चूंदी नदी मे जिम्मेदार काँट रहे थे चाँदी..?
@नदियों के अस्तित्व मिटाने पर आमदा है जबरा# नवाब रेत माफिया
#CM की प्राथमिकता माफियाराज का होगा अंत, संलिप्त पर गिरेगी गाज
@नदी को बना डाला पाताल, कंप्यूटर बाबा की पड़ताल
@नदी को बना डाला पाताल, कंप्यूटर बाबा की पड़ताल
क्राइम डेस्क
9425111809
शहडोल बुलेटिन। अनूपपुर दौरे पर आये मां नर्मदा, मा क्षिप्रा और मा मंदाकिनी नदी न्यास के अध्यक्ष कम्प्यूटर बाबा मंगलवार की दोपहर करीब 2 बजे सिंगरौली जाते समय जयसिंहनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत भठगवां खुर्द स्थित चूंदी नदी में हो रहे रेत के अवैध उत्खनन की जानकारी लगते ही वहां पहुंच गये, हालाकि कम्प्यूटर बाबा का पूर्व से उक्त स्थल पर जाने का कोई कार्यक्रम निश्चित नहीं था, लेकिन रास्ते में ही किसी सूचना के बाद उन्होंने अपना मार्ग बदल दिया और नदी के समीप जा पहुुंचे। कंप्यूटर बाबा से मिली जानकारी के मुताबिक बाबा के पहुंचते ही नदी के बीच से रेत निकल रही पोकलेन का चालक मौके की नज़ाकत को समझते हुए तेज गति से नदी के पास सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने मे सफल रहा। चूँकि बाबा
को माफियाओ की यह ट्रिक पहुचने पर पता चली कि कैसे नदी के बगल से बना जुगाड़ की सडक से पल झपकते साइड में छिपाने की तय शुदा जगह पर खामोश हो जाती थी।
जब्ती की मलाई जिम्मेदारो ने खाई...
जानकार बताते हैं कि नदी से लगभग 100 मीटर दूर पर अवैध उत्खनन करने के लिए लाई गई मशीन को खड़ा किया गया पाया गया। रिकार्ड मे अंकित किया जाना ही मैनेजमेंट की कहानी बयां करती है। वही इसके विपरीत प्रशासन को आम-जन द्वारा अवैध खनन की जानकारी दी जाती रही हैं इस पर कार्यवाही की बजाए सौदेबाज़ी कर मध्यप्रदेश गौण खनिज अधिनियम को निजी लाभ के लिए बेजा इस्तेमाल किया जाता है मामले पर मीडिया की दखलंदाजी मे पत्रकारों की बात करें तो यदि चहेते पत्रकार के अलावा पत्रकारों का फोन रिसीव भी नही किया जाता है।। एक चुप हजार बला टरे की कहावत यही चरितार्थ होती है।
जब्ती हुई तो थाने लाने मे छूटे पसीने..?
मामले में घंटों मशक्कत और जिला प्रशासन को अवगत कराने के बाद मौके पर पोकलेन चैन माऊटिंग की दहाड और माफियाओ का जुगाड़ और जुगलबंदी का लाइव प्रसारण मां नर्मदा, मा क्षिप्रा और मा मंदाकिनी नदी न्यास के अध्यक्ष कम्प्यूटर बाबा ने देखा और महसूस किया। इसी भ दरमियान खनिज राजस्व की चोरी और साठगांठ बतौर 25% जिले भर की खदानों से अंडरटेबिल मैनेजमेंट की बदौलत पंचायत स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को मूर्त रूप देने की बजाए सरपंच, सकेट्री के जिम्मे वाली आईडी पासवर्ड रेत माफिया के कब्जे में है। और अंधाधुंध दोहन दहाड़ती चैन माऊटिंग पोकलेन मशीन के जरिए किया जा रहा है।
देर शाम पहुंचा दहलीज मे माफिया...
जिसकी जब्ती बनाने के बाद ट्रला का रोना रोया गया। जिले मे 2 दर्जन से अधिक ट्राला मौजूद हैं परिवहन विभाग से ना मांग कर फर्जी, नकली, चोर, माफिया से मधुर संबंध के चलते उसी स्थान पर सुपुर्दगी दे दी गई।
सूत्रों के हवाले से खबर यह भी है कि तथाकथित रेत माफिया दलाल नवाब नामक व्यक्ति देर रात तक खनिज विभाग की दहलीज मे बीच का रास्ता निकालने के लिए साम, दाम, दण्ड और भेद की दुहाई दे रहा था। और इसके फलस्वरूप वरदान में एक बार फिर पोडी रेत खदान की तरह 15 और 3 का खेला गया यह खेल दोहराया जा रहा है यहा थोड़ा स्थितियोंमें परिवर्तन है 3,13, 9, 18 की गणितीय अनुपात से चौथवसूल निर्मित की गई है।
9425111809
शहडोल बुलेटिन। अनूपपुर दौरे पर आये मां नर्मदा, मा क्षिप्रा और मा मंदाकिनी नदी न्यास के अध्यक्ष कम्प्यूटर बाबा मंगलवार की दोपहर करीब 2 बजे सिंगरौली जाते समय जयसिंहनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत भठगवां खुर्द स्थित चूंदी नदी में हो रहे रेत के अवैध उत्खनन की जानकारी लगते ही वहां पहुंच गये, हालाकि कम्प्यूटर बाबा का पूर्व से उक्त स्थल पर जाने का कोई कार्यक्रम निश्चित नहीं था, लेकिन रास्ते में ही किसी सूचना के बाद उन्होंने अपना मार्ग बदल दिया और नदी के समीप जा पहुुंचे। कंप्यूटर बाबा से मिली जानकारी के मुताबिक बाबा के पहुंचते ही नदी के बीच से रेत निकल रही पोकलेन का चालक मौके की नज़ाकत को समझते हुए तेज गति से नदी के पास सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने मे सफल रहा। चूँकि बाबा
को माफियाओ की यह ट्रिक पहुचने पर पता चली कि कैसे नदी के बगल से बना जुगाड़ की सडक से पल झपकते साइड में छिपाने की तय शुदा जगह पर खामोश हो जाती थी।
जब्ती की मलाई जिम्मेदारो ने खाई...
जानकार बताते हैं कि नदी से लगभग 100 मीटर दूर पर अवैध उत्खनन करने के लिए लाई गई मशीन को खड़ा किया गया पाया गया। रिकार्ड मे अंकित किया जाना ही मैनेजमेंट की कहानी बयां करती है। वही इसके विपरीत प्रशासन को आम-जन द्वारा अवैध खनन की जानकारी दी जाती रही हैं इस पर कार्यवाही की बजाए सौदेबाज़ी कर मध्यप्रदेश गौण खनिज अधिनियम को निजी लाभ के लिए बेजा इस्तेमाल किया जाता है मामले पर मीडिया की दखलंदाजी मे पत्रकारों की बात करें तो यदि चहेते पत्रकार के अलावा पत्रकारों का फोन रिसीव भी नही किया जाता है।। एक चुप हजार बला टरे की कहावत यही चरितार्थ होती है।
जब्ती हुई तो थाने लाने मे छूटे पसीने..?
मामले में घंटों मशक्कत और जिला प्रशासन को अवगत कराने के बाद मौके पर पोकलेन चैन माऊटिंग की दहाड और माफियाओ का जुगाड़ और जुगलबंदी का लाइव प्रसारण मां नर्मदा, मा क्षिप्रा और मा मंदाकिनी नदी न्यास के अध्यक्ष कम्प्यूटर बाबा ने देखा और महसूस किया। इसी भ दरमियान खनिज राजस्व की चोरी और साठगांठ बतौर 25% जिले भर की खदानों से अंडरटेबिल मैनेजमेंट की बदौलत पंचायत स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को मूर्त रूप देने की बजाए सरपंच, सकेट्री के जिम्मे वाली आईडी पासवर्ड रेत माफिया के कब्जे में है। और अंधाधुंध दोहन दहाड़ती चैन माऊटिंग पोकलेन मशीन के जरिए किया जा रहा है।
देर शाम पहुंचा दहलीज मे माफिया...
जिसकी जब्ती बनाने के बाद ट्रला का रोना रोया गया। जिले मे 2 दर्जन से अधिक ट्राला मौजूद हैं परिवहन विभाग से ना मांग कर फर्जी, नकली, चोर, माफिया से मधुर संबंध के चलते उसी स्थान पर सुपुर्दगी दे दी गई।
सूत्रों के हवाले से खबर यह भी है कि तथाकथित रेत माफिया दलाल नवाब नामक व्यक्ति देर रात तक खनिज विभाग की दहलीज मे बीच का रास्ता निकालने के लिए साम, दाम, दण्ड और भेद की दुहाई दे रहा था। और इसके फलस्वरूप वरदान में एक बार फिर पोडी रेत खदान की तरह 15 और 3 का खेला गया यह खेल दोहराया जा रहा है यहा थोड़ा स्थितियोंमें परिवर्तन है 3,13, 9, 18 की गणितीय अनुपात से चौथवसूल निर्मित की गई है।

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