राज्यपाल की सुरक्षा के साथ हो रहा खिलवाड़ पत्रकार गैलरी में घुस सकते हैं असामाजिक तत्व कार्ड बनाने में की गई लापरवाही
शहडोल बुलेटिन। जिले के कलेक्टर ने राज्यपाल के कार्यक्रम को लेकर जिस तरीके से सुरक्षा व्यवस्था की है और जिस तरीके से नियंत्रण व्यवस्था की है उसको लेकर निरंतर सवाल उठ रहे हैं। कलेक्टर के द्वारा पत्रकारों के लिए बनवाए गए कार्ड में जहां किसी भी तरह के मानक मापदंडों का प्रयोग नहीं किया गया है वहीं राज्यपाल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं क्या कलेक्टर के द्वारा शहडोल जिले के कार्यक्रम में राज्यपाल के कार्यक्रम को लेकर अनियमितता बरती जा रही है इसके पीछे कोई राजनीतिक षड्यंत्र है इस बात को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है जानकारों की मानें तो कार्ड में ना तो किसी भी पत्रकार की फोटो लगाई गई है और ना ही उसे प्रमाणित करने के लिए ऐसी कोई व्यवस्था का पालन किया गया है जिससे कि यह सुनिश्चित हो सके कि पत्रकार गैलरी में पहुंचने वाले पत्रकार शहडोल जिले के ही पत्रकार हैं अथवा कोई असामाजिक तत्व उनके बीच में घुसकर कहीं कोई घटना को अंजाम ना दे दी गौरतलब है कि पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय में पहले ही भाजपा नेताओं को लेकर स्थितियां गंभीर नजर आ रही हैं जहां सांसद और विधायक का नाम पत्रकार सांसद और विधायक का नाम कार्ड से गायब कर दिया गया वहीं क्षेत्रीय भाजपा नेताओं के द्वारा यहां पर काले झंडे दिखाने की भी बात कही जा रही है इन स्थितियों में अगर कोई गंभीर घटना घटित होती है तो इसके लिए कलेक्टर के द्वारा कौन से सुरक्षा उपाय किए गए हैं क्या उनके द्वारा इस घटना को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही की गई कि नहीं की गई इसको लेकर एक जांच दल गठित किया जाना चाहिए जिससे यह स्पष्ट हो सकेगी इस तरह की स्थितियों में प्रदेश शासन राज्यपाल की सुरक्षा सुनिश्चित कर पाएगा।


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