शहडोल बुलेटिन। कलेक्टर श्रीमती अनुभा श्रीवास्तव ने कहा है कि सभी लोकसेवक नागरिकों को शासन द्वारा मुहैया कराई जा रही सेवाएं बेहतर से बेहतर तरीके से संवेदनशीलता के साथ समय पर मुहैया करायें। उन्होने कहा कि सुशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि नागरिकों अच्छी से अच्छी सेवाएं मुहैया कराना है। कलेक्टर ने कहा कि सुशासन की दिशा में मध्यप्रदेश लोकसेवा प्रदाय गारंटी अधिनियम 2010 मध्यप्रदेश शासन की एक अभिनव पहल है।
इस अधिनियम की अवधारणा को सभी लोकसेवक समझें तथा नागरिकों को बेहतर से बेहतर सेवाएं मुहैया करायें। कलेक्टर श्रीमती अनुभा श्रीवास्तव आज कलेक्टर कार्यालय शहडोल के सभागार में आयोजित लोकसेवा सप्ताह के तहत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी। उन्होने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने प्रदेश के नागरिकों को समय सीमा में सेवाएं प्रदान करने की कानूनी गारंटी प्रदान की हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुये प्रबंधक लोकसेवा गारंटी अवनीश दुबे ने बताया कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने प्रदेश के नागरिकों को समय-सीमा में सेवाएं प्रदान करने की कानूनी गारंटी प्रदान की है जिसके पश्चात 20 से अधिक राज्यों ने भी इस तरह के कानून को अपने राज्य में क्रियान्वित किया है। उन्होने कहा कि 2011 में लोकसेवा प्रबंधन विभाग का गठन किया गया। उन्होने बताया कि वर्तमान में 47 विभागों की 448 सेवाओं को इस कानून के अंतर्गत अधिसूचित किया जा चुका है एंव 180 सेवाआें को लोकसेवा केन्द्रो के माध्यम से ऑनलाईन आवेदन आवेदकों से प्राप्त कर समय सीमा में निराकरण हो सके। इस हेतु संबंधित पदाभिहित अधिकारी को भेजा जाता है। उन्होने बताया कि शहडोल जिले में वर्तमान में 7 लाख 40 हजार से अधिक आवेदनों को ऑनलाईन कर 7 लाख 20 हजार आवेदनों का निराकरण किया गया है। वर्तमान में समाधान एक दिवस माह मार्च 2018 में जिला मुख्यालय के लोकसेवा केंद्र में प्रारंभ किया गया है और अपै्रल 2018 से लोकसेवा केंद्र के आवेदनों का निराकरण समाधान एक दिवस के अंतर्गत किया जा रहा है। इस हेतु प्रत्येक लोकसेवा केंद्र में रोस्टर अनुसार अधिकारियों को निराकरण हेतु अधिकृत भी किया गया है। आय-निवास प्रमाण पत्र तत्काल निराकरण कराकर व्हाट्सअप के माध्यम से आवेदकों को भी भेजा जाता है, ताकि उन्हें केंद्र में दुबारा न आना पड़ें।

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