उपलब्धि: कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती और मेहनत करने वालों को मंज़िल मिल ही जाती है : राज आशू..
सिटी डेस्क
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शहडोल बुलेटिन। शहडोल जैसे एक छोटे से शहर से निकले, मुंबई के नामी म्यूज़िक डायरेक्टर्स के बीच अपनी जगह बनाने वाले राज आशू का बॉलीवुड तक का सफर काफी उतार चढाव भरा रहा, लेकिन अपनी प्रतिभा, मेहनत और लगन के दम पर आखिरकार उन्होंने अपनी जगह बना ही ली।
राज का, हाल ही में रिलीज़ हुआ टी सीरीज का साँग "जुत्ती" श्रोताओं द्वारा बेहद पसंद किया जा रहा है। रातों रात सुपरहिट हो चुके जुत्ती साँग के बारे में राज कहते हैं कि, " जुत्ती आज के चलन का साँग है। इसकी धुन और लिरिक्स तुरंत जुबां पर चढ़ जाते हैं। सीपी की आवाज़ में इस साँग को बहुत पसंद किया जा रहा है"।
संघर्ष के दिनों को याद करके राज कहते हैं की," मुंबई में जितना मुश्किल काम पाना है उतना ही मुश्किल यहाँ टिक पाना है। स्ट्रगल के दिनों में मैंने भी कई दिन भूखे रहकर गुज़ारे, एक दिन में कई ऑफिसेस के चक्कर काटे। लेकिन सबसे ज़रुरी बात यह थी की मैंने कोशिश और मेहनत करना नहीं छोड़ा "।
हाल ही में राज का कंपोज़ किया हुआ साँग "सो गया ये जहाँ" चार्टबस्टर पर सुपरहिट रहा। इसके पहले जॉन अब्राहम की फिल्म रोमियो अकबर वॉटर (रॉ) का गीत "जी लेन दे" और करणवीर बोहरा की फिल्म का, श्रेया घोषाल द्वारा गया हुआ टाइटल ट्रैक "हमें तुमसे प्यार कितना" सुपरहिट हुआ जिसे आज भी हिट नंबर्स की लिस्ट में सुना व पसंद किया जा रहा है।
राज ने बॉलीवुड में कई फिल्मों में बेहतरीन साँग्स दिए हैं जिनमें राजश्री प्रोडक्शंस की फिल्म हमचार के गीत "मनमीत मेरे" और "तुम ऐसी क्यों हो" , काशी फिल्म का गीत "तूझे ढूंढ रहा दिल" , सोनू सूद की फिल्म का टाइटल ट्रैक "तूतक तूतक तूतिया" जैसे साँग्स को श्रोताओं द्वारा बहुत पसंद किया गया।
टी सीरीज़ जैसी बड़ी म्यूजिक कंपनी के लिए उन्होंने अनगिनत साँग्स कंपोज़ किये हैं जिनमें रोमांटिक ट्रैक "हर लम्हा", और त्योहारों पर धूम मचा चुके सांग्स "जय जयकार", और "गणेशा" शामिल हैं।
राज आशू जी की बॉलीवुड में एंट्री माय फ्रेंड गणेशा २ से हुयी थी जिसके बाद ये सिलसिला कभी नहीं थमा। राज बताते हैं की बॉलीवुड तक पहुंचने के लिए उन्हें उनके पिता श्री अशोक पांडेय जी, जो स्टेट बैंक में कार्यरत थे, ने काफी प्रोत्साहित किया। वे कहते हैं "पापा ने मेरे इस डिसिशन को सपोर्ट किया और मेरी महनत पर विश्वास किया, आज मैं जो कुछ भी हूँ उनके ही आशीर्वाद से बना हूँ ।मेरी पत्नी सीपी ने मेरे हर संघर्ष में मेरा साथ दिया और वे मुझे यकीन दिलाती रहीं की आने वाला समय मेरे लिए कामयाबी लेकर आयेगा"।
राज आशू जी ने न सिर्फ म्यूजिक इंडस्ट्री बल्कि एडवरटाइजिंग जगत में भी शोहरत हासिल की है।
बॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्री के हर उम्दा सिंगर के साथ काम कर चुके राज के आगे कई प्रोजेक्ट्स रिलीज़ की कगार पर हैं।
शहर के प्रतिभावान कलाकारों को क्या सलाह देना चाहेंगे? इस पर राज का कहना है कि "आप जिस भी विधा को चुनें उसमें अपना १०० परसेंट दें। मुंबई मेहनत करने वालों को वापस नहीं जाने देती। अपने रास्ते आपको खुद बनाने होंगे, आप चल पड़ेंगे तो रास्ते भी बनते जाएंगे"।
कामियाबी हासिल करने के बाद भी ज़मीन से जुड़े हुए राज, एक बहुत सौम्य व्यक्तित्व के धनि है।हम कामना करते हैं कि इनका भविष्य उज्जवल हो, और इन्हें श्रोताओं का भरपूर प्यार और आशीर्वाद मिलता रहे।
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