भाजपा प्रत्याशी घोषित, इन विधायक के खराब प्रदर्शन ने घर बैठाया
मोहम्मद मुनीर
शहडोल बुलेटिन। बीजेपी ने विधानसभा चुनाव के प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है। पहली सूची में 177 सीटों पर प्रत्याशियों के नाम जारी किये गए हैं। दिल्ली में हुई चुनाव समिति की बैठक में इन नामों को तय किया गया है। इस बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, सहित चुनाव समिति के नेता शामिल रहे। अंतिम समय में लंबे इंतजार के बादभाजपा ने पहली सूची जारी कर दी। इसमें कई विधायकों को दोबारा मौका मिला है तो जगह सिटी एमएलए के घर बैठना पड़ा है शहडोल, उमरिया, अनूूपपुर की बात करें तो यहां संभाग की एकलौती सामान्य सीट कोतमा विधानसभा क्षेत्र जहां भाजपा के दिग्गज नेताओं ने ताल ठोकी थी और एक वर्ग विशेष को टिकट देने के दबाव के बीच पूर्व विधायक दिलीप जायसवाल पर भाजपा ने दांव लगाया है। इसी प्रकार पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी के पूर्व मंत्री एवं माता रही शहडोल संसदीय क्षेत्र से सांसद रही की पुत्री हिमांद्री के पति जनजातीय आयोग अध्यक्ष नरेंद्र मरावी को टिकट देकर चुनावी रणनीति पर बिसात बिछाई है हालांकि नरेंद्र मरावी अपनी सासु मां से लोकसभा चुनाव में हार गए थे और एकाएक शादी के गठबंधन में बंध कर शहडोल संभाग की राजनीति में बाजीगर बनकर उभरे जिससे राजनीतिक पार्टियों की भाषा में कहा जाता है कि कांग्रेस दिग्गज माने जाने वाले परिवार की राजनीति में सेंध लगाने के अलावा कांग्रेस का जनाधार समाप्त कर आदिवासी बहुल इलाकों में कांग्रेस पार्टी का वजूद मिटाने करने की सोची समझी रणनीति है जिससे भारतीय जनता पार्टी को शत प्रतिशत लाभ मिल सकता है।
वहीं विधानसभा क्षेत्र जैतपुर में मनीषा सिंह की मजबूत दावेदारी के चलते भारतीय जनता पार्टी के आला कमान को सीटिंग एमएलए जयसिंह मरावी जो भाजपा सरकार में मंत्री पद से भी नवाजें गए थे। उन्हें एक बार फिर विधानसभा क्षेत्र बदलने पर मजबूर कर दिया। यह मनीषा सिंह की मजबूत दावेदारी और संगठन में पकड़ को दर्शाता है। टिकट मिलने की खबर से यह विधानसभा में कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है।
इसी तरह जयसिंहनगर विधानसभा क्षेत्र से संभवतः ख़राब प्रदर्शन के कारण यहां से पिछले चुनाव में जीत दर्ज चुकी भाजपा की प्रमिला सिंह को संगठन ने घर बैठाया है। और एक बार फिर भाजपा के चुनावी रथ को विजययात्रा पर ले जाने के लिए चुनावी महाभारत के बंसी बजाइया की तरह साबित हो चुके भाजपा प्रत्याशी जयसिंह मरावी होंगे।
इसी क्रम में ब्यौहारी विधानसभा क्षेत्र में बड़ी माथापच्ची करने के बाद दो टुकड़े में बंटे भाजपा के दिग्गजों में एक धड़े में यहां मातम पसरा हुआ है वो इसलिए भी है कि दावा करने वाले किंगमेकर अब सकते हैं कि जनाधार तो बढ़ा नहीं और संगठन के इस फैसले से बढ़ता कद घट चुका है जगजाहिर हो गया। टिकट शरद कोल को मिली जिसके लिए रणनीति के महारथी ने सटिक गणित जमा कर रखी थी जिसमें दो 06 नाम पर दो नाम एक खेमें के अलग-अलग रास्तों से होकर गुजरेगी। कहावत को चरितार्थ कर दिया चिट भी मेरा पट भी।।
