अमर्यादित टिप्पणी: सालो जहाँ मन पडता है वहीं घुसे चले आते हो, चलो निकलो भागों..
सुनिए साहब ....ये लोग खनिज, कबाड़, चोर, डकैत नहीं, इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स है
सिटी डेस्क
शहडोल बुलेटिन । जिले मुख्यालय में सोमवार इंजीनियरिंग छात्रों ने अपनी बिल्डिंग, फैकल्टी और लेबोरेट्री की मांग को लेकर पांडवनगर पालेटिक्निक कालेज से कलेक्ट्रेट रैली के माध्यम से स्वयं की यातायात व्यवस्था को बनाए रखते हुए लगभग 1 घंटों में कलेक्ट्रेट परिसर इंजीनियरिंग कालेज छात्रों का जत्था मुख्य गेट से गुजरते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचा। इस दौरान कई नारे लगाएं परंतु शालीनता का ध्यान में रखते हुए। वी वान्ट जस्टिस, वी वान्ट जस्टिस, स्टूडेंट मांगे फैकल्टी।
बस कुछ देर तक चलता रहा लगभग 18_20 मिनट बाद कोतवाली पुलिस का तेज रफ़्तार वाहन कलेक्टर कार्यालय आ पहुंचा जिसमें सवार कोतवाली थाना प्रभारी रावेन्द्र द्विवेदी एवं एसआई दिलीप सिंह उतरे। थाना प्रभारी ने अपनी जायज माँग के लिए खडे छात्र-छात्राओं पर बरगलना शुरू किया। और आवेशित मुद्रा में संयम तोडती जुबान से बदजुबानी कर दी ज्ञापन सौंपने आए छात्र-छात्राओं को अभद्र लहजे में कहा सालो जहाँ मन पडता है वहीं घुस जाते हो चलो निकलो भागों यहाँ से वरना सब को जेल में डाल दूगा। हालांकि दिलीप सिंह ने ऐसा कुछ भी नहीं कहा परंतु साहब की इस शब्दावली को अमूमन अपराधी और कुख्यात व्यक्तियों के लिए इस्तेमाल किया होता तो समझ में आता परंतु शालीनता और गांधीवाद की राह पर चलकर अपनी साल भर की पढाई चौपट ना हो जाएं की बात से चिंतित छात्रों से समझा कर बात की जा सकती थी जैसे शत-प्रतिशत रैली धरना-प्रदर्शन में हुआ करता है। सूत्रों के हवाले से खबर यह भी है कि कलेक्ट्रेट गेट पर पुलिस की ड्यूटी के बावजूद कोई गेट और बैरियल पर मौजूद नहीं था और जिसकी वजह से इंजीनियरिंग कालेज छात्रों का जत्था मुख्य गेट से गुजरते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय के समक्ष नारे लगाने लगे। गलती यहाँ स्वयं पुलिस के जिम्मेदार नुमाइंदो की थी जिन्होंने रोका नहीं। जिसके चलते डपट भी आला अधिकारियों ने लगाई है इस नाराजगी कजो हिर सी बात है बेकसूर इंजीनियरिंग कालेज के छात्रों पर निकाला गया। जो बेेबेहद शर्मनाक है।
जिले के लोकप्रिय कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को मामले में संज्ञान अवश्य लेना चाहिए। शहडोल बुलेटिन अपनी जिम्मेदारी समझते घटना का सचित्र वृत्तान्त का निष्पादन किया है कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने हुई बदजुबानी का लाइव विडियो सुरक्षित भी शहडोल बुलेटिन के पास सुरक्षित है।


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