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सोमवार, 30 मार्च 2020





OMG...लॉकडाउन मे भी अवैध कोयला खनन एवं परिवहनखनिज राजस्व को चूना प्रशासन की किरकिरी  




  • यादव बंधुओं का तांडव.. कालाधंधा मजदूरों की जान जोखिम में डालकर



सिटी डेस्क 
9575511705
शहडोल बुलेटिन। नवागत पुलिस अधीक्षक एवं कलेक्टर की पदास्थापना के बाद जिले भर की सुरक्षा व्यवस्था चॉकचौबद है कोरोना वायरस से बचाव के बाकायदा चेक पोस्ट पर पैनी निगरानी रखी जा रही है बावजूद इस सुरक्षा घेरे, लॉकडाउन की धज्जियां उड़ाई जा रही है बुढार थानान्तर्गत ग्राम पकरिया मे धधकते ईटभट्ठा पर खपाया जा रहा अवैध कोयले की खेप और ईट निर्माण में ना केवल आधा सैकडा मजदूरों की जान जखिम में है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि खनिज विभाग की टीम आज सुबह सुबह ही मौके पर पहुंच गई कोयला भंडारित है कि पुष्टि की गई। जिसे कागजों पर वैध दिखाने की कोशिश की जा रही है।

बदस्तूर काले हीरे की तस्करी....
अवैध कोयला मुख्य रूप से इलाके में चल रहे ईट-भट्ठों में खपाया जाता है। भट्ठा संचालकों के एजेंट सुबह से ही सक्रिय हो जाते हैं और बटुरा से बुढार रूंगटा कालरी होकर पकरिया ईटभट्ठा की ओर मुख्य मार्ग पर साइकिल, मोटरसाइकिल, पिकअप से कोयला लेकर आना शुरू कर देते हैं। (अमलाई-बुढार थानांतर्गत) प्रति  दिन अलसुबह से दोपहर तक सैकड़ों लोगों को कथित बब्बू यादव नामक व्यक्ति के अवैध ईट-भट्ठों में कोयला डंप ले जाते देखा जा सकता है। सूत्रों के हवाले से खबर यह भी है कि बटुरा विजय यादव समेत आधा दर्जन कोयला तस्कर इलाके में सक्रिय हैं जिनका मूल व्यवसाय कोयला चोरी है इनकी अर्जित संपत्तियों का आंकलन किया गया तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आएंगे। 

जाने तस्करी और घालमेल...
अवैध कोयला भंडारण के मामले में बारीकी से पड़ताल हो तो अभी और गोलमाल किए जाने का पर्दाफाश हो सकता है। अवैध कोल भंडारण के मामले में राजस्व व खनिज अमला मुआयना करते हुए छापेमारी किया तो चौकाने वाला खुलासा हुआ। कई कंपनियों की ओर से बिना अनुमति अवैध कोयले का भंडारण किया जा रहा था। इससे न केवल स्थानीय लोग प्रदूषण का दंश झेल रहे थे बल्कि कई लोग प्रदूषित आबोहवा से गंभीर बीमारियों की चपेट में आ गए हैं। 

कायदे-कानून पालन आवश्यक...
नई तकनीकों के माध्यम से यह बहुत आसान है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर में तकनीक के माध्यम से अवैध खनन काबू करने में सफलता हासिल की भी गई है। अवैध खनन के तीन तरीके हो सकते हैं। पहला, अवैध तरीके से उत्खनन। दूसरा उनका अवैघ मात्रा में भंडारण तथा तीसरा उनका अवैध परिवहन। पहले तो अगर माइनिंग विभाग फील्ड पर जांच करे तो यह संभव ही नहीं कि अवैध खनन हो जाए। दूसरा अगर ट्रकों में जीपीएस लगा दिया जाए तो किसी ट्रक का मूवमेट बिना जानकारी के संभव नहीं। कठोरता के साथ अक्षर:श कायदे-कानून का पालन सुनिश्चित किया गया जिले के लुट रही खनिज संपदा का अंधाधुंध दोहन पर विराम लगेगा और राजस्व की चोरी काफी हद तक थम जाएंगी।
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शहडोल बुलेटिन की पूरी टीम की ओर से आप सभी पाठकों से अनुरोध है कि @लॉकडाउन पर मिली छूट मे अनावश्यक घरों से बाहर निकलने निकले साथ ही कोरोना वायरस संबंधी भ्रमित करने वाली पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल ना करें यह प्रशासन के निर्देशानुसार दण्डनीय अपराध की श्रेणी में आता है।
@कोरोना को हराना है@





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