समूचे मध्यप्रदेश में भाजपा के उम्मीदवारों की सूची।
मोहम्मद मुनीर
शहडोल बुलेटिन। बीजेपी ने विधानसभा चुनाव के प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है। पहली सूची में 177 सीटों पर प्रत्याशियों के नाम जारी किये गए हैं। दिल्ली में हुई चुनाव समिति की बैठक में इन नामों को तय किया गया है। इस बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, सहित चुनाव समिति के नेता शामिल रहे। अंतिम समय में लंबे इंतजार के बादभाजपा ने पहली सूची जारी कर दी। इसमें कई विधायकों को दोबारा मौका मिला है तो जगह सिटी एमएलए के घर बैठना पड़ा है शहडोल, उमरिया, अनूूपपुर की बात करें तो यहां संभाग की एकलौती सामान्य सीट कोतमा विधानसभा क्षेत्र जहां भाजपा के दिग्गज नेताओं ने ताल ठोकी थी और एक वर्ग विशेष को टिकट देने के दबाव के बीच पूर्व विधायक दिलीप जायसवाल पर भाजपा ने दांव लगाया है। इसी प्रकार पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी के पूर्व मंत्री एवं माता रही शहडोल संसदीय क्षेत्र से सांसद रही की पुत्री हिमांद्री के पति जनजातीय आयोग अध्यक्ष नरेंद्र मरावी को टिकट देकर चुनावी रणनीति पर बिसात बिछाई है हालांकि नरेंद्र मरावी अपनी सासु मां से लोकसभा चुनाव में हार गए थे और एकाएक शादी के गठबंधन में बंध कर शहडोल संभाग की राजनीति में बाजीगर बनकर उभरे जिससे राजनीतिक पार्टियों की भाषा में कहा जाता है कि कांग्रेस दिग्गज माने जाने वाले परिवार की राजनीति में सेंध लगाने के अलावा कांग्रेस का जनाधार समाप्त कर आदिवासी बहुल इलाकों में कांग्रेस पार्टी का वजूद मिटाने करने की सोची समझी रणनीति है जिससे भारतीय जनता पार्टी को शत प्रतिशत लाभ मिल सकता है।
वहीं विधानसभा क्षेत्र जैतपुर में मनीषा सिंह की मजबूत दावेदारी के चलते भारतीय जनता पार्टी के आला कमान को सीटिंग एमएलए जयसिंह मरावी जो भाजपा सरकार में मंत्री पद से भी नवाजें गए थे। उन्हें एक बार फिर विधानसभा क्षेत्र बदलने पर मजबूर कर दिया। यह मनीषा सिंह की मजबूत दावेदारी और संगठन में पकड़ को दर्शाता है। टिकट मिलने की खबर से यह विधानसभा में कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है।
इसी तरह जयसिंहनगर विधानसभा क्षेत्र से संभवतः ख़राब प्रदर्शन के कारण यहां से पिछले चुनाव में जीत दर्ज चुकी भाजपा की प्रमिला सिंह को संगठन ने घर बैठाया है। और एक बार फिर भाजपा के चुनावी रथ को विजययात्रा पर ले जाने के लिए चुनावी महाभारत के बंसी बजाइया की तरह साबित हो चुके भाजपा प्रत्याशी जयसिंह मरावी होंगे।
