगवाकर जांच कार्यवाही की बात की है।
जांच के बाद होगा खुलासा
#शहर में अब किसने लील लिया है तालाब..
जल्दी ही शहडोल बुलेटिन
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