Header Ads Widget


 

Ticker

6/recent/ticker-posts


गुडगवर्नेंश: जनसुनवाई में दिव्यांग की त्वरित सुनवाई, सुर्खियों मे कलेक्टर ललित दाहिमा की संवेदनशीलता 

  •  सूरज की बेटी अब पढ़ने भी जायेगी स्कूल
  • मांगी थी ट्रायसाईकिल, मिला अवरोध रहित शिक्षा की जिम्मेवारी  


शहडोल बुलेटिन। कलेक्टर ललित दाहिमा को आज सुनवाई कार्यक्रम में शहडोल नगर के पुरानी बस्ती निवासी 36 वर्षीय सूरज चैधरी ने बताया कि मै दिव्यांग होने के कारण चलने फिरने में सक्षम नही हूॅ मुझे अपनी दैनिक दिनचर्या के लिए दूसरो पर आश्रित रहना पड़ता है, मुझे 3-4 वर्ष पूर्व ट्राई साईकिल उपलब्ध कराई गई थी, जिसकी चोरी हो जाने के कारण अब मुझे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सूरज ने बताया कि मेरी आर्थिक स्थिति अच्छी नही है, बडी मुश्किल से जीवन गुजर बसर हो रहा है। मेरे तीन बच्चे भी है गरीबी के कारण मै उन्हें पढ़ा लिखा भी नही पा रहा हॅू। शहडोल जिले के संवेदनशील कलेक्टर श्री दाहिमा ने सूरज चैधरी की आपबीती सुनकर भाव बिव्हल होकर सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग एवं उप संचालक पंचायत एवं सामाजिक न्याय को तलब कर उनसे श्री सूरज को हर संभव सहायता देने के लिए कहा। 

कलेक्टर ने सूरज चैधरी को नई ट्राई साईकिल उपलब्ध कराया तथा आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित संकटापन्न मद से 5 हजार रूपये की आर्थिक मदद एवं उसकी बच्ची का स्कूल में दाखिला कराने के निर्देश सहायक आयुक्त को दिए। कलेक्टर के हाथों ट्राई साईकिल पाकर सूरज चैधरी का चेहरा खुशियों से चमक उठा। सूरज चैधरी ने मध्यप्रदेश शासन की जनहितकारी योजनाओं एवं कलेक्टर श्री ललित दाहिमा के आत्मीय सहयोग के लिए तहे दिल से धन्यवाद देते हुए कहा कि जिस जिले में ऐसे सजग एवं सहयोगी कलेक्टर रहेंगे, वहाॅ कोई भी निराश्रित नही रहेगा। सबका सहयोग अपनत्व की भावना से करने वाले हृदय स्पर्शी एवं दूरदर्शी तथा दूसरे के दर्द को अपना समझने वाले कलेक्टर की हृदय से भूरि-भूरि प्रंशसा करते हुए धन्यवाद दिया।







बेवक़्त, बेवजह, बेहिसाब मुस्कुरा देता हूँ,
आधे दुश्मनो को तो यूँ ही हरा देता हूँ!!