पार्ट @1 अवैध उत्खनन को लेकर बुलेटिन की मुहिम
गरज रही पोकलेन मशीन, सैकड़ों हाइवा कतारबद्ध
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| शहडोल : #कलेक्टर ललित दाहिमा के प्रयासों से बनी टॉस्कफोर्स... |
तो क्या MP के इस जिले में नहीं रूकेगा अवैध रेत खनन
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| शहडोल : जिले में भंडारण क्षमता का भौतिकता पर सवाल उठाती तश्वीर |
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| शहडोल : जयसिंहनगर का पोड़ी घाट वास्तविक सच्ची तश्वीर |
माफिया, प्रशासनिक अधिकारियो का गठजोड..?
| शहडोल : दनादन भारी भरकम वाहनो में लद रही सुनहरी अवैध रेत |

शहडोल : #बेफिक्री से अवैध रेत उत्खनन को परिवहन करने के लिए

जय कुमार सोनी
शहडोल बुलेटिन, राष्ट्रीय हरित अधिकरण के तमाम दिशा-निर्देश और सख्ती शहडोल जिले में अवैध रेत खनन पर बेमतलब साबित हो रही है। यहा मानसून पहुंचने से पहले भंडारण की रॉल्टीपर्ची धारक की भूमिका स्पष्ट है रेत भंडारण ठेकेदारों की मनमानी का तो आलम यह है कि जयसिंहनगर, देवलोद, बुढ़ार एवं अमलाई पुलिस थानो से चंद मिनटो की दूरी पर पोकलेन मशीनों से दिन-रात सोननदी का सीना चीरा जा रहा है।
यह आलम तो तब है जब एनजीटी की जवाबतलबी के बाद केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मानसून के पूर्व ही मशीनो से वैध रेत खदान पर भी प्रतिबंध लगा दिया था बावजूद लगातार जारी रेत के खनन मे बदस्तूर मॉनसून के कारण लगी रोक पर भी जारी है। सबसे चौकाने वाली बात तो यह है कि अवैध रेत खनन ठेकेदार के खिलाफ कारवाई करने के बजाय अफसर खुद उनकी पैरोकारी में खडे नजर आ रहे हैं। चूँकि मामले पर मीडिया के हवाले से प्रकाशित खबरें लगातार पढ़ी जा रही है अधिकारी बयाऩ जारी कर रहे हैं वही इन अवैध रेत खननकारी मदमस्त निर्भीक होकर करोड़ो, अरबो रूपयो के राजस्व मे सेंधमारी कर रहे है।
लगी चैन माउंटिंग पोकलेन मशीन
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| शहडोल : यहा एक दो नहीं दर्जन भर गरज रही चैन माउंटिंग पोकलेन |
लगी चैन माउंटिंग पोकलेन मशीन
दरअसल शासन द्वारा जिले के सोननदी में मॉनसून के पूर्व रेत भंडारण के लिये आधा दर्जन अनुमति की रेवड़ी बाँट दी गई है इन ठेकेदारों में शत-प्रतिशत वही लोग हैं जिन पर अवैध रेत खनन और परिवहन मामले में पूरे साल भर कागज़ी कोरम पूरा किया किये गए हैं। इनमें से जयसिंहनगर पोड़ी, अमलाई थानांतर्गत बटुरा शुरुआत से ही विवादों के घेरे में रहा है। खनन का विरोध करने पर सरेआम पत्रकारो, अधिकारियों को गोली मार देने की धमकियों से लेकर सोननदी में अवैध पक्का रास्ता बना लेना तथा सीमा क्षैत्र से बाहर जाकर पूरी दबंगई के साथ खनन करना ठेकेदार और उनके गुर्गों की दिनचर्या में शामिल है।
बीते दिवस में दरौड़ी मे रेत भंडारण मे दस गुना अधिक की निकासी कर बिक्री करने का मामला उजागर हुआ और तो और इन्होने गुर्गो के माध्यम से भी पोकलेन मशीनों से खनन शुरु कर दिया था जिसको लेकर रात भर बवाल चलता रहता है । बीते दिनों की कार्यवाही के बाद एक बार फिर अपने अपने पुराने ठीहो यानी सोननदी के बीच पोकलेन मशीने गरज रहीं हैं उसके पंजे सोननदी का सीना चीरकर सुनहरी रेत मे बदस्तूर मुनाफ़ा कमाने हर हथकंडा अपनाने का प्रयास जारी है सूत्रों के हवाले से खबर यह भी है कि जयसिंहनगर, ब्यौहारी, बुढ़ार, अमलाई एवं देवलोद थानांतर्गत पदस्थ कुछ पुलिसकर्मी सरकारी जिम्मेदारी से पहले रेत माफियाओ का निगहबानी करने का बीड़ा उठा रखे हुए हैं जिनके मोबाइल नंबरो को ट्रेस करने से सारी माफिया, पुलिस के गठजोड़ की गोपनीयता बेपर्दा हो सकती हैं । यह खनन और परिवहन करने वाले मामले में स्थानीय पुलिस भी सबकुछ देखकर खामौश है। सबसे दिलचस्प बात तो यह है कि एनजीटी के निर्देशों को ही अलग-अलग ढंग से परिभाषित करके अधिकारी खुलेआम खनन ठेकेदार की करतूतों की पैरोकरी कर रहे हैं।
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| फाइल फोटो |
एनजीटी का आदेश हवा में
