- ShahdolBulletin

Breaking

Home Top Ad

Post Top Ad

रविवार, 1 दिसंबर 2019



एक्सपोज ... 100 डायल निजी अस्पताल की चकारी, डॉयरेक्टर की उंची पहुँच का तुर्रा




सिटी डेस्क 
9575511705
शहडोल बुलेटिन। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए डायल 100 लाइफ लाइन हे और यह मजबूरी में किए गए कॉल पर तत्काल एक्शन मोड पे आ जाती है यह कई प्रकार से कार्य करती है। पीडित व्यक्ति द्वारा संकट में किया गया टेलीफोन/ मोबाइल कॉल सीधे कंट्रोल रूम में आता है। आपरेटर कॉल प्राप्त करता है और विवरण अंकित करता है जिससे चालान तैयार होता है। चालन से संबधित विवरण अगले स्तर जैसे बीटा, गामा, चार्ली, टैगो आदि कोर्डवर्ड पर मॉनीटरिंग किए जाते हैं परंतु 01 दिसम्बर की दरमियानी रात बिन बुलाए 100 डायल निजी अस्पताल की ड्यूटी के लिए हाजिर हो जाती है यही नहीं 1, 2 के बाद तीसरी 100 डॉयल एक साथ मिलकर निजी अस्पताल के डायरेक्टर की ड्यूटी करते एक्सपोज हुए हैं सूत्रों के मुताबिक पडोसी जिले में संचालित निजी अस्पताल के डायरेक्टर अपने कर्मचारी के काम छोड़कर जाने से परेशान हैं उनकी अस्पताल में चिकित्सा पद्धति,  व्यवस्था की पोल ना खोल दे कर्मचारी इसके चलते प्रतिदिन दवाब बनाने मे विफल डायरेक्टर ने डॉयल 100 को जरिया बनाया। तभी मीडिया को मामले में भनक लगी जिसका पूरा विडियो फुटेज शहडोल बुलेटिन के पास सुरक्षित है जिसकी शिकायत शीर्ष अधिकारियों से की जावेगी।

वहीं दूसरी ओर ऐसे मे बडा सवाल यह भी है कि इलाके जरूरतमंद लोग डॉयल 100 की मदद के लिए लगाएँ तो बस इंतज़ार के सिवा दूसरा कोई विकल्प पीडित या जरूरतमंद के पास नहीं होता। ऐसा नहीं है कि ये पहली बार हुआ है लगातार जरूरतमंद शहडोल कोतवाली पुलिस एवं सोहागपुर थानांतर्गत लोगों को 100  डॉयल मदद को लगाया करते हैं और मातहत निजी स्वार्थ के लिए शासकीय संचालित उपक्रमों का दुरूपयोग कर रहे हैं। जिसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को इनकी मॉनीटरिंग व्यवस्था में सुधार के लिए सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। वरना शासकीय वेतन के अलावा चौथ वसूली,  मलाई की लालसा में जन जन तक आकस्मिक सेवा खटाई मे पड सकती है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Post Bottom Ad