शहडोल बुलेटिन। जिले के अंतिम छोर पर स्थित अमलाई थाना क्षेत्र अंतर्गत इन दिनों हर दिन ताले टूट रहे हैं जिसके कारण नागरिकों की इन दिनों नींद हराम हो गई है वहीं दूसरी ओर थाना क्षेत्र अंतर्गत ईटाभट्ठा में चोरियों के बाल कलाकार से लेकर महिलाओं की टोली भी सूने मकान की रैकी कर मकान में समय मिलते ही हाथ साफ कर देते हैं। इन चोरों की फितरत महज दिखावे के लिए रद्दी एक्कठा करने काम करते हुए बाकायदा लोहा, रॉड, एंगल समेत महेंगे जूते, कपड़ों पर हाथ साफ कर रहे हैं लेकिन यह बात समझ से परे है कि स्थानीय थाना क्षेत्र अंतर्गत होने वाली इन गतिविधियों की खबर पुलिस प्रशासन को नहीं है या ऐसा तो नहीं पुलिस के खुफिया तंत्र को यहां नागरिकों की जानमाल की सुरक्षा व्यवस्था की कोई परवाह नहीं।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जिले भर में हो रही चोरियों का आंकड़ों का ग्राफ बढ़ता जा रहा। चोरियों की वारदात में शामिल अधिकांश लोग नशेड़ी होते हैं जिन्हें प्रतिदिन इस लत के लिए धन, पैसे की आवश्यकता होती है और इसके लिए चोरों के महापंडित बदरी में छुपकर इन नशेड़ियों के हाथों इस तरह की वारदात को अंजाम दिलाना बाखूबी जानते हैं ।
कुल मिलाकर एसईसीएल कालरी खदानों में काम करने वाले श्रमवीर दिन भर काम करने के बाद रात में चौकीदारी करें क्योंकि यहां के खुफिया तंत्र ना जाने कैसे फेल हो गया है।


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