परियोजना प्रबंधन ईकाई (डीपीएमयू) की बैठक सम्पन्न
सिटी डेस्क
शहडोल बुलेटिन। राज्य शिक्षा केन्द्र के निर्देशानुसार कलेक्टर ललित दाहिमा एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री पार्थ जयसवाल के मार्गदर्षन में जिला परियोजना प्रबंधन ईकाई (डीपीएमयू) की बैठक संभागीय संयुक्त संचालक लोक शिक्षण शहडोल संभाग शहडोल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।
डॉ. मदन कुमार त्रिपाठी जिला परियोजना समन्वयक ने कहा कि जिला परियोजना प्रबंधन ईकाई बैठक के उद्देश्य की गई कार्यवाही का बिन्दुवार का विश्लेषण कर आवश्यकतानुसार के बिन्दुओ पर सुझाव दिये। बैठक में निम्न बिन्दुओं पर पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के द्वारा समीक्षा की गई तथा निर्देश दिये गये। डॉ. मदन कुमार त्रिपाठी एवं दिपांशु गुप्ता द्वारा एजेण्डा के बिन्दुओ पर चर्चा की गई।
विकासखण्डो मे बी0पी0एम0यू0 की बैठक की समीक्षा, गत माह मे दक्षता उन्नयन मे किए गए कार्य का विष्लेषण, बूस्टर कार्यक्रम के संचालन की स्थिति,दक्षता उन्नयन अभ्यास पुस्तक की उपलब्धता, विद्यार्थियो का सही समूहीकरण, विद्यार्थियों द्वारा वर्कबुक का सही प्रयोग, शिक्षकों द्वारा टीचर हैण्डबुक का सही प्रयोग एवं उपलब्धता, वर्कषीट की नियमित एवं विधिवत जॉच, विद्यार्थी ट्रेकर का प्रयोग एवं कक्षा के दिवालो में लगाया जाना, शिक्षकों द्वारा बच्चो को गृह कार्य देना एवं उसकी नियमित जॉच, बच्चो की न्यूनतम दक्षता सुनिश्चित, यूनिक स्कूल का कवरेज, मॉनीटरिंग के प्राप्त डाटा का विश्लेषण, शैक्षणिक गुणवत्ता का विष्लेषण/समीक्षा, विद्यालयो में बच्चो की पोर्टफोलियो की उपयोगिता सुनिष्चित करना, पाठ्यक्रम विभाजन के सबंध में प्रधानाध्यापक द्वारा सप्ताहिक समीक्षाबच्चो का नामांकन एवं शाला से बाहर बच्चो की समीक्षा,ब्लॉक में अकादमिक मानीटरिंग का विष्लेषण, चुनौतियां, फालोअप प्लान (इष्यूज ट्रिगर) एवं निराकरण, लेवल 1 एवं लेंवल 2 का फालोअप की स्थिति कम एवं षून्य मानीटरिंग,वॉल ऑफ फेंम की समीक्षा, गोल्ड, सिल्वर, ब्रांज पदक हेतु विद्यालयो में आवश्यक मापदण्डो को पूरा करना, बच्चो की सफलता की कहानी पर प्रकाश डाला। विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति पर विषेष ध्यान दिया जावे षिक्षक घर-घर अभिवावकों से सम्पर्क कर छात्र उपस्थिति बढ़ाने का सतत् प्रयास करें। जिले में अभी तक माह जुलाई, अगस्त, सितम्बर 2019 में राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा आवंटित विद्यालयों में से लक्ष्य के विरूद्ध डीपीसी के द्वारा 100 फीसदी एवं अन्य अनुवर्तनकओं द्वारा 2122 विद्यालयों में से 2117 विद्यालयों का अनुवर्तन किया गया (99.8 प्रतिशत लक्ष्य) विद्यालय मानीटरिंग के दौरान दक्षता उन्नयन के सही क्रियान्वयन न करने अथवा अनुपस्थित 42 षिक्षकों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा रही है।
गौरतलब है कि उक्त बिन्दुओ पर विस्तृत समीक्षा करते हुये यह निर्णय लिया गया कि राज्य शिक्षा निर्देषानुसार 30 सितम्बर 2019 तक सभी बच्चे अपने आपेक्षित दक्षताओ को पूरा करते हुये अगले स्तर की दक्षता को प्राप्त कर लेंगे 3 अक्टूबर से 5 अक्टूबर तक मिड लाईन टेस्ट किया जाना है जिसके लिए आवष्यक तैयारी पूर्ण करें। इसके लिये जो भी प्रयास किया जाना आवश्यक हो किया जायें। इस संकल्प के साथ बैठक का समापन किया गया। बैठक में जिला शिक्षा धिकारी, प्राचार्य डाइट एवं अकादमिक स्टॉफ, समस्त एपीसी, बीआरसीसी, बीएसी उपस्थित रहें।


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