इसी क्रम में ब्यौहारी विधानसभा क्षेत्र में बड़ी माथापच्ची करने के बाद दो टुकड़े में बंटे भाजपा के दिग्गजों में एक धड़े में यहां मातम पसरा हुआ है वो इसलिए भी है कि दावा करने वाले किंगमेकर अब सकते हैं कि जनाधार तो बढ़ा नहीं और संगठन के इस फैसले से बढ़ता कद घट चुका है जगजाहिर हो गया। टिकट शरद कोल को मिली जिसके लिए रणनीति के महारथी ने सटिक गणित जमा कर रखी थी जिसमें दो 06 नाम पर दो नाम एक खेमें के अलग-अलग रास्तों से होकर गुजरेगी। कहावत को चरितार्थ कर दिया चिट भी मेरा पट भी।।
समूचे मध्यप्रदेश में भाजपा के उम्मीदवारों की सूची।
देखिये BJP के 177 प्रत्याशियों की सूची
1-श्योपुर-दुर्गालाल विजय
2-विजयपुर-सीताराम आदिवासी
3-सबलगढ़-श्रीमती सरला रावत
4-जौरा-सूबेदार सिंह
5-सुमावली-अजबसिंह कुशवाह
6- मुरैना -रुस्तम सिंह
7-अटेर-अरविंद सिंह भदौरिया
8-लहार-रसालसिंह
9-गोहद-लालसिंह आर्य
10-ग्वालियर ग्रामीण-भारत सिंह कुशवाह
11-ग्वालियर-जयभानसिंह पवैया
12-ग्वालियर पूर्व-सतीश सिंह सिकरवार
13-ग्वालियर दक्षिण-नारायणसिंह कुशवाह
14-सेवढ़ा-राधेलाल बघेल
15-दतियाड-डॉ. नरोत्तम मिश्रा
16-करैरा-राजकुमार खटीक
17-पोहरी-प्रहलाद भारती
18-शिवपुरी-यशोधरा राजे सिंधिया
19-पिछोर-प्रीतमसिंह लोधी
20-बमौरी-ब्रजमोहन आजाद
21-गुना-गोपीलाल जाटव
22-चाचौड़ा-ममता मीणा
23-राघवगढ़-भूपेन्द्र रघुवंशी
24-अशोकनगर-लड्डूराम कोरी
25-चंदेरी-भूपेन्द्र द्विवेदी
26-मुगावली-केपी यादव
27-बीना-महेश राय
28-खुरई-भूपेन्द्र सिंह
29-सुरखी-सुधीर यादव
30-देवरी-तेजीसिंह राजपूत
31-रेहली-गोपाल भार्गव
32-नरियावली-प्रदीप लारिया
33-सागर-शैलेन्द्र जैन
34-बंडा-हरवंश राठौर
35-टीकमगढ़-राकेश गिरी
36-जतारा-हरीशंकर खटीक
37-पृथ्वीपुर-अभय यादव
38-खरगापुर-राहुल लोधी
39-महाराजपुर-मानवेन्द्र सिंह
40-चंदेला-राजेश प्रजापति
41-छतरपुर-अर्चना सिंह
42-मलहेरा-ललिता यादव
43-दमोह-जयंत मलैया
44-हटा-पीएल तंतूवे
45-पवई-बृजेन्द्र प्रताप सिंह
46-गुन्नौर-राजेश वर्मा
47-चित्रकूट-सुरेन्द्र गहरवार
48-रैगांव-जुगलकिशोर बागरी
49-सतना-शंकरलाल तिवारी
50-नागोद-नागेन्द्र सिंह
51-मैहर-नारायण त्रिपाठी
52-रामपुर बघेलन-विक्रम सिंह
53-सिरमौर-दिव्यराज सिंह
54-सिमरिया-केपी त्रिपाठी
55-त्यौंथर-श्यामलाल द्विवेदी
56-मऊगंज-प्रदीप पटेल
57-देवतालाब-गिरीश गौतम
58-मनगंवा-पंचूलाल प्रजापति
59-रीवा-राजेन्द्र शुक्ला
60-गुड़-नागेन्द्रसिंह
61-चुरहट-शरदेंदु तिवारी
62-सीधी-केदारनाथ शुक्ला
63-चितरंगी-अमरसिंह
64-सिंगरौली-रामलल्लू वैश्य
65-देवसर-सुभाष वर्मा
66-धौहनी-कुंवरसिंह टेकाम
67-ब्याौहारी-शरद कौल
68-जयसिंह नगर-जयसिंह मरावी
69-जैतपुर-मनीषा सिंह
70-कोतमा-दिलीप जायसवाल
71-पुष्पराजगढ़-नरेन्द्र मरावी
72-बांधवगढ़-शिवनारायण सिंह
73-मानपुर-मीनासिंह
74-विजयराघवगढ़-संजय पाठक
75-मुडवरा-संदीप जायसवाल
76-बोहरीबंद-प्रणय पांडे
77-बरगी-प्रतिभा सिंह
78-जबलपुर पूर्व-अंचल सोनकर
79-जबलपुर केंट-अशोक रोहाणी
80-पनागर-सुशील तिवारी
81-सिहोरा-नंदनी मरावी
82-शाहपुर-ओमप्रकाश धुर्वे
83-डिंडोरी-जयसिंह मरावी
84-मंडला-देवीसिंह सरयाम
85-बैहर-अनुपमा नेताम
86-लांजी-रमेश भटेरे
87-परसवाड़ा-रामकिशोर कांवरे