मामले पर एनजीटी ने 19 पृष्ठों का आदेश जारी किया था। जिसमें कहा गया था कि कोर्ट ने देखा है कि राज्य सरकार वाहन और खनिज की जब्ती में ढिलाई बरतती है और कई मामलों में सख्त कानून के बावजूद कार्रवाई नहीं हो पाती। ऐसे मामलों में राजस्व की हानि से अधिक ध्यान पर्यावरणीय क्षति की तरफ देना चाहिए। इस आदेश के मुताबिक, अवैध खनन पकड़े जाने पर सरकार को राजस्व की क्षति होती है, लेकिन पर्यावरण को हुए नुकसान पर कोई बात नहीं होती। एनजीटी ने पर्यावरण विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिए थे कि अवैध खनन के कारण नदी को हुए पर्यावरणीय क्षति की गणना कर उसके पुनर्वास पर होने वाला खर्च खननकर्ता से लिया जाए।
अवैध खनन पर तकनीकी रूप से निगरानी के लिए एनजीटी ने कहा था कि बिना जीपीएस लगे वाहनों से रेत की ढुलाई की अनुमति नहीं होनी चाहिए। सभी रेत के खदानों का जियो टैगिंग किया जाना चाहिए और रात के समय निगरानी के लिए फ्लड लाइट और बोट का उपयोग भी किया जाना चाहिए। रेत ढुलाई के रास्तों में वाहनों का वजन मापने की व्यवस्था भी हो ताकि अवैध ढुलाई पर काबू पाया जा सके। इस आदेश में जुर्माने की राशि पर भी कई सुझाव सरकार को दिए गए हैं। इसके मुताबिक जुर्माने की राशि का एक अलग हिसाब होना चाहिए और उसका उपयोग नदी को अवैध खनन से हुए नुकसान की भारपाई के लिए हो।
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| शहडोल : जांच पर लग गयी आंच |
कार्यवाही पर उठाए जा रहे सवाल
इस मामले पर खनिज विभाग ने वर्षो से पदस्थ खनिज अधिकारी मैडम फरहतजहां को पडोसी जिले अनूपपुर खनिज अधिकारी बतौर करोड़ो रुपए का जुर्माना किए जाने पर पूरे प्रदेश में प्रसंशा की गई वही तेवर से माफियाओ मे खौफ शहडोल जिले के अवैध उत्खननकारियो पर बेअसर साबित होता नजर आ रहा है जानकारी के मुताबिक यहा ऑनलाइन सीएम के शिकायतकर्ता को माफियाओ की तरह घंटो इंतजार कराकर वापस भेजा जा रहा है यह भी एक बडा सवाल हैं सूबे के मुखिया मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जीरो टेरोरिंस पर काम करने के निर्देश दिए हैं उसके बाद अधिकारियो की ये लालफीताशाही सब कुछ बयाऩ कर रही हैं जिले में इस तरह से सवाल करने वालो के अनसुना कर देना भी कही ना कही अन्याय है।
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| शहडोल : स्थानीय समाचार पत्रों में जारी शासकीय समाचार ..... |
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| शहडोल : बीती रात स्थानीय लोगो के विरोध पर जब्ती पंचनामा |
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| शहडोल :एक समाचार पत्र पर जिला खनिज अधिकारी का मामले पर प्रतिक्रिया गौर से देखे और समझे. |
कलेक्टर भी हो रहे मिसगाइड
गौरतलब होकि शहडोल के कलेक्टर ललित दाहिमा ने मीडिया की खबरों में सज्ञान लेते हुए रेत के अवैध उत्खनन करने वालों के विरुद्ध टॉस्कफोर्स बनाई हैं जिसके बाद शत-प्रतिशत सोननदी हो रहे अवैध रेत खनन पर लगी पोकलेन मशीन, हाइवा ट्रक वालों पर बतौर सख्ती वाहनों को जब्ती की कार्यवाही होना है लेकिन इसके ठीक विपरीत इन सुनहरी रेत के सौदागरो ने दर्जन भर पोकलेन मशीनी पंजे बदस्तूर रेत खनन करने मे मदमस्त है इन रेत खनन परिवहन करने के खिलाफ निश्चित है तगड़े मैनेजमेंट सिस्टम एवं प्रशासनिक गठजोड़ की बात जिले में हर आम और ख़ास हो रही जिसमे बतलाया जा रहा है कि जिले के कलेक्टर को लगातार इस मामले पर पूरा विश्वास जताकर गुमराह किया जा रहा है। इसपर जिले के मुखिया को गंभीरता पूर्वक संज्ञान लेते हुए रेत माफियाओ पर शिकंजा कसा जाना चाहिए और इसके अलावा अब तक हुई सोननदी के ताबड़तोड़ खनन पर राजस्व का नुकसान पर जवाबदेही सुनिश्चित कर क्षतिपूर्ति के लिए प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।
शहडोल बुलेटिन इस तरह के रेत, पत्थर, कोयला (खनिज) खनन करने वाले माफियाओ की इस हरकत की निंदा करता है यदि आपके पास इससे जुडी जानकारी है हमसे साझा करना चाहते हैं तो व्हाट्सएप करे 9575511705 पर. गोपनीयता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध.
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