1000 करोड़ का एनएच. अधिग्रहण मुआवज़ा घोटाला
- अधिसूचना जारी होने के बाद हुई रजिस्ट्री का मामला
राष्ट्रीय राजमार्ग अधिग्रहण मुआवज़ा घोटाला अधिसूचना जारी होने के बाद कई एकड ज़मीन डिस्मिल मे बदल गई, यहा अनुमानित 70लाख प्रति भूस्वामी वितरित होगा, इसी लाभ के लिए ब्यौहारी रजिस्ट्रार कार्यालय में सैकड़ों लोगो की रजिस्ट्री करने उमड़ी. बहरहाल रजिस्ट्री हो चुकी हैं कुछ होना बाकी भी है मीडिया और समाजसेवियो के दखलअंदाजी के बाद रजिस्ट्री में तत्कालीन कलेक्टर ने रोक लगाई, जिसके विरूद्ध राजनेता और भूस्वामियों की दायर हाईकोर्ट मे याचिका को भी संवेदनशील मानते हुए खारिज कर दिया.... पढ़े पूरी रिपोर्ट
जय कुमार सोनी
शहडोल बुलेटिन, जिले में एक बड़ा सौदा भूमाफियाओ एवं प्रशासन के जिम्मेदार पदो पर आसीन गद्दारो के बीच होने के बाद जिले के अंतिम छोर देवलोद के जगमल से सूखा ग्राम पंचायत तक लगभग 13 गांव के किसानों की जमीन औने पौने दाम पर खरीद कर यहा रातो रात नोटबंदी के रिकार्ड भी मानो तोड दिए गए यहा प्रदेश, केंद्र सरकार को ऑनलाइन धोखा दिया गया, जिले का ब्यौहारी, देवलोद के बीच लगभग 10 गाँव के बीच निकला रूट शुरूआती दिनो से ही विवादित रहा राष्ट्रीय राजमार्ग अधिग्रहण का सर्वे मे लगी कंपनियों के नुमांइदो ने पहले तो गलत रूट को बनाया जहा एनएचआई को जबरन दस से सौ फिसदी अधिक मुआवज़ा घोटाला किया जा सके जबकि यहा 10 किलोमीटर की बाइपास सड़क अगर नागरिक सुरक्षा, सुगमता के साथ सरकारी आर्थिक खर्च कम करने वाला सर्वे फाइनल किया होता तो शायद इससे निजी आर्थिक लाभ में कंपनी और भूमाफियाओ को तगड़ा नुकसान उठाना पड़ता. यही कारण है जो तमाम पहलू जानने के बाद भी मैनेजमेंट सिस्टम की बदौलत रीवा शहडोल पर ब्यौहारी बाइपास रूट जगमल, भमरहा2, चचाई, चदौली सूखा, नादो, भैसताल, मऊ कुल 10 ग्राम की ज़मीन पर खेल खेला गया जिससे लगभग 1000 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया.
जमीनो की सैकड़ों की तादाद मे रजिस्ट्री कर दी गई वही मीडिया और समाजसेवियो के हस्ताक्षेप के बाद रजिस्ट्री में अगस्त 2019 रोक लगी तत्कालीन कलेक्टर सहित एसडीएम, तहसीलदार मामले में महज तमाशाई की भूमिका मे रहकर केंद्र सरकार को चुनौती दी, सूत्रों की माने तो जमीन औने पौने दाम पर खरीद कर करोड़पति मुआवज़ाधारियो की सैकड़ा भर भीड़ मुआवज़ा घोटाला कर प्रदेश में नया कारनामा कर अपने आप में कीर्तिमान रच डाला हैं
जमीनो की सैकड़ों की तादाद मे रजिस्ट्री कर दी गई वही मीडिया और समाजसेवियो के हस्ताक्षेप के बाद रजिस्ट्री में अगस्त 2019 रोक लगी तत्कालीन कलेक्टर सहित एसडीएम, तहसीलदार मामले में महज तमाशाई की भूमिका मे रहकर केंद्र सरकार को चुनौती दी, सूत्रों की माने तो जमीन औने पौने दाम पर खरीद कर करोड़पति मुआवज़ाधारियो की सैकड़ा भर भीड़ मुआवज़ा घोटाला कर प्रदेश में नया कारनामा कर अपने आप में कीर्तिमान रच डाला हैं
जिले के कई समाजसेवी, मीडिया मित्रो ने तत्कालीन कलेक्टर, कमीश्नर से मामले में कार्यवाही की मांग की थी परंतु इस मामले मे हजारों करोड़ रुपये का राष्ट्रीय राजमार्ग अधिग्रहण मुआवज़ा की भारी पड़ गया वजन ने शिकायत पर कार्यवाही की फाइल दबा दी. जिसके बाद मामले पर एनएचआई, मुख्यमंत्री समेत पीएमओ को भी की गई है सरकारी खजाने मे लगने वाली सेंध के मामले में शिकायतकर्ता न्यायालय की शरण मे भी है
जिले में अब तक यहा कांग्रेस अंतर्कलह से जूझ रही हैं वही बडे बडे पदाधिकारियो की फौज सरकारी कार्यालयों में वसूली के आरोप प्रत्यारोप लगाए जाते रहे हैं लेकिन इस ओर किसी भी पार्टी की ओर से बड़ा कदम उठाने से अब गुुरेज किया जाना समझ से परे है.




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