मप्र के इस जिले में आखिर क्यों करनी पड़ी डॉयल 100 को @3 दर्जन लोगों की भोजन और रहने की व्यवस्था
एहतियात: @लॉकडाउन के दरमियान पैदल सफर कर रहे 21 मजदूर
अनुराग त्रिपाठी
जैतपुर बुलेटिन। लॉकडाउन के सख्ती के बावजूद मजदूरों के घर वापसी का सिलसिला जारी है इस क्रम में मंगलवार देर रात रायपुर से कुछ पिकअप ट्रैक वा कुछ पैदल मार्ग से अपने गांव करजियाजा छत्तीसगढ़ जा रहे थे जो लगातार 04 दिनों चलने के बाद जैतपुर पहुंचे इनकी कुल संख्या 21 है जोकि बीती रात जैतपुर 100 डायल की टीम को मिले। डॉयल 100 की सक्रियता के चलते उन्हें रोककर पूछताछ में पूरी बात सामने आई है। जिसके बाद पुलिस द्वारा गांव के सरपंच लीलाराम रौतेल वा हॉस्टल अधीक्षक तनडिया जी की मदद से उन सभी मजदूरों को बालक हॉस्टल जैतपुर में रखा गया है। जहां उनके रहने व खाने की व्यवस्था ग्राम पंचायत जैतपुर द्वारा की गई है हालांकि बहुत अहम बात यह है कि 03 दर्जन मजदूरों की जांच अभी तक नहीं हो पाई है। सरपंच द्वारा बताया गया की जांच होने के बाद उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार सभी 21 लोगों को यहां रखा जाएगा या भेजा जाएगा।
जिले के कप्तान की उम्दा सूझ बझ से जिले के चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा है कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति या संदिग्ध की जानकारी से पुलिस का जनता से सहयोग अपेक्षित है। जिससे इलाके मे कोरोना वायरस की संक्रमित चैन को नष्ट चैन को नष्ट करने का प्रयास सफल हो।
शहडोल बुलेटिन की पूरी टीम की ओर से आप सभी पाठकों से अनुरोध है कि @लॉकडाउन पर मिली छूट मे अनावश्यक घरों से बाहर निकलने निकले साथ ही कोरोना वायरस संबंधी भ्रमित करने वाली पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल ना करें यह प्रशासन के निर्देशानुसार दण्डनीय अपराध की श्रेणी में आता है।
@कोरोना को हराना है@
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