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बीच सड़क पुलिस के वेष में अपराधियों द्वारा वाहन चालक पर जानलेवा हमला                          

सिटी डेस्क, 

9575511705

शहडोल बुलेटिन। जिले में पुलिस विभाग अपनी मुस्तैदी के लिए जाने जाते हैं 24 घंटे सातों दिन पुलिस विभाग अपने वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में सभी प्रकार के अवैध गतिविधियों को रोकने और उस पर कड़ी कार्यवाही करने के लिए जाने जाते हैं इस बीच में आज शाम लगभग 7:30 बजे बाण गंगा रोड अमन पैलेस के पास देवास निवासी एक ट्रक ड्राइवर घायल अवस्था में मिला जो खुद को देवास निवासी, और इंदौर कोलकाता कार्गो सर्विसेज के वाहन एमपी 28 सी 0143 का ड्राइवर बता रहा है उसके साथ पुलिस के भेष में हमलावरों ने जानलेवा हमला किया और हाल बेहाल कर कुछ ही मिनटों में रफू चक्कर भी हो गए ड्राइवर के बताए अनुसार मैं बस स्टैंड से बाणगंगा की तरफ जा रहा था कुछ दूर चलने के बाद ही एक केले के ठेले वाले ने मुझे बताया कि आप भटककर गलत रोड पर आ गए हैं यह नो एंट्री है जिस को संज्ञान में लेकर ड्राइवर गाड़ी को बैक कर उचित स्थान पर खड़ा करने के लिए चला जहां कुछ ही दूर अभी चला ही के पीछे से एक बड़े वाहन में पुलिस की वर्दी पहने हमलावर पहुंचे और उनके द्वारा ताबड़तोड़ उस पर हमला किया गया जिस पर ड्राइवर द्वारा हाथ जोड़ने पढ़ने विनती करने की सारी जुगत लगाई गई लेकिन हमलावरों द्वारा पूरी बेरहमी के साथ उस पर लाठियों की बौछार कर और अधमरा छोड़ उसके सारे दस्तावेज समेत नकदी लगभग 20000₹ लेकर रफूचक्कर हो गए ऐसा बयान उस पीडित ड्राइवर गोकुल बघानिया द्वारा मीडिया को कैमरे में बताया गया है इस बयान के बाद स्थिति काफी संवेदनशील दिख रही है यदि पुलिस के भेष में असामाजिक तत्वों द्वारा ऐसे घृणित अपराध को किया गया है तो पुलिस विभाग द्वारा इसको तत्काल संज्ञान में लेकर ऐसे सरफिरे के विरुद्ध तत्काल सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए यदि वास्तविकता में पुलिस की वर्दी पहने पुलिस वालों द्वारा ऐसा गणित कृत्य किया गया हो तो आला अधिकारियों कोई से संज्ञान में लेकर विधि सम्मत कार्रवाई कर समाज में पुलिस की बिगड़ती छवि को सही करने के लिए किया जाना चाहिए।

गौरतलब है मीडिया के समक्ष दिया गया बयान में ड्राइवर द्वारा स्पष्ट रूप से पुलिस वालों पर ऐसा आरोप लगाया गया है जिसकी पुष्टि हमारे द्वारा नहीं की जा रही है लेकिन उस ड्राइवर के बयान के मायने काफी गंभीर हैं जिसकी तत्काल और निष्पक्ष पारदर्शी जांच होनी चाहिए। इस मामले मे हालाकि माल लदा ट्रक स्थानीय लोगों की मदद से किनारे खडा कर दिया गया है।

लेकिन बिडंबना देखिए अकेला मूर्छित अवस्था में ट्रक ड्राइवर कैसे वाहन गन्तव्य स्थान तक ले जाएंगा। इसके साथ वाहन के तमाम दस्तावेज समेत नकदी लूट ले जाने की कार्यवाही समझ से परे है।

प्रशासनिक प्रतिक्रियाओं के लिए यातायात डीएसपी अखिलेश तिवारी के मोबाइल पर फोन की घंटी जाती रही परंतु फोन रिसीव नहीं हो पाया इसी क्रम में शहडोल पुलिस महानिरीक्षक से भी संपर्क साधा गया। उन्होंने भी फोन रिसीव नहीं किया। बहरहाल मीडिया अपना समाजिक सरोकार, दायित्व निष्पक्ष निभाते हुए खबरों के माध्यम से प्रशासन को जगाते रहने के लिए प्रतिबद्ध हैं और रहेगा।