कार्यशाला : गर्भ संस्कार से सुंदर और तेजस्वी संतान पाएं - ShahdolBulletin

Breaking

Home Top Ad

Post Top Ad

शनिवार, 29 जून 2019

कार्यशाला : गर्भ संस्कार से सुंदर और तेजस्वी संतान पाएं

कार्यशाला : गर्भ संस्कार से सुंदर और तेजस्वी संतान पाएं

शहडोल : कार्यशाला को संबोधित करते हुए 

सिटी डेस्क 
शहडोल बुलेटिन,  प्राचीनकाल से ही भारतीय संस्कृति में मनुष्य के लिए जन्म से मृत्यु तक सोलह संस्कारों की व्याख्या की गई है। इनमें गर्भ संस्कार भी एक प्रमुख संस्कार माना गया है। चिकित्सा विज्ञान यह स्वीकार कर चुका है कि गर्भस्थ शिशु किसी चैतन्य जीव की तरह व्यवहार करता है तथा वह सुनता और ग्रहण भी करता है। माता के गर्भ में आने के बाद से गर्भस्थ शिशु को संस्कारित किया जा सकता है तथा दिव्य संतान की प्राप्ति की जा सकती है। गर्भ संस्कार से सुन्दर  तेजस्वी संतान कैसे प्राप्त कर सकते है इस  विषय पर जानकारी देने  के लिए शहडोल नगर में पहली बार कॉस्मॉस योग संस्था द्वारा निजी टुटोरिअल्स गंज रोड शहडोल में  निशुल्क कार्यशाला का आयोजन किया गया। 

कार्यशाला में योग प्रशिक्षक श्रीमती शोभा रत्नम, डॉ मंजू पांडे स्त्री रोग विशेषज्ञ, डॉ चित्रा श्रीरालकर बाल रोग विशेषज्ञ, डॉक्टर दिलशाद एनेस्थीसिया, पंडित सचिन कृष्ण शास्त्री अध्यात्मिक गुरु  वक्ताओं के रूप में उपस्थित रहे। योग प्रशिक्षक श्रीमती शोभा रत्नम में ने जानकारी दी कि गर्भ संस्कार क्या है इसे कब शुरू करना चाहिए तथा गर्भावस्था के दौरान आने वाली समस्याओं का योग द्वारा कैसे समाधान किया जाए कार्यशाला में स्त्री रोग विशेषज्ञ मंजू पांडे ने जानकारी दी कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को समय-समय पर डॉक्टर द्वारा जांच कराते रहना चाहिए जिससे गर्भस्थ शिशु एवं गर्भस्थ माता को को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना करना ना पड़े। गर्भावस्था के दौरान आहार की कमी गलत आहार से गर्भस्थ शिशु को कई बीमारियां मिल जाती है जिससे शिशु के भावी जीवन में स्वास्थ्य संबंधी तकलीफ हो जाती है इसलिए महिला को पौष्टिक आहार लेना चाहिए।

शहडोल : कार्यशाला में योगाभ्यास की सही जानकारी देते प्रशिक्षिक

शहडोल : कार्यशाला मे योगाभ्यास की सही जानकारी देते प्रशिक्षिक

इस अवसर डॉक्टर दिलशाद में जानकारी दी कि गर्भ में पल रहे शिशु का विकास गर्भवती महिलाओं की भावनाओं विचार आहार एवं वातावरण पर निर्भर करता है इसलिए गर्भवती महिला को हमेशा स्वास्तिक आहार एवं सकारात्मक सोच रखनी चाहिए जिससे गर्भवती महिला तेजस्वी शिशु को जन्म दे सके, आध्यात्मिक गुरु पंडित सचिन कृष्ण शास्त्री जी ने बताया कि गर्भवती महिला को गर्भावस्था के दौरान अपने विचार भावनाएं जीवन की ओर देखने का दृष्टिकोण सकारात्मक रखना चाहिए। गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला को ध्यान लगाना चाहिए जिससे कि गर्भवती महिला अपने गर्भस्थ शिशु को संस्कार देकर तेजस्वी संतान प्राप्त कर सके कार्यक्रम के दौरान वक्ता के विचारों को सुनने के लिए कई पति पत्नी उपस्थित रहे।




(पार्ट#05 मे पढ़िए सारी खुदाई (ऱेत खनन) एक तरफ जोरू का भाई.....? 



-------------------------------------------------------------------
Coming Soon 
SHAHDOL Bulletin 
First Many languages bulletin 

Any about inquiries 
9009908786, 9479516786

Any about Complin 
Phone : 9425111809, 
Whatsaap : 9575511705 

For Advertising 
9575511705

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Post Bottom Ad