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शुक्रवार, 25 अक्टूबर 2019



सट्टाबाजार: कागज़नगरी मे शंकू के अंकगणित का मायाजाल 


  • लोकल पुलिसिंग मैनेजमेंट बदौलत छूट-संरक्षण 
  • आला अधिकारियों से कारवाई की मांग



क्राइम डेस्क 
9575511705
शहडोल बुलेटिन। जिले की कागजनगरी अब अवैध कारोबार के गढ के नाम से जाना जाती है इसका मुख्य कारण इन दिनों इस पूरे क्षेत्र में संचालित अवैध कारोबार इस क्षेत्र के नुमाइंदो के हाथों में है जिन्होंने अपनी जेब भरने के लिए लोगों की गाढी कमाई में सेंध लगाने से पीछे नहीं हटते है एक रूपये मे अस्सी का लालच देकर इस सट्टा कारोबारी ने स्थानीय कर्मचारी के दाने दाने को मोहताज बना दिया है। खास बात तो यह है खाकी महकमें को इस बात कि ना सिर्फ जानकारी है बल्कि महकमें के कुछ कर्ताधर्ता इलाके के एक शख्स को मूक सहमति देकर मिली भगत की तर्ज पर रोजाना लाखों का कारोबार कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक खाकी की आड़ में स्थानीय स्तर पर पदस्थ ये कर्मचारी बकायदे इस धंधे में पार्टनर हैं और प्रतिदिन के हिसाब में मोटी कमाई का हिस्सा बांटा होता है।

शंकू की सच्चाई सामने...
सूत्र बताते हैं कि जिले में ओरियंट पेपर मिल एक ऐसा क्षेत्र है जो पूरे जिले के सतत संपर्क में रहता है। स्थानीय कर्मचारियों , उद्योग, व्यापार, आस पास के सैकड़ो ग्रामों के ग्रामीण ईलाकों के साथ, ट्रांसपोर्ट व्यापारियों की बड़ी संख्या निवासरत है। जिसकी वजह से पूरे इलाके कि आर्थिक व्यवस्था पर सदैव ही मजबूत रही है, लेकिन इन दिनों शंकू नामक एक शख्स इस पूरे क्षेत्र में अपनी गहरी पैठ बनाकर 1-80 के कारोबार से ना सिर्फ दिनदहाड़े भोले भाले युवाओं और श्रमिकों की जेब पर ड़ाका ड़ालनें का काम रहा है बल्कि स्थानीय स्तर पर खाकी के कुछ अधीनस्थों से सांठ- गांठ कर अपनें इस अवैध काम पर चार चांद लगानें में लगा हुआ है, बावजूद इसके स्थानीय  पुलिस शंकू पर कार्यवाही करनें की बजाय इस अवैध काम के लिये मूक सहमति देती नजर आ रही है।

गंदा है पर धंधा है....
सट्टे का कारोबार समाज के लिये भले ही कितना ही बड़ा अभिषाप हो और बीते लंबे समय में कोयलांचल में ऐसे सैकड़ो उदाहरण भले ही सामनें आये हों जिसमें ना जानें कितनों के घरौंदे उजाड़ दिये हों पर इसकी परवाह किये बिना इस पूरे ईलाके में बेखौफ सट्टे का कारोबार जारी है। सूत्र बताते हैं कि शंकू नामक यह शख्स ओपीएम ईलाके में सट्टे के कारोबार का बेखौफ संचालन करते हुये रोज मजदूरों, श्रमिकों की जेब काट रहा है, इस धंधे में सामाजिक स्तर पर चाहे लाख बुराई हो लेकिन यह शख्स गंदा है पर धंधा है कि तर्ज पर सबकुछ भूलकर लगातार इस धंधे को बढ़ानें में लगा हुआ है।



मजदूर- श्रमिकों के परिवार त्रस्त...
इस पूरे ईलाके में व्यापारियों के साथ ही ग्रामीण इलाकों से जुड़े हजारों ग्रामीण मजदूर जीवन यापन के लिये इस इलाके का रुख करते हैं इसके साथ ही हजारों श्रमिक कर्मचारी भी इस इलाके में निवासरत हैं, इस पूरे अवैध धंधे में शंकू के ये सब से बड़े ग्राहक है। मोटी कमाई का लालच देकर शंकू नामक यह शख्स इस पूरे क्षेत्र में लगभग दर्जन से ज्यादा ठीहे बनाये हुये हैं जहां मजदूर और श्रमिक लगातार दिन भर कि गाढी़ कमाई लालच में लुटा रहा है।



आधुनिक है पूरा कारोबार...
शंकू द्वारा संचालित सट्टे का यह पूरा कारोबार हाईटेक तरीके से संचालित होता है, पान टपरों से लेकर, चौराहे और मोहल्ले में कई ठीहे हैं जहां शंकू के इस कारोबार से जुड़े लोग बकायदे श्रमिकों और मजदूरों को ना सिर्फ अपना टारगेट बनाते हैं बल्कि लोक लुभावन सपनें दिखाकर उनसे मोटी रकम सट्टे में लगाकर सार्टकट तरीके से पैसा कमानें का सब्जबाग दिखाते हैं नतीजन लगातार इस ईलाके में युवाओं से लेकर श्रमिक लुट रहे हैं लेकिन पुलिस महकमा इस पर कार्यवाही करनें की बजाय चुप्पी साधे हुये है।

पुलिस की ढील की डील...?
गौरतलब हो कि इलाके में इस तरह के अवैध कारोबार के पनपने के कारण दिन-ब-दिन अपराध की दिशा में युवाओं के कदम बढते हुए नजर आ रहे हैं जिससे निकट भविष्य में इलाके में अपराध और अपराधियों की संख्या में इजाफा हो जाएंगा। तब अपराधिक घटनाओं मे नकेल कसा जाना आसान नहीं होगा, यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि इलाके की स्थानीय पुलिसिंग की बदौलत फल फूल रहा कारोबार कथित शंकू नामक व्यक्ति के लिए सुविधा शुल्क की अदायगी के एवज में साहब की ढील की डील है। नगर के संभ्रांतजनो ने शहर की बिगड़ती व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जिला मुख्यालय के आला अफसरों से मांग की है।



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