आरोप: साहब है रिश्वतखोर - महंत ..अब बस से उतारी सवारी मचा त्राहिमाम ।।। - ShahdolBulletin

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गुरुवार, 22 अगस्त 2019

आरोप: साहब है रिश्वतखोर - महंत ..अब बस से उतारी सवारी मचा त्राहिमाम ।।।


शहडोल । आरटीओ की चली ताबड़तोड़ कार्यवाही के बीच दुधमूहे बच्चे को लेकर परेशान महिला यात्री।


शहडोल । बस आनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए ।




आरोप: साहब है रिश्वतखोर - महंत
..अब बस से उतारी सवारी मचा त्राहिमाम ।।। 

शहडोल बुलेटिन। जिले में परिवहन विभाग में गुरुवार की सुबह अचानक बस आनर्स की तमाम रूट पर चलने वाली बसो की धरपकड़ शुरू हो गई। इस दौरान बस आनर्स एसोसिएशन ने पत्रकारवार्ता रखी जिसमें शहडोल आरटीओ आशुतोष सिंह भदोरिया की विवादास्पद कार्यप्रणाली को उजागर किया। एसोशियेशन के अध्यक्ष भागवत प्रसाद गौतम ने सीधा आरोप लगाया है कि आरटीओ को 30-40हजार रूपये प्रति परमिट के चक्कर में परमिट पर परमिट साहब ने जारी कर दिया इससे आपसी द्वंद और अंतर्विरोध हो गया है इसी समस्या का समाधान की हमारी माँग है। प्रतिदिन लडाई झगड़े की स्थितिमेंकिसी दिन अनहोनी घटना घटित होने की संभावना भी है जिसकी कोई पूछपरख आरटीओ ने आज तक नहीं की है। जबकि इसके विपरीत आरटीओ आशुतोष सिंह भदोरिया के तमाम बैचमेट शहडोल में बस आनर्स पर दबाव बनाने द्वेषपूर्ण कार्यवाही पर उतारू है। ऐसा आरोप पत्रकारवार्ता में बस आनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भागवत प्रसाद गौतम ने लगाया है जो कि बेहद गंभीर है।

शहडोल । आरटीओ कार्यालय के सामने बस सवार यात्रियों को उतार दिया। इनका क्या कसूर।

झगडों में पिसे यात्री@

बताया गया है कि गुरूवार को द्वेषवश परिवहन विभाग ने शहडोल रीवा एवं शहडोल बुढार पर कार्रवाई की इस दौरान कई बसो की जब्त की गयी जिसके बाद बस सवार यात्रियों को बीच सडक उतार दिया। जिससे सडक जाम भी रही आरटीओ कार्यालय के सामने से पैदल लोगों की भीड़ के बीच कई बुजुर्ग, महिलाओं और बच्चों को देखा गया। जो कि मानवीय संवेदनाओं की परखच्चे उड़ाने का घिनौना काम किया है जिसकी शहर के संभ्रांतजनो ने निंदा की है। आखिर एक परिवहन अधिकारी यात्री सुविधाओं का हनन होते कैसे मजे से देखते रहे। हा यहाँ आरटीओ ने अपना ईगो को हर्ट होने नहीं दिया। वहीं एक तरफ आरटीओ और बस आनर्स की जंग छिड़ी है तो दूसरी ओर बस में शहडोल  जाने के लिए बस में बैठी श्यामकली अपने दुधमूहे बच्चे को आरटीओ कार्यालय के सामने से पैदल गोरतरा तक पहुंचाने में घंटों मशक्कत करनी पड़ी फिर आटो वाले ने बस स्टैंड पर लाकर छोडा। 

शहडोल । आरटीओ आशुतोष सिंह भदोरिया के वाहन पर मिला पत्र। बिना पत्रवाहक आ पहुंचा।

और धमकी वाला कागज़@
जिले में परिवहन विभाग में पदस्थ आरटीओ के कार्यकाल वो सब कुछ हो रहा है जिसकी इतिहास में किसी ने परिकल्पना नहीं की होगी। बस आनर्स और विभाग में पदस्थ आरटीओ साहब की मानो निजी लडाई सडकों पर आ गई है बीते दिनों अभद्र लहजे में हुआ जवाब सवाल से बढकर पुलिस थाने तक पहुंच गया। जिसमें पुलिस की कसावट को भी आडे हाथ लेने से भी गुरेज ना किया। भूमिका कुछ ऐसे बनाई की बस आनर्स के तोते उड़ गए। साहब की बिछाई बिसात पर सारे बस आनर्स दुबक कर बैठ जाते तो ठीक था पर गोटी उल्टी दिशा में बदलने लगी। जब तमाम आनर्स पत्थर लपेटकर धमकी वाला कागज़ की निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस अधीक्षक और जिले के कलेक्टरकेपास पहुँच गए। आश्वासन भी दिया गया मामले की वास्तविकता से पर्दा उठेगा।

जनचर्चा तो यह भी है कि आरटीओ आशुतोष सिंह भदोरिया की शहडोल पहली पोस्टिंग है लेकिन बहुत ही कम समय में जिले में परिवहन विभाग के अधिकारी अपने ईगो को पत्थर में लपेटकर धमकी वाला कागज़ ढूंढ ही लिया। जिसकी अक्षरशः सत्यता की जांच हो तो सच्चाई सामने आ जाएंगी।

वहीं इधर पत्रकारवार्ता उधर बेबस यात्री प्रशासन की ऐसी व्यवस्था को कोसते रहे और परिवहन ठप्प बस जब्त, अनशन पर बस आनर्स एसोसिएशन शहडोल आरटीओ हटाओ शहडोल पर बस आनर्स एसोसिएशन की माँग।

@महिला सुरक्षा की अनदेखी
जहाँ एक ओर शासन द्वारा महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा को लेकर कई प्रयत्न किए जा रहे हैं वहीं शहडोल पूर्व आईजी द्वारा दिए गए एक आदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर निर्देशित किया गया था आपातकालीन स्थिति पडने पर 100 डायल की मदद ले सकती हैं आज की कार्रवाई के बाद महिलाओं, बुजुर्ग एवं मासूम बच्चों को सडकों पर भटकने के लिए मजबूर कर दिया आखिर इनका कसूर क्या था जो भाडे के पैसे देकर भी आज मुकाम तक पहुंचाने काफी मशक्कत करनी पड़ी। कार्यवाही का उद्देश्य चाहे जिस किसी के हित में हो परेशान हुआ यात्री। इन परेशानियों का कौन है जिम्मेदार। आरटीओ की कार्यशैली से बस मालिकों द्वारा रिश्वतखोरी का आरोप लगाया है इन आरोप की जांच कौन करेगा। और जांच कब तक चलेगी।

@संगठन क्या कहता है@
बेवजह यात्रियों को बीच सडक उतार कर प्रताड़ित किया गया जिसकी कडे शब्दों में निंदा करता हूँ मामले को उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया जाएगा। लगता जिले के अधिकारियों ने मानवीय संवेदनाओं की तिलांजली दे दी है।
पवन सोनी

जिला अध्यक्ष, शहडोल 
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग दिल्ली
प्रशासनिक प्रतिक्रिया@

अनैतिक दवाब बनाने के लिए बस आनर्स एसोसिएशन का दबाव है बस। जो आरोप लगाया निराधार है।
आशुतोष सिंह भदोरिया
आरटीओ,  जिला शहडोल
मध्यप्रदेश
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