गौरवान्वित पिता ने बेटी को सलूट कर थाने में आमद दीे
PHQ के एक आदेश के बाद पुत्री के अधीनस्थ थाने में पिता की ड्यूटी
मझौली~ 184 गांवो की परगना बनी मझौली थाना प्रभारी साबेरा अंसारी के नाम एक अनोखा रिकॉर्ड बन गया है जहां डीएसपी प्रशिक्षु बेटी को सलूट कर उपनिरीक्षक पिता ने आमद दी | कभी कभी ऐसा संयोग घटित होता है जो जिंदगी का अनोखा सुखद संयोग बन जाता है और समाज के लिए नजीर बन कर चर्चा का विषय बनकर पूरे क्षेत्र में छा जाता है, इसी तरह का संयोग दिनांक 2 अप्रैल 2020 को मझौली थाने में देखने को मिला जहां प्रशिक्षण अवधि में बतौर थाना प्रभारी के रूप में जिले के मझौली थाना में तैनात महिला डीएसपी सवेरा अंसारी के खुशी और आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा जब उन्हें पता चला कि जिस थाने की वह प्रभारी हैं उसी थाने में उनके पिताजी सेवा देंगे और थाना पहुंचकर पिता ने बेटी को सैल्यूट किया | ऐसा संयोग कुछ भाग्यशाली लोगों को ही मिलता है जिनमें प्रशिक्षु डीएसपी एवं थाना प्रभारी मझौली सवेरा अंसारी एवं उपनिरीक्षक अशरफ अली अंसारी जो सगे बेटी~ बाप का नाम जुड़ गया है , उल्लेखनीय है कि मझौली थाने में प्रशिक्षु डीएसपी एवं थाना प्रभारी सवेरा अंसारी के पिता अशरफ अली अंसारी भी उपनिरीक्षक हैं जो इंदौर में पदस्थ थे वह किसी काम से उत्तर प्रदेश के बलिया गए हुए थे लेकिन देश में करोना वायरस के संक्रमण के रोकथाम के लिए लॉक डाउनलोड किया गया है उसी में फंस गए थे और पी एच क्यू के आदेश से सीधी में ही रह गए इसी दौरान पी एच क्यू से आदेश जारी कर दिया गया कि जो जहां है वही अपनी सेवा देंगे जिसके तहत अशरफ अली अंसारी को अपने बेटी के प्रभार वाले थाना में आमद देनी पड़ी जिससे मझौली थाने में एक अजीब संयोग बना जो एक रिकॉर्ड के साथ क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है |
उन्होंने कहा~
* सवेरा अंसारी ~मैं तो कभी कल्पना भी नहीं की थी कि जिस पिता ने बचपन में स्नेह व दुलार कर विद्यार्थी जीवन में प्रवेश कराकर अनुशासित एवं जिम्मेदार विद्यार्थी की प्रेरणा दी और बड़ा होने पर देश के जिम्मेदार नागरिक बनने के साथ-साथ लोक सेवा आयोग की परीक्षा तैयारी में मार्गदर्शन देते रहे हैं ,आज वही पिता हमारे अंडर में अपनी ड्यूटी देंगे लेकिन इस सुखद संयोग से मुझे बेहद खुशी मिल रही है उसे बयां करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं है |
*अशरफ अली अंसारी~ पिता और गुरु की सदा ही चाह रही है कि उनके बच्चे उनसे भी ऊंचा मुक़ाम हासिल करें यही उनके लिए गौरव और खुशी की बात है शायद पूर्वजों की रहमो करम व कृपा से जिस बेटी को मैंने पाल~ पोस कर इस मुकाम तक पहुंचाया आज उसी के अधीन ड्यूटी करने का संयोग बना है जो काफी सुखद क्षण है इसे भावनाओं से ही व्यक्त किया जा सकता है |
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