- ShahdolBulletin

Breaking

Home Top Ad

Post Top Ad

मंगलवार, 24 सितंबर 2019








बटुरा: विजय, अज्जू यादव की अवैध कोयला

खदानों को खनिज विभाग की मौन स्वीकृति…?




मजदूर शंकर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला अब तक नहीं मिला इंसाफ, परिजनों ने पुलिस अधीक्षक से भी लगाई है गुहार



        "गांव के बेरोजगार अवैध कोयला खदानों में पापी पेट ही के लिए सही पर दो जून की रोटी के लिए जद्दोजहद करता है। यहां जूझते लोगों के हाथ महज दिहाडी (मजदूरी) ही आती हैं, जबकि इसके उलट बटुरा गांव के निवासी कप प्लेट धोते हुए आज अवैध कोयला खदान का माफिया बना हुआ है अब तो यही दूसरी ओर इस काम में लगे हुए आधा दर्जन से अधिक लोग करोड़पति होने का दंभ अब तो गली चौराहों पर भरने लगे हैं। यहां कहने को तो थाना क्षेत्र अमलाई क्षेत्र और चचाई है लेकिन रसूख अज्जू यादव, घिर्री बगैरह का चलते है जिन्हें अपनी चोरी, चकारी से बिलकुल फुरसत नहीं है।


9425111809
शहडोल बुलेटिन। 
बेरोजगारी और दो जून की रोटी का लालच देकर कोयला माफिया यादव बंधुओं को सैकडों बेबस मजदूरों की जान जोखिम में डालने से बिलकुल गुरेज नहीं मुनाफा कमाने की होड़ में मजदूर की जान की कोई कीमत नहीं है। इनकी सेल्फ इंजीनियरी की आसपास के कई राज्यों में है कारण कोयला नगरी बुढार से लेकर कटनी, इलाहाबाद, जबलपुर, डिण्डौरी जिले तक की अवैध कोयला की खेप बेरोक टोक इसी शहडोल के बटुरा की अवैध कोयला खदानों से निकालकर परिवहन किया जाता है। और सुनिए बेखौफ़ अवैध कोयला खदान का संचालन फिर खनन कर स्थानीय केमिकल फैक्ट्री आनंद क्लोराइड समेत ईट के सैकड़ों भट्टे तक परिवहन करने के लिए थाना, चौकी सबको चकमा देकर दशकों से प्रशासनिक पकड से दूर है या साफ शब्दों में कहा जाए कि सुविधा शुल्क के दम पर ही करोड़ों रुपये की तस्करी का खुलासा नहीं हो पाया। जबकि इसके उलट जिले से चंद मिनटों की दूरी पर माफिया ग्राम बटुरा के लोगों को रोजगार बहाने मौत के मुहाने पर ढकेलने से बाज नहीं आ रहे हैं वहीं दूसरी ओर बेबसी की बानगी देखिए खौफज़दा ग्रामीण अवैध कोयला खदान का संचालन करते यादव बंधुओं के आगे बेबस है लेकिन बेचारी का दंश झेलते लोग मजदूूूरी के लालच में आकर अक्सर जान का जोखिम उठा रहे हैं यहाँ मौत को गले लगा कर काले हीरे की तस्करी में सहयोगी बना बेबस मजदूर लाचारी और बदहाली का जीवन व्यतीत कर रहा है।
भीमसेन वासुदेव का कहना है कि मृतक मेरे पुत्र शंकर वासुदेव की हुई हत्या या साज़िश इसकी निष्पक्ष जांच की जाए और अज्जू यादव, विजय यादव समेत आधा दर्जन कोयला माफिया सैकडों बेबस मजदूरों को मौत के मुहाने पर ढकेलने से बाज नहीं आते।
मामले में मृतक पिता भीमसेन वासुदेव ने गंभीर आरोप लगाए गए हैं और कहा है मेरे बच्चे की मौत का इंसाफ होना चाहिए। टीआई अमलाई के अनुसार मामले में मर्ग कायम कर लिया। फरियादी के बयान के बाद संबोधित जनो पर नामजद प्रकरण दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बहरहाल समाचार लिखे जाने तक बकही, बटुरा की अवैध कोयला खदान से विजय यादव, अज्जू यादव, राम मनोहर, घिर्री, कालरी में पदस्थ कर्मचारी कय्यूम पुत्र के साथ साथ इन दिनों काग्रेसी युवा नेता का भी हाथ काले हीरे की तस्करी में मे काले होने की जनचर्चाओ का बाजार गर्म है। बुढार और अमलाई थाने की ढीली पकड़ के ही कारण सुरंग बनाकर बेखौफ़ यहा कोयला खनन किया जा रहा है मानो प्रशासन इनकी जेब पर। शाम 06 बजे से रात 02 बजे तक श्रीवास्तव होटल तिराहा पर काले हीरे की तस्करी में मेटाडोर, पिक अप जीप और हाईवा से आनंद क्लोराइड समेत आधा दर्जन ईटा भट्टे तक सप्लाई की जाती रही हैं जबकि यहां अमलाई थाना पुलिस का पाइंट ऑन रिकार्ड है जिसकी पैनी नज़र इन सब ना पडी हो यही अपने आप में बडा सवाल है जिसका जवाब जिले के कप्तान को तलाशना होगा, वरना क्षेत्र में अवैध कारोबार के साथ अपराध का बढता ग्राफ रोकना मुश्किल हो जाएगा।




कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Post Bottom Ad