Reliance ने शुरू की फ्री बस सर्विसेज
बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन हेतु CBM सीएसआर मद से अभिनव प्रयास
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शहडोल बुलेटिन । जैसा कि कहा जाता है कि यदि एक बालक को पढ़ाएंगे तो केवल एक व्यक्ति ही शिक्षित हो पायेगा लेकिन यदि एक बालिका को सही समय पर पढने का अवसर दिया जाये तो पूरा परिवार शिक्षित हो जाता है एवं शासन के महत्वपूर्ण मिशन बेटी पढाओ बेटी बचाओ को मानकर रिलायंस सी बी एम् सी एस आर प्रोजेक्ट अंतर्गत रिलायंस फाउंडेशन द्वारा बालिका शिक्षा को प्रोत्सहित करने के उद्देश्य से निशुल्क स्कूल एवं कॉलेज बस का संचालन रिलायंस फाउंडेशन द्वरा पिछले ०४ वर्षों से किया जा रहा है एवं एक दूसरी बस सेवा का प्रारंभ आज दिनांक 18.09.2019 को हाई स्कूल नवलपुर में कलेक्टर जिला शहडोल एवं मुख्या कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत शहडोल के द्वारा बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया इस अवसर पर अनुविभागीय अधिकाररी राजस्व सोहागपुर, तहसीलदार सोहागपुर, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला शहडोल, सरपचं ग्राम पंचायत नवलपुर तथा रिलायंस सी.बी.एम. प्रोजेक्ट से श्री बिजित झा, राजीव श्रीवास्तव, एवं अन्य अधिकारी, कर्मचारी तथा ग्रामवासी एवं छात्र छात्रायें उपस्थित रहे।
बालिकाओं एवं उनके पालको के अतिउत्साह को देखकर एवं सरपंच एवं बालिकाओं के अभिभावकों की मांग के अनुसार तथा कलेक्टर महोदय जिला शहडोल के दिशानिर्देशन में इसी श्रंखला को आगे बढ़ाते हुये एक नयी 36 सीटर बस की शुरुआत 13 ग्रामों में की जा रही है। इस बस के माध्यम से नवलपुर, नदना, खितौली, धुरवार, हर्री, रायपुर, सेंदुरी भर्री, मैका, बडखेरा इत्यादि ग्रामों की 100-110 बालिकाओं को इस वर्ष उच्च शिक्षा हेतु बस सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
शासकीय रिकॉर्ड के अनुसार शहडोल जिले की साक्षरता दर 66.67 है, जिसमे महिला साक्षरता दर केवेल 56.99 है, अधिकांश बालिकाएं उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती हैं, जिसमे मुख्य कारण बालिकाओं को उच्च शिक्षा हेतु स्कूल एवं कॉलेज तक जाने हेतु परिवहन वयवस्था का अभाव पाया गया।
बालिकाओं को उनकी निरंतर एवं उच्च शिक्षा हेतु प्रेरित करने के उद्देश्य से रिलायंस फाउंडेशन ने बालिकाओं के द्वार से स्कूल एवं कॉलेज तक के लिए 04 वर्ष पूर्व 26 सीटर बस की शुरुआत की थी, इस बस से सोहागपुर एवं बुढार विकासखंड के १६ ग्रामों की बालिकाओं को बुढार कॉलेज जाने हेतु व्यवस्था उपलब्ध कराई गयी. इस बस से अब तक कुल 306 बालिकाओं ने अपनी शिक्षा को निरंतर करने हेतु उपयोग किया है बालिकाओं के परीक्षा परिणाम बहुत अच्छे आये हैं एवं कॉलेज प्रवंधन ने रिलायंस के इस कदम एवं सहयोग की सराहना की है। इन्ही सकारात्मक परिणामों के आधार पर इस बस के स्थान पर 36 सीटर बस उपलब्ध कराई गयी जिससे और अधिक बालिकाएं अपनी शिक्षा को नियमित कर सकें।
बसों के संचालन के उद्देश्य :
1. रिलायंस सी बी एम् प्रोजेक्ट के अंतर्गत ग्रामों में बालिकाओं के स्कूल एवं कॉलेज ड्रॉपआउट दर को कम करना।
2. बालिकाओं को घर से स्कूल एवं स्कूल से घर तक के लिए आरामदायक एवं सुबिधाजनक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराना।
3. बालिकाओं को स्कूल एवं घर के मध्य एक सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना।
उपलब्धियां :
- बुढार एवं सोहागपुर विकासखंड के 15 ग्रामों की 306 छात्राओं को नियमित बस सुविधा उपलब्ध हुयी।
- स्कूल कालेज जहाँ पर बस सुविधा उपलब्ध थी, बालिकाओं की रिकॉर्ड नियमित उपस्थिति दर्ज हुयी।
- वर्तमान में कुल 416 बालिकाओं द्वारा बस सेवा का नियमित उपयोग।
रिलायन फाउंडेशन द्वारा शुरू की गयी बस सेवा छात्राओं को उनकी नियमित उपस्थिति के लिए सहयोग कर रही है, मैं पिछले 03 वर्षों से रिलायंस फाउंडेशन द्वारा प्रारंभ की गयी बस सेवा का उपयोग कर रही हूँ।
अनामिका द्विवेदी
ग्राम लालपुर
मेरी बेटी की नियमित शिक्षा केवल रिलायंस फाउंडेशन द्वारा शुरू की गयी निशुल्क बस सेवा से ही संभव हो सकी है, हम एक ऐसे गाँव से आते हैं जहाँ पर परिवहन व्यवस्था एक बड़ी समस्या है।
श्रीमति माया चौधरी
ग्राम छाता
यह बस सुविधा हमारी जैसी लड़कियों के लिए वरदान सावित हुयी है, इसके अभाव में हम बीच में ही अपनी पढाई छोड़ देते।
ऋतू पाल
ग्राम लालपुर
सी बी एम् प्रोजेक्ट के तहत रिलायंस फाउंडेशन द्वारा संचालित बस से महाविद्यालय में बालिकाओं उपस्थिति में 80 प्रतिशत तक की बढोत्तरी पिछले 03 वर्षों में संभव हुयी है, महाविद्यालय के परीक्षा परिणाम भी उत्कृष्ट रहे हैं। महाविद्यालय, रिलायंस द्वारा शुरू किये गए इस पुनीत कार्य के लिए प्रवंधन को धन्यवाद देता है ....
प्राचार्य, शासकीय नेहरु कॉलेज
बुढार
हालांकि यह सुविधा उपलब्ध कबतक रहेगी इसकी कोई गारंटी नहीं है गौरतलब हो कि एसईसीएल सोहागपुर ने भी निशुल्क बस सुविधा आसपास के इलाके के लोगों के स्कूली बच्चों को आसानी होती थी। आज की तारीख में सुविधाओं के दम तोडने की खबर सुनाई दे रही है। बहरहाल इनके प्रयास की शहडोल बुलेटिन सराहना करते हुए साधुवाद देता है और जिला कलेक्टर से ऐसे तमाम निजी कंपनियों को सौंपी गई सशर्त सीएसआर के तहत कार्य करने मिली लीज के एवज में स्थानीय स्तर पर किस प्रकार सीएसआर राशि खर्ची अथवा हडपी जा रही हैं सूक्ष्मता से निगरानी किए जाने की शहडोल बुलेटिन माँग करता है।





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