OMG.... एमपीडब्लू आर.के.शुक्ला को किसने बनाया डॉक्टर, मरीजों को जान का जोखिम
जखीरा दवाओं का, ग्लूकोज़ और ब्लड टॉस्फूजन सेवा यहाँ उपलब्ध है
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क्राइम डेस्क
शहडोल बुलेटिन। जिले के जयसिहनगर ब्लाक के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) में पदस्थ प्रभारी बीपीएम आर. के. शुक्ला (एम.पी.डब्ल्यू) कर रहे हैं मरीज की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं आश्चर्य की बात यह भी है कि श्रीमान ने अपने इस कारनामे से झोलाछापो को भी मात दे डाली है इन्होंने बाकायदा 02-03 बिस्तरा वाला आकस्मिक चिकित्सा के लिए क्लीनिक कम हॉस्पिटल में तब्दील कर दिया, जिसके कारण यहा के अनपढ़, सीधे साधी, भोली भँली जनता इन्हें सरकारी अस्पताल सीएचसी का कुशल डॉक्टर साहब समझ कर हर छोटी बडी बीमारियों का इलाज ढूंढने इनके आडंबर वाली जेबकटाऊ दुकान में आती है लेकिन डॉक्टर साहब इन लोगों का इलाज कराने के लिए यहा इमानदारी से संसाधन जुटा रखे हुए हैं यहाँ रखे यंत्र थर्मामीटर से लेकर ब्लड, शुगर की जांच करते हैं और इसी तरह प्रतिदिन 30-100 मरीज बडी शिदद्त से करते हैं। आश्चर्य तो इस बात की है जयसिहनगर शहडोल मुख्य मार्ग पर लगी जानलेवा डॉक्टर की दुकानदारी बेरोकटोक संचालित है, जबकि जयसिहनगर थाना महज 10 मीटर से ज्यादा दूरी का नही है विडम्बना जिम्मेदार अधिकारियों ने यहाँ कार्यवाही से मुह मोड़ रखा है, जाने क्यों ऐसा लगता है कि मामले में साठगांठ की जनचर्चा आम है स्थानीय शासकीय हॉस्पिटल प्रबंधन (सीएचसी) मे पदस्थ आर. के. शुक्ला एमपीडब्लू को जयसिहनगर इलाके की जनता की जान जखिम मे डालकर स्पष्ट प्रमाणित जिम्मेदार अधिकारियों की आखों मे धुल झोंका जा रहा है कि जानकारी नहीं है।
मामले में जयसिहनगर के वरिष्ठ जनो ने जिला मुख्य स्वास्थ्य एव चिकित्सा अधिकारी राजेश पाण्डेय के साथ जिले के मुखिया संवेदनशील कलेक्टर ललित दाहिमा से मामले में मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ बीपीएम आर.के. शुक्ला की शर्मनाक कार्यों की जांच कर दंडात्मक कार्यवाही किए जाने की मांग की है।
इस मामले में यहाँ उपलब्ध नकली डॉक्टर साहब ने कार्डियक चेक अप छोडकर बाकी तमाम बीमारियों का अपने आप को आल एन वन की तर्ज पर आल राउंडर बतलाया। जाने क्यों ऐसे लोग चंद पैसे के लिए पब्लिक की जान से खिलवाड़ करने से भी पीछे नहीं हटते है। और बडे शर्म की बात की है जयसिहनगर शहडोल मुख्य मार्ग पर लगी दुकानदारी की सूचना और फोटो जिम्मेदार अधिकारियों को मीडिया द्वारा दी जाती है अब श्रीमान जिम्मेदार अधिकारी पहले मीडिया के उपलब्ध कराएं तथ्यों की जांच करे और तब तक चिकित्सा पद्धति को कलंकित करने वाले तथाकथित डॉक्टर साहब निजी क्लिनिक का स्वरूप परिवर्तित कर ले।।। आखिर बात अपने बीच की होंगी । वरना ताल तमुरा जब्त कर जेल भेजा जाना चाहिए ऐसे लोभी महापुरुष को।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया .....
आपके द्वारा जानकारी दी गई है हम मामले मे तथ्यात्मक जानकारी लेकर अवश्य कार्यवाही की जाएगी।
राजेश पाण्डेय
मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी
जिला शहडोल
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