88-बालाघाट-गौरीशंकर बिसेन
89-वारासिवनी-योगेन्द्र निर्मल
90-कटंगी-केडी देशमुख
91-बरघाट-कमल मर्सकोले
92-सिवनी-दिनेश राय मुनमुन
93-केवलारी-राकेश पालसिंह
94-गोटेगांव-कैलाश जाटव
95-नरसिंहपुर-जालमसिंह पटेल
96-जुन्नारदेव-आशीष ठाकुर
97-अमरवाड़ा-प्रेमनारायण ठाकुर
98-चौरई-रमेश दुबे
99-सौंसर-नानाभाऊ महोड़
100-छिंदवाड़ा-चौधरी चंद्रभान सिंह
101-परासिया-ताराचंद बाबरिया
102-पांढुर्णा-टीकाराम कोराची
103-आमला-डॉ. योगेश पंडागरे
104-बैतुल-हेमंत खंडेलवाल
105-घोड़ाडोंगरी-गीताबाई उइके
106-भैंसदेही-महेन्द्र सिंह चौहान
107-टिमरनी-संजय शाह
108-हरदा-कमल पटेल
109-होशंगाबाद-सीतासरन शर्मा
110-सोहागपुर-विजयपाल सिंह
111-पिपरिया-ठाकुरदास नागवंशी
112-उदयपुरा-रामकिशन पटेल
113-भोजपुर-सुरेन्द्र पटवा
114-सांची-मुदित शेजवार
115-सिलवानी-रामपाल सिंह
116-विदिशा-मुकेश टंडन
117-सिरोंज-उमाकांत शर्मा
118-बैरसिया-विष्णु खत्री
119-नरेला-विश्वास सारंग
120-भोपाल (दक्षिण-पश्चिम)- उमाशंकर गुप्ता
121-भोपाल मध्य-सुरेन्द्रनाथ सिंह
122-हुजूर-रामेश्वर शर्मा
123-बुदनी-शिवराज सिंह चौहान
124-आष्टा-रघुनाथ मालवीय
125-इछावर-करनसिंह वर्मा
126-सीहोर-सुदेश राय
127-नरसिंहगढ़-राजवर्धन सिंह
128-राजगढ़-अमरसिंह यादव
129-खिलचीपुर-हजारीलाल दांगी
130-सारंगपुर-कुंवर कोठार
131-सुसनेर-मुरली पाटीदार
132-आगर-मनोहर ऊंटवाल
133-देवास-गायत्री राजे पंवार
134-हाटपिपलिया-दीपक जोशी
135-खातेगांव-आशीष शर्मा
136-बागली-पहरसिंह
137-मंधाता-नरेन्द्र सिंह तोमर
138-हरसूद-विजय शाह
139-खंडवा-देवेन्द्र वर्मा
140-पंधाना-राम डोंगरे
141-नेपानगर-मंजू राजेन्द्र दादू
142-बुरहानपुर-अर्चना चिटनीस
143-भीकनगांव-धुलसिंह डाबर
144-बड़वाह-हितेन्द्र सिंह सोलंकी
145-महेश्वर-भूपेन्द्र आर्य
146-कसरावद-आत्माराम पटेल
147-खरगौन-बालकृष्ण पाटीदार
148-भगवानपुरा-जमना सोलंकी
149-सेंधवा-अंतरसिंह आर्य
150-राजपुर-देवीसिंह पटेल
151-पांसेमल-दीवानसिंह पटेल
152-बड़वानी-प्रेमसिंह पटेल
153-अलीराजपुर-नागरसिंह चौहान
154-जोबट-माधवसिंह डाबर
155-थांदला-कलसिंह भंवर
156-सरदारपुर-संजय बघेल
157-गंधवानी-सरदार मेढ़ा
158-कुक्षी-वीरेन्द्र बघेल
159-मनावर-रंजना बघेल
160-धर्मपुरी-गोपाल कनौजे
161-धार-मीना वर्मा
162-बदनावर-भंवरसिंह शेखावत
163-नागदा-दिलीपसिंह शेखावत
164-तराना-अनिल फिरोजिया
165-घटिया-अशोक मालवीय
166-उज्जैन(उत्तर)-पारस जैन
167-रतलाम (ग्रामीण)-दिलीप मकवाना
168-रतलाम (शहर)-चेतन कश्यप
169-सैलाना-नारायण मेढ़ा
170-जावरा-राजेन्द्र पांडे
171-आलोट-जितेन्द्र गेहलोत
172-मंदसौर-यशपाल सिंह सिसौदिया
173-मल्हारगढ़-जगदीश देवड़ा
174-सुवासरा-राधेश्याम पाटीदार
175-मनासा-माधव मारू
176-नीमच-दिलीप परिहार
177-जावद-ओमप्रकाश सकलेचा
- ..... आगे भी जारी रहेगा राजनीति के धुरंधरों की गाथा और जनाधार वाले नेता की चुनावी बिसात पर चर्चा पढ़ें शहडोल बुलेटिन।।।।

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