विष्णुदत्त शर्मा की अध्यक्षता में भाजपा को मिलेगी नई दिशा .
मध्यप्रदेश की राजनीति में भाजपा का मास्टरस्ट्रोक.
मनोज द्विवेदी
94254 73283
अनूपपुर बुलेटिन। लंबी प्रतीक्षा एवं तमाम कयासबाजियों के बाद भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने खजुराहो के सांसद एवं प्रदेश महामंत्री विष्णु दत्त शर्मा को मध्यप्रदेश का अध्यक्ष घोषित कर दिया । शनिवार, 15 फरवरी को इस घोषणा के होते ही भाजपा खेमे मे उत्साह बढ गया। शीर्ष नेताओं के साथ आम कार्यकर्ताओं मे इस घोषणा से खुशी का माहौल है।
विष्णुदत्त शर्मा मध्यप्रदेश एवं राष्ट्रीय राजनीति का जाना माना चेहरा है। खजुराहो से सांसद विष्णुदत्त शर्मा को मध्यप्रदेश भाजपा मे राकेश सिंह की जगह पार्टी का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है । 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रदेश महामंत्री रहते हुए वे पहली बार खजुराहो सांसद बने ।
राकेश सिंह के अध्यक्ष बनने के बाद उन्हे अपनी कार्यकारिणी बनाने का अवसर नहीं मिला था। इसलिये यह अटकलें भी थीं कि शायद उन्हे पुन: अवसर मिले।लेकिन पार्टी ने यदि श्री शर्मा पर भरोसा जताया है तो इसके कई अर्थ लगाए जा रहे हैं।
विष्णुदत्त शर्मा मूलत: मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के निवासी है। वी डी भाई साहब के नाम से विख्यात श्री शर्मा 32 वर्षों से लगातार सक्रिय राजनीति में हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के वे जुझारु स्वयंसेवक रहे हैं। विद्यार्थी परिषद से राजनीति शुरू करने के बाद विष्णुदत्त शर्मा को संगठन में अनेक पद मिले । मौजूदा समय में वह भाजपा मध्यप्रदेश के प्रदेश महामंत्री थे। प्रदेश की राजनीति में उन्हें बड़ा चेहरा माना जाता है ।
वे संघ और भाजपा संगठन से जुड़े जमीनी नेता माने जाते हैं। विष्णुदत्त शर्मा 1987 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में शामिल हुए। 1993 से 1994 तक वह मप्र राज्य में सचिव रहे। विष्णुदत्त शर्मा 2001 से 2007 तक मप्र में ABVP राज्य संगठन सचिव रहे। इस दौरान विष्णुदत्त शर्मा एबीवीपी के राष्ट्रीय सचिव भी रहे। 2007 से 2017 तक मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के क्षेत्रीय संगठन सचिव रहे। 2007 से 2009 तक विष्णुदत्त शर्मा एबीवीपी के राष्ट्रीय महासचिव भी रहे ।
पार्टी ने राकेश सिंह की जगह वीडी शर्मा को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। प्रदेश अध्यक्ष की रेस में भाजपा के कई बड़े नेता शामिल थे। लेकिन अन्तिम मुहर वीडी शर्मा के नाम पर लगी ।
माना जा रहा है कि श्री शर्मा के अध्यक्ष बनने से भाजपा प्रदेश में मजबूत होगी। बुन्देलखण्ड , विंध्य प्रदेश, मालवा सहित मध्यप्रदेश में उनका व्यापक प्रभाव है। संगठन तथा आम मतदाताओं में उनकी स्वीकार्यता का लाभ पार्टी को मिलेगा। उन्हे अमित शाह तथा जे पी नड्डा का करीबी माना जाता है। सांसद एवं संघ पृष्ठभूमि के होने के कारण वे केन्द्र मे मध्यप्रदेश की आवाज बन कर कार्यकर्ताओं को मजबूती देगें।
वही इसके दूसरी ओर मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा प्रदेश अध्यक्ष को लेकर किसी के नाम पर अंतिम मोहर नही लग पाई है। शनिवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा के बाद सिंधिया समर्थक उनके नाम को लेकर फिर से आमने-सामने है।
वही इसके दूसरी ओर मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा प्रदेश अध्यक्ष को लेकर किसी के नाम पर अंतिम मोहर नही लग पाई है। शनिवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा के बाद सिंधिया समर्थक उनके नाम को लेकर फिर से आमने-सामने है।


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