OMG.. यहाँ SDM. तहसीलदार के नाम पर इंजीनियर पुत्र ने लाखों रूपये कर डाली चौथ वसूली....?
सिटी डेस्क
शहडोल बुलेटिन। जिले में अवैध रूप से जंगल की लकड़ी चोरी करते ट्रक पकड़े जाने और छोडने की प्रक्रिया, मैनेजमेंट को लेकर एक बडा खुलासा जनचर्चाओ के माध्यम से सुनने को मिल रहा है जिसकी इतिहास में किसी ने परिकल्पना नहीं की होगी कि जिसमें पीडित पक्ष ने ने थाने की शरण ली है और लिखित शिकायत के माध्यम से किस कदर लगभग महीने भर से साहब की सेवा सत्कार के नाम पर बेबस वाहन चालकों एवं मोटरमालिक से चौथ वसूली एक लाख रुपये से उपर की करने में कामयाब इंजीनियर पुत्र और पिता की कारगुजारियो को उजागर किया है। जिसको लेकर कई प्रकार के कयासों का बाजार गर्म है जिसमें तथाकथित इंजीनियर पुत्र द्वारा सेटिंग करा गाडी छुडाने के नाम पर लाखों रुपए ऐठ इसमें मजेदार बात यह भी है कि इस मामले वन विभाग के अधिकारियों को महीने भर बीतने के बाद भी कानों कान ख़बर भी नहीं है।
क्षेत्रीय तहसीलदार एवं अनुविभागीय अधिकारी के नाम पर खेला गया यह खेल जिलें में ऐसी बातें चर्चाओं का केंद्र बनी हुई है कि ना जाने कितने दिनों से आखिर कैसे बेरोकटोक लकडी कटाई जारी है बिना वैध दस्तावेजों के ठेकेदार जेसीबी ट्रक बुलाकर लोड करा लेता है फिर अचानक तहसीलदार एसडीएम का जांच दल पहुंच जाता है इसमें कार्यवाही की बातें कही जाती है संभवतः कागज़ पर बात हो परंतु गुलाबी रंग मे झांकता कागज़ के सामने कार्यवाही घुटने टेक देती है इंजीनियर पुत्र से मिली जानकारी के आधार पर पता चलता है।
बहरहाल लकड़ी चोरी का मामला अभी तक किसी भी प्रकार के खुलासे से बचा हुआ है जाने किस जमीन से वृक्ष काटें गए इस वृक्ष की कटाई की अनुमति के बिना तथाकथित इंजीनियर पुत्र समेत चुलबुले पाण्डेय नामक युवक की मध्यस्थता के बाद साहब को 25000₹, 20000 फिर 50000₹ फिर अंतिम मे नगद भुगतान किया जिससे किसी कदर ट्रक मालिक की गर्दन छूटें परंतु इस मामले पडोसी राज्य से आई गाड़ी के ड्राइवरए खलासी सहित ट्रक मालिक थानेए तहसील के चक्कर लगा रहे हैं। वही जानकारी के अनुसार 02 नवम्बर से समाचार लिखे जाने तक ट्रकए वाहन निजी स्वार्थ के लिए ही सही परिसर में खडा कर रखा है।
जानकारी के लिए बता दूं कि व्यापारी और ट्रक मालिक से पैसे लेकर चंपत हुए काशीष, मनीष नामक व्यक्ति से संपर्क किए जाने पर उल्टा मामले में उलझाने की धमकी दी जाती है अब इंजीनियर पुत्र पिता के साथ मिलकर एक लाख से अधिक रकम वाले मामले को छिपाने का प्रयास कर रहे है जबकि अब मामला दो अधिकारियों की ईमानदारी पर धब्बा लगा दिया है। आखिर एक ट्रक 02 नवम्बर से जांच नाम पर दबाब में खडा है आज समाचार लिखे जाने तक नतीजा सफर कर रहा है।
एसडीएम के नाम पर ली गई राशि को लेकर थाने में एक लिखित शिकायत भी दी गई है शिकायतकर्ता की माने तो इंजीनियर पुत्र के पिता और राजनैतिक पकड को हवाला देते हुए प्रशासनिक सेटिंग कर गाडी छुडाने के नाम पर लगभग 1 लाख रुपये से उपर की रकम अंदर कर ली। काम बनता ना देख थक हार कर शिकायतकर्ता इंजीनियर के घर पहुचकर बिगडैल पुत्र की हरकतों के बारे में बतलाया और महीने भर से हो रही परेशान हैं ट्रक की हैवी ईएमआई पेयमेट, ड्राइवर खलासी को बैठा बिना किसी परिवहन के प्रति दिन हजारों रूपये की क्षतिके बारे मे अवगत कराते हुए रकम वापस कराने की मांग की। सूत्रों के हवाले से खबर यह भी है कि इस मामले में जांच-पड़ताल के साथ मीडिया के दखल के बाद शिकायतकर्ता को 02 दिसम्बर तक मीडिया से दूरी बनाए रखने के लिए कहा गया है। संभवतः एसडीएम, तहसीलदार के नाम पर वसूली रकम वापसी के बाद शिकायतकर्ता अपनी शिकायत वापस ले ले परंतु इस मामले के बाद स्थानीय स्तर पर किस प्रकार अंधाधुंध बेशकीमती पेड काटे जा रहे हैं जंगल सिकुड़ते जा रहा है वृक्ष की अवैध कटाई की जा रही है और जिम्मेदार वन विभाग, राजस्व विभाग समेत पुलिस अधिकारियों के नाम से जिले में किस प्रकार इंजीनियर पुत्र की चौथ वसूली से व्यवसायी त्राहिमाम त्राहिमाम कर रहे हैं स्पष्ट रूप से दिखाई देता है जिसकी पुष्टि की नितांत आवश्यकता है।
यद्यपि इस तरह चलता रहा तो प्रशासनिक न्याय, कानून व्यवस्था से लोगों का विश्वास खत्म हो जाएगा । दलाल और साठगांठ जैसी ओछी हरकत में बदनाम हो रहे संबधित विभाग अधिकारी के खुद को खासमखास बताने वाले लोगों की सच्चाई खंगालने, दलाली और साठगांठ से बेबस व्यवसायियों के निवाले पर डाके डालने वाले लोगों पर एसडीएम एवं तहसीलदार को ठोस कार्रवाई करते हुए तमाम कयासों पर विराम देने की आवश्यकता है।
यद्यपि इस तरह चलता रहा तो प्रशासनिक न्याय, कानून व्यवस्था से लोगों का विश्वास खत्म हो जाएगा । दलाल और साठगांठ जैसी ओछी हरकत में बदनाम हो रहे संबधित विभाग अधिकारी के खुद को खासमखास बताने वाले लोगों की सच्चाई खंगालने, दलाली और साठगांठ से बेबस व्यवसायियों के निवाले पर डाके डालने वाले लोगों पर एसडीएम एवं तहसीलदार को ठोस कार्रवाई करते हुए तमाम कयासों पर विराम देने की आवश्यकता है।
शहडोल बुलेटिन जल्द ही आपकी एचडी स्क्रीन पर ।